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Showing posts with the label अटल बिहारी वाजपेयी

अटल जी की अस्थि कलश यात्रा पर यह क्‍या बोल गए आजम खान

नई दिल्‍ली :  समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने रविवार को फिर विवादित बयान दिया है. उन्‍होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद निकाली जा रही अस्थि कलश यात्रा पर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा 'अगर मुझे कहीं से भी यह पता चल जाए कि मौत के बाद मुझे इतना (अटल जी की तरह) सम्‍मान दिया जाएगा तो मैं आज ही मरने को तैयार हूं.' ANI UP  ✔ @ANINewsUP If I somehow get to know that after death so much respect will be accorded to me then I would like to die today itself: SP leader Azam Khan on # AsthiKalashYatra of # AtalBihariVaajpayee 8:46 AM - Aug 26, 2018 बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्‍त को दिल्‍ली के एम्‍स में हुआ था. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके पार्थिव शरीर को 16 अगस्‍त की रात को 6ए कृष्‍णा मेनन मार्ग स्थित उनके सरकारी आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था. इसके बाद 17 अगस्‍त को उनकी अंतिम यात्रा निकालकर दिल्‍ली के राष्‍ट्रीय स्‍मृति स्‍थल पर राजकीय सम्‍मान के साथ किया गया था. उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए थे. इस...

24 अगस्त को गोवा की नदियों में प्रवाहित की जाएंगी वाजपेयी की अस्थियां

पणजी:  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां 24 अगस्त को गोवा की मांडवी और जुवारी नदियों में प्रवाहित की जाएंगी. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने बताया कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर मांडवी नदी में अस्थियां प्रवाहित करेंगे वहीं दक्षिण गोवा से भाजपा सांसद नरेंद्र सवाइकर जुवारी नदी में अस्थियां प्रवाहित करेंगे. चिकित्सकीय जांच कराने अमेरिका गये पर्रिकर 23 अगस्त को गोवा लौटने वाले हैं. तेंदुलकर ने कहा कि वह अस्थिकलश लेने के लिए दिल्ली जाएंगे. उसे यहां लाकर राज्य में कलश यात्रा निकाली जाएगी और फिर गोवा की दो प्रमुख नदियों में प्रवाहित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अस्थियां बुधवार शाम गोवा लाई जाएंगी और उन्हें यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर रखा जाएगा ताकि पार्टी कार्यकर्ता और अन्य लोग श्रद्धांजलि दे सकें. भाजपा ने पहले कहा था कि वाजपेयी की अस्थियों को देशभर की विभिन्न नदियों में प्रवाहित किया जाएगा. सभी दलों और आमजनों में लोकप्रिय पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयीका 16 अगस्त को दिल्ली में 93 साल की आयु में निधन हो गया था. पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार राष्ट्री...

वाजपेयी के निधन से मायूस है मुस्लिम परिवार, इस बार नहीं मनाएगा ईद

लखनऊ:  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लखनऊ से चुनावी नाता तो था ही, लेकिन यहां के एक मुस्लिम परिवार के साथ उनका विश्वास और भरोसे का अनोखा रिश्ता था. ईद पर वाजपेयी को किमामी सेवईयां खिलाने वाला यह परिवार उनकी याद में इस बार ईद नहीं मनाएगा. उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार में पहले मुस्लिम मंत्री और वकील एजाज रिजवी और अटल बिहारी वाजपेयी एक दूसरे को दशकों से जानते थे. वाजपेयी ने जब जब लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव का पर्चा भरा, उनके सभी कागजात तैयार करने का काम एजाज रिजवी के जिम्मे रहता था. अटल और एजाज की दोस्ती का गहरा नाता वर्ष 1998 में एजाज रिजवी के निधन के बाद भी इस परिवार के साथ वाजपेयी का रिश्ता बदस्तूर बना रहा और उन्होंने रिजवी की बेटी शीमा रिजवी को न सिर्फ राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया, बल्कि मंत्रिमंडल में उन्हें उनके पिता की विरासत भी सौंपी. रिजवी की पत्नी और उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की अध्यक्ष आसिफा जमानी के पास वाजपेयी के साथ अपने परिवार के रिश्तों की यादों का एक पूरा जखीरा है. उन यादों को साझा करते हुए बताया, ‘'अटल जी और एजाज के बीच दोस्ती का गहरा ...

जब अटल बिहारी वाजपेयी को प्रणब मुखर्जी के कुत्ते ने काट लिया था...

नई दिल्ली : दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  के निधन के बाद अब भी कई लोग ऐसे हैं जो उनसे जुड़ी अपनी यादें शेयर कर रहे हैं. हर आम और खास उन्हें अपने अपने ढंग से याद कर रहे हैं. ऐसा ही एक वाकया पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है. शर्मिष्ठा मुखर्जी ने याद करते हुए लिखा कि एक बार उनके पालतू कुत्ते 'डाकु' ने वाजपेयी जी को मॉर्निंग वॉक के दौरान काट लिया था. शर्मिष्ठा मुखर्जी ने याद करते हुए लिखा, मैं उस समय बहुत छोटी थी. एक दिन मॉर्निंग वॉक के दौरान वाजपेयी जी को हमारे पालतू कुत्ते ने काट लिया. जैसे ही मेरी मां को ये बात पता चली, वह तुरंत वाजपेयी जी को देखने पहुंच गईं. जब वहां पहुंचीं तो वाजपेयी जी ने अपनी हंसी से उनका स्वागत किया. इतना ही नहीं, उन्होंने घर में उगाई सब्जियां भी मां को भेंट में दीं. शर्मिष्ठा ने याद करते हुए लिखा, हम एक दूसरे के अच्छे पड़ोसी थे. वह अपनी कई यादें हमारे लिए छोड़ गए हैं. शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी वाजपेयी के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें महान वक्ता बताया. उन्होंने कहा, ...

हरिद्वार में अटल जी की अस्थि कलश यात्रा शुरू, हर की पैड़ी में होगा विसर्जन

नई दिल्‍ली :  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां आज यानी रविवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की जाएंगी. उनका अस्थि विसर्जन कार्यक्रम हर की पैड़ी में होगा. उनका अस्थि कलश हरिद्वार पहुंच चुका है. हरिद्वार में उनकी अस्थि कलश यात्रा शुरू हो चुकी है. इसमें बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता मौजूद हैं. अस्थि कलश यात्रा में भारी भीड़ भी मौजूद है. सुबह दिल्‍ली के राष्‍ट्रीय स्‍मृति स्‍थल से उनकी दत्‍तक पुत्री नमिता ने उनकी अस्थियां एकत्र की थीं. उनकी अस्थियों को पहले हरिद्वार के पन्‍ना लाल भल्‍ला म्‍यूनिसिपल इंटर कॉलेज में रखा जाना है. इसके बाद अस्थि कलश यात्रा निकालकर उनके अस्थि कलश को प्रेम आश्रम ले जाया जाएगा. वहां उन्‍हें हर की पैड़ी ले जाकर विसर्जित किया जाएगा. अटल जी की अस्थि विसर्जन यात्रा में बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत हजारों लोग मौजूद हैं. देश भर की कई नदियों में विसर्जित की जाएंगी और इसकी शुरुआत आज यानी रविवार को हरिद्वार में ग...

आज हरिद्वार में विसर्जित की जाएंगी अटल जी की अस्थियां, राजनाथ समेत बड़े नेता रहेंगे मौजूद

नई दिल्‍ली :  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां देश भर की कई नदियों में विसर्जित की जाएंगी और इसकी शुरुआत आज यानी रविवार को हरिद्वार में गंगा नदी में उनकी अस्थियों के विसर्जन के साथ होगी. इसके लिए रविवार सुबह उनकी दत्‍तक पुत्री नमिता कौल स्‍मृति स्‍थल पर उनकी अस्थियां एकत्र करने पहुंचीं. उनके अस्थि विसर्जन के दौरान गृह मंंत्री राजनाथ सिंंह समेेत बड़े नेता मौजूद रहेंगे. बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव ने शनिवार को बताया कि पवित्र शहर में रविवार को होने वाले विसर्जन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेता शामिल होंगे. पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां पहले प्रेम आश्रम ले जाई जाएंगी. फिर सड़क मार्ग से इन्‍हें हरिद्वार पहुंचाया जाएगा. इसके बाद जुलूस शांति कुंज आश्रम हरिद्वार से शुरू होगा और पांच किलोमीटर की यात्रा तय कर हर की पौड़ी घाट पहुंचेगा जहां अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा. स्वतंत्र भारत के करिश्माई नेताओ...

'अटल' की अंतिम यात्रा में पैदल चला पूरा केंद्रीय कैबिनेट, उमड़ा जनसैलाब

नई दिल्ली :  भारत रत्न अटल बिहारी वाजेपयी अपने आखिरी सफर पर निकल चुके हैं. वाजपेयी की अंतिम यात्रा बीजेपी मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी. जहां शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बीजेपी की नींव रखने में अहम भूमिका निभाने वाले वाजपेयी के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत पूरी केंद्रीय कैबिनट उनकी अंतिम यात्रा में पैदल चल रहे हैं. उमड़ा लाखों का जनसैलाब बीजेपी नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों के अलावा दिल्ली की सड़कों पर वाजपेयी के अंतिम दर्शनों के लिए लाखों लोग इक्ट्ठा हो गए हैं. बहादुर शाह जफर मार्ग से स्मृति स्थल तक वाजपेयी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लाखों की संख्या में उनके प्रशंसक शामिल हैं. बता दें कि बीजेपी मुख्यालय और स्मृति स्थल के बीच करीब 4 किलोमीटर का अंतर है. लोकतंत्र की अनोखी तस्वीर भारतीय इतिहास में यह पहला मौका है जब एक राजनेता की अंतिम यात्रा में पूरा केंद्रीय कैबिनेट एक साथ पैदल चला है. खासकर किसी राजनेता के आखिरी सफर पर खुद प्रधानमंत्र...

अटल जी की अंतिम यात्रा में पीएम सहित सभी क्यों चल रहे थे पैदल, कहीं ये वजह तो नहीं?

नई दिल्ली:  अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ा और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी के सभी प्रमुख नेता उनकी अंतिम यात्रा में पैदल ही चल रहे थे. वरिष्ठ पत्रकार और लखनऊ में अटल बिहारी के साथ लंबे समय तक रहने वाले अखिलेश बाजपेई ने बताया कि अटल जी भी अंतिम यात्रा में पैदल ही शामिल होते थे. उन्होंने बताया कि आज प्रधानमंत्री और पूरी कैबिनेट को पैदल चलता देख, उनकी आंखें नम हो गईं, क्योंकि खुद अटल जी भी ऐसा ही करते थे. अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि लखनऊ कैंट से बीजेपी के विधायक रहे सतीश भाटिया की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी भी आए थे. उन्होंने बताया, 'अटल जी शवयात्रा के साथ शमशान घाट तक पैदल ही गए. इस दौरान लोगों ने उनसे बहुत अनुरोध किया कि वो गाड़ी से आएं. इस पर अटल जी ने कहा कि 'शवयात्रा में कोई गाड़ी से नहीं चलता है'. इसके साथ ही वो घाट पर सारे कर्मकांड पूरे होने तक बैठे रहे. ऐसे थे हमारे अटल जी.' गरीबी का समारोह नहीं होना चाहिए उन्होंने बताया, '2004 में जब लखनऊ में साड़ी कांड हुआ, उस समय अटल जी दक्षिण भारत में कहीं प्रचार...

जब भी शिवसेना-बीजेपी रिश्ते बिगड़ते, वाजपेयी कहते- 'प्रमोद जरा देखिए क्या मसला है'

मुंबई:  मौजूदा वक्त में बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते कुछ ठीक नहीं हैं और अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है. ऐसे में अटल बिहारी वाजपेयी और बाल ठाकरे के रिश्तों का जिक्र होना स्वभाविक है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे एक-दूसरे का बेहद सम्मान करते थे और इस वजह से दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन बेहद आसान रहा. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा,‘यहां तक कि एक प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी ठाकरे के साथ संपर्क में रहते थे और हमेशा विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करते थे.’ राउत ने कहा कि वाजपेयी के ठाकरे के साथ सुखद और सौहार्दपूर्ण संबंध थे. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन को राज्य में इस तरह के पहले गठबंधन के लिए बीजेपी का शिल्पकार माना जाता था. राउत ने याद किया,‘दोनों दलों के बीच मतभेदों का समाधान ठाकरे और महाजन की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति की बैठकों में किया जाता था.’ वरिष्ठ पत्रकार अंबरीश मिश्रा ने कहा, ‘ वाजपेयी हमेशा महाजन को कहते: आप संभाल लो और महाजन समस्याओं के समाधान के लिए ठाकरे के आवास मातोश्री जाते.’ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘मेरा ...

अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर रतन टाटा ने कहा- करोड़ों भारतीय हमेशा याद करेंगे

नई दिल्ली :  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार शाम एम्स में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई. वाजपेयी जी के निधन पर तमाम राजनीतिक हस्तियों के साथ बॉलीवुड दिग्गजों ने शोक जताया. गुरुवार शाम के समय टाटा संस के चेयरमैन रतन एन टाटा ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर ट्वीट कर गहरा दुख व्यक्त किया. रतन टाटा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ. वह एक महान राजनेता थे, उन्हें करोड़ों भारतीयों द्वारा हमेशा ही याद किया जाएगा. शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा 'भारत ने आज महान सपूत खो दिया. राहुल गांधी ने लिखा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी करोड़ों भारतीयों के सम्माननीय थे. उन्होंने वाजपेयी के परिवार और प्रशंसकों के लिए संवेदनाएं व्यक्त की. हम सभी उन्हें हमेशा याद करेंगे.' अटल बिहारी वाजपेयी ने शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली. निधन की सूचना एम्स की तरफ से जारी हेल्थ बुलेटिन में दी गई. प...

जब अटल जी ने कहा-राजीव गांधी जितना ऊपर उठ सकते थे उठ गए, हमको जितना गिरना था, गिर गए

नई दिल्‍ली:  50 से भी अधिक सालों तक अटल बिहारी वाजपेयी के सहायक रहे शिवकुमार के पुत्र महेश कुमार ने जी मीडिया से बात करते हुए वाजपेयी से जुड़े कई संस्‍मरण साझा किए हैं. वह खुद भी वाजपेयी के साथ 20 साल तक रहे हैं और वाजपेयी को बापजी कहा करते थे. इसी कड़ी में उन्‍होंने एक याद को साझा करते हुए कहा कि वाजपेयी हार से भी विचलित नहीं होते थे. अपनी हार का भी जश्न मनाया करते थे. उन्होंने बताया कि 1984 में जब ग्वालियर से वाजपेयी चुनाव हार गए थे तब दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए कोई कार्यकर्ता नहीं पहुंचा था. उस दौरान पिताजी (शिवकुमार) का फोन आया था तो मैं उन्हें अपनी पुरानी फिएट गाड़ी से रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचा. जब वह बाहर आए तो कुछ पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे वाजपेयी जी, फिर पार्टी की हार कैसे हो गई. तब वाजपेयी ने बड़े मुस्कुराते हुए उनको कहा था कि देखिए राजीव गांधी जितना ऊपर उठ सकते थे उठ गए. हम जितना नीचे गिर सकते थे गिर गए. अब हमारी बारी है ऊपर उठने की और यूं कहते हुए वह गाड़ी में बैठे और बोले, महेश बंगाली मार्केट ले चलो गोलगप्पे खाएं...

अटल बिहारी वाजपेयी: BJP का ऐसा चेहरा जिनपर कभी नहीं लगा 'हिंदुत्व' का ठप्पा

नईे दिल्ली:  बीजेपी ने नए सहयोगी बनाने और 1998 एवं 1999 के लोकसभा चुनाव जीतकर एक प्रमुख ताकत बनने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रभावशाली और ‘उदार’ छवि का खूब सहारा लिया. वर्ष 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करके बीजेपी ने पहली बार दिखाया था कि वह देश में कांग्रेस का विकल्प बन गई है. वाजपेयी ने 1980 से 1986 तब जब बीजेपी की अगुवाई की तो उन्होंने अपनी पार्टी की मूल विचारधारा ‘हिंदुत्व’ को कभी खुद पर ज्यादा हावी नहीं होने दिया. साल 1980 में जनसंघ के नेताओं द्वारा बीजेपी की स्थापना की गई थी. 1984 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को महज दो सीटें मिली थीं. वाजपेयी के दौर में हुआ रामजन्मभूमि आंदोलन बहरहाल, लाल कृष्ण आडवाणी को 80 के दशक के अंतिम वर्षों और 90 के दशक के शुरुआती वर्षों में बीजेपी को ऊंचाई पर ले जाने वाली असल शख्सियत के तौर पर जाना जाता है. आडवाणी के नेतृत्व में बीजेपी ने विश्व हिंदू परिषद जैसी अपनी हिंदुत्व की सहयोगियों के साथ मिलकर 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन शुरू किया और अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए रथ-यात्रा निकाली. वरिष्ठ पत्रकार राधिका रामशेषन...

भारत के महान सपूत वाजपेयी अपने योगदान के लिए सदैव याद रहेंगे: शेख हसीना

नई दिल्ली:  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि वे भारत के महान सपूतों में से एक थे और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को रेखांकित करने तथा सुशासन में उनके योगदान को सदैव याद रखा जायेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे शोक संदेश में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के महान सपूतों में से एक, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दुखद निधन से हम स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने क्षेत्रीय शांति और समद्धि के लिये भी काम किया. शेख हसीना ने कहा कि भारत के लोगों के कल्याण के लिये उनका अथक परिश्रम आने वाली पीढ़ियों के नेताओं को भी प्रेरित करेगा. वे शानदार वक्ता और कवि थे और भारत में समावेशी विकास की पहल में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हमारे महान मित्र थे और बांग्लादेश में उन्हें बहुत सम्मान भरी नज़र से देखा जाता था. 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में अमूल्य योगदान के संदर्भ में बांग्लादेश सरकार ने उन्हें बांग्लादेश मुक्ति संग्राम सम्...

जब अटल बिहारी वाजपेयी को उनके घर जाकर दिया गया था 'बेस्‍ट लिरिक्‍स' का स्‍क्रीन अवॉर्ड

नई दिल्‍ली:  'एक दिन ऐसा आएगा जब कोई भी व्‍यक्ति पूर्व-प्रधानमंत्री बन जाएगा, लेकिन आप कभी भी पूर्व-कवि नहीं बनेंगे..' यह कहना था राजनीति के अजातश‍त्रु कहलाने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का, जो आज जितनी अपनी राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं, उतना ही अपनी कविताओं के लिए याद किए जाते हैं. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री रहते हुए अटल जी को सिर्फ कई सम्‍मान ही नहीं मिले, बल्कि उन्‍हें अपनी म्‍यूजिक एलबम 'नई दिशा' के लिए स्‍क्रीन अवॉर्ड से भी नवाजा गया था. यह पुरस्‍कार उन्‍हें 2000 में उन्‍हें दिया गया था. इंडियन एक्‍सप्रेस की खबर के अनुसार 'नई दिशा' 1999 में आई एलबम थी जिसके गाने अटल बिहारी वाजपेयी ने लिखे थे, जबकि इन गानों को गाया था गजल गायक जगजीत सिंह ने. इस एलबम में एक गाना था 'आओ फिर से दिया जलाये..' जिसे अटल जी ने लिखा था. MediaCard--mediaForward customisable-border" dir="ltr" data-scribe="component:card"> वाजपेयी जी अपनी व्‍यस्‍तताओं के चलते इस अवॉर्ड फंक्‍शन में नहीं पहुंच...

जब संयुक्त राष्ट्र में वाजपेयी की 'कप्तानी' के आगे पस्त हो गया था पाकिस्तान

नई दिल्ली :  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा ‘दल से बड़ा देश’ के सिद्धांत में विश्वास किया और यही कारण था कि उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी एक बार संयुक्त राष्ट्र में देश का प्रतिनिधित्व किया और कश्मीर पर पाकिस्तान के मंसूबे को नाकाम किया. 1994 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र गए थे वाजपेयी यह वाकया 1994 का है, जब विपक्ष में होने के बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव ने अटल बिहारी वाजपेयी को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग भेजे गए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा. दरअसल, 27 फरवरी 1994 को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में इस्लामी देशों समूह ओआईसी के जरिए प्रस्ताव रखा. उसने कश्मीर में हो रहे कथित मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर भारत की निंदा की. संकट यह था कि अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता तो भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता. प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा थे सलमान खुर्शीद इन हालात में वाजपेयी ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का बखूबी नेतृत्व किया और पाकिस्तान को विफलता हाथ लगी. उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे तत्कालीन विदेश ...

अटल जी का गुलाब जामुन से ध्‍यान भटकाने के लिए जब माधुरी दीक्षित को तैनात करना पड़ा

नई दिल्‍ली:  अटल बिहारी वाजपेयी खाने के बड़े शौकीन थे और खाने को लेकर उनकी दीवानगी का आलम यह था कि एक बार आधिकारिक भोज के दौरान उन्हें गुलाब जामुन से दूर रखने के लिये उनके सहयोगियों को उनका ध्यान वहां से हटाने के लिये बॉलीवुड स्टार माधुरी दीक्षित को वहां तैनात करना पड़ा. वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उन्हें जानने वाले आज एक राजनेता के तौर पर तो उन्हें याद कर ही रहे हैं, खानपान को लेकर उनका शौक भी उनके करीबी सहयोगियों और पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय है, खास तौर पर मिठाइयों और सी-फूड को लेकर जिसमें झींगा उन्हें खास तौर पर पसंद था. वरिष्ठ पत्रकार राशिद किदवई याद करते हैं कि प्रधानमंत्री रहते वाजपेयी ने एक आधिकारिक भोज के दौरान कैसे सख्त परहेज पर रहने के दौरान भी खाने के काउंटर का रुख कर लिया. इसके बाद उनके सहयोगियों ने एक योजना बनाई. उन्होंने प्रधानमंत्री को फौरन वहां मौजूद दीक्षित से मिलवाया और जल्द ही फिल्मों के बेहद शौकीन वाजपेयी खाने की बात भूलकर काफी देर तक उनसे फिल्मों के बारे में बात करते रहे. किदवई याद करते हुए कहते हैं, ‘‘इस बीच, उनके सहयोगियों ने तेजी से उनकी कतार से मिठ...

जरूरी खबर: वाजपेयी के निधन से नहीं बदलेगी रेलवे की परीक्षा

नई दिल्ली:  रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि सहायक लोको पायलट और टेक्नीशियन के पदों पर नियुक्ति के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से शनिवार को आयोजित होने वाली परीक्षा पूर्व निधार्रित कार्यक्रम के अनुरूप होगी. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयीके निधन के बाद केंद्र सरकार के सभी विभागों में आधे दिन की छुट्टी की घोषणा को देखते हुए परीक्षा के आयोजन के संबंध में यह ऐलान किया गया है. भारतीय रेलवे के सूचना एवं प्रचार विभाग के निदेशक राजेश वाजपेयी ने यह जानकारी दी. उन्होंने हालांकि बताया कि केरल में बाढ़ की स्थिति के भयानक रूप लेने के कारण राज्य में परीक्षा का आयोजन संभव नहीं है. वाजपेयी ने कहा, 'इसलिए केरल के केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा स्थगित की जाती है.' वाजपेयी के सम्मान में सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित, राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहेगा मालूम हो कि केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. 93 वर्षीय वाजपेयी का गुरुवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया. गृह मंत्रालय ने एक परिपत्र में कहा कि देशभर में गुरुवार से सात...

मिसाल है वाजपेयी का यह फैसला, बिना किसी विवाद के बनाए थे 3 नए राज्य

नई दिल्ली:  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की खासियत थी कि वह राजनीति में व्यावहारिक आम राय बनाते थे. यह उस वक्त भी साबित हुआ था जब उनकी सरकार में शांतिपूर्ण ढंग से तीन नए राज्यों - छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड - का गठन हुआ था. छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड का गठन क्रमश: एक नवंबर, नौ नवंबर और 15 नवंबर 2000 को हुआ था. छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश, उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश और झारखंड को बिहार से अलग कर राज्य बनाया गया था. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी बगैर किसी परेशानी के तीनों राज्यों के गठन के लिए वाजपेयी की काबिलियत की तारीफ की थी. उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा था, ‘वाजपेयी जी के कार्यकाल में एनडीए ने तीन बड़े राज्यों - मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार - को विभाजित कर तीन नए राज्य - छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड - बनाए थे और कोई परेशानी नहीं हुई थी.’ पिछले महीने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीन राज्यों के गठन में वाजपेयी की भूमिका की तारीफ की थी. मालूम हो कि लंबी बीमारी के बाद कल शाम 93 वर्ष की आयु में वाजपेयी का एम्...

कभी पूरा होगा अटल जी का यह अधूरा सपना...

नई दिल्‍ली:  दिनांक 2 अप्रैल 1998. तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयीराज्‍यसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण का जवाब दे रहे थे. अटल जी का भाषण तमाम मुद्दों से गुजरता हुआ राज्‍यसभा सांसद शबाना आजमी द्वारा सदन में व्‍यक्‍त की गई पीड़ा तक पहुंच चुका था. दरअसल, एक दिन पहले ही शबाना आजमी ने अपने भाषण में दुख जताते हुए कहा था कि "यहां जब और बातें की जाती हैं तब तो तालियां बजती हैं, लेकिन राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में सबको मकान देने की बात आई, तब किसी ने ताली नहीं बजाई.” अटल जी ने भाषण के दौरान शबाना की इस पीड़ा पर अपने शब्‍दों का मरहम लगाया, फिर उन्‍होंने अपने उस सपने का जिक्र किया, जिसमें हर गरीब को उसका अपना घर मुहैया कराने की बात समायोजित थी. एक प्रयोग से सच हो सकता है गरीबों के अपने घर का सपना अटल जी ने अपने भाषण में कहा कि शबाना आजमी के बिंदु में अनगिनत संभावनाएं हैं. अगर लाखों मकान बनने शुरू हो जाते हैं तो सरकार न केवल मदद करेगी, बल्कि जमीन भी उपलब्‍ध कराएगी. उन्‍होंने कहा कि शहरों  के आसपास गांव में जमीन  बेकार पड़ी है, उन पर जबरदस्ती लाठी के बल पर कब्जा किए जा रहे हैं. कब्‍जा क...

जब अटल बिहारी वाजपेयी कहा करते थे, 'महेश बंगाली मार्किट चलो, गोलगप्पे खाएंगे'!

जयपुर:  पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी  को लोग केवल एक नेता के रूप में ही नहीं जानते. उनके व्यक्तित्व और स्वभाव के लिए भी उन्हें पहचानते हैं. वाजपेयी जननेता थे. यहां तक कि विपक्ष के नेता भी उनका बेहद सम्मान करते हैं. गुरुवार शाम को 93 की उम्र में उनका निधन हो गया. उनके निधन के बाद से ही देशभर में शोक की लहर है. देशभर उनके निधन से गमगीन है. वहीं दिल्ली में भी उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ा हुआ है. हालांकि, वह हमेशा ही ऊर्जा से भरपूर रहते थे और अपनी हार से भी घबराते नहीं थे. हंसकर सबसे मिला करते थे. उन्हें बंगाली मार्केट के गोलगप्पे भी बेहद पसंद थे और वह अक्सर ही गोलगप्पे खाने जाया करते थे. दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी जब एक नेता के रूप में उभरने लगे और लोगों के बीच उनकी खास पहचान बनने लगी तो बीजेपी द्वारा उनके सहयोग के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया गया. जयपुर के शिवकुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई और  उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई . शिवकुमार की नियुक्ति के बाद से ही वाजपेयी जी हमेशा जहां भी जाते उनके साथ शिवकुमार मौजूद रहते. शिवकुमार के पुत्र महेश कुमार भ...