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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर सोनिया और राहुल ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्‍ली :  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर आज यानी सोमवार को उनके समाधि स्‍थल पर सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि दी. उनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी वाड्रा, राबर्ट वाड्रा समेत कांग्रेस के अन्‍य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी. बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की आज जयंती है. वे देश के छठवें प्रधानमंत्री थे. 20 अगस्‍त, 1944 को जन्‍मे राजीव गांधी की 1991 में तमिलनाडु में हत्‍या कर दी गई थी. राजीव गांधी हत्याकांड में एक दोषी की ओर से दायर याचिका पर सीआईसी ने कहा है कि उम्रकैद की सजा काट रहे दोषियों की सजा में छूट की अनुमति या इससे इनकार के आदेशों को केन्द्रीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर डाला जाना चाहिए. सूचना का अधिकार कानून से संबंधित मामले में शीर्ष अपीली प्राधिकारी केन्द्रीय सूचना आयोग ने कहा कि यह सार्वजनिक हित में होगा कि लोग यह जान पाएं कि किसी दोषी को क्यों रिहा किया जा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में दोषी एजी पेरारीवालन की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्...

जब अटल जी ने कहा-राजीव गांधी जितना ऊपर उठ सकते थे उठ गए, हमको जितना गिरना था, गिर गए

नई दिल्‍ली:  50 से भी अधिक सालों तक अटल बिहारी वाजपेयी के सहायक रहे शिवकुमार के पुत्र महेश कुमार ने जी मीडिया से बात करते हुए वाजपेयी से जुड़े कई संस्‍मरण साझा किए हैं. वह खुद भी वाजपेयी के साथ 20 साल तक रहे हैं और वाजपेयी को बापजी कहा करते थे. इसी कड़ी में उन्‍होंने एक याद को साझा करते हुए कहा कि वाजपेयी हार से भी विचलित नहीं होते थे. अपनी हार का भी जश्न मनाया करते थे. उन्होंने बताया कि 1984 में जब ग्वालियर से वाजपेयी चुनाव हार गए थे तब दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए कोई कार्यकर्ता नहीं पहुंचा था. उस दौरान पिताजी (शिवकुमार) का फोन आया था तो मैं उन्हें अपनी पुरानी फिएट गाड़ी से रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचा. जब वह बाहर आए तो कुछ पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे वाजपेयी जी, फिर पार्टी की हार कैसे हो गई. तब वाजपेयी ने बड़े मुस्कुराते हुए उनको कहा था कि देखिए राजीव गांधी जितना ऊपर उठ सकते थे उठ गए. हम जितना नीचे गिर सकते थे गिर गए. अब हमारी बारी है ऊपर उठने की और यूं कहते हुए वह गाड़ी में बैठे और बोले, महेश बंगाली मार्केट ले चलो गोलगप्पे खाएं...