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प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा और कैंसर का खतरा, जहरीली हवा से बचने के उपाय

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. यदि आप इस समय जहरीली हवा से बचें तो अस्थमा और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को अपने शरीर में प्रवेश करने से रोक सकते हैं. नई दिल्ली :  दिल्ली में बढ़ते  वायु प्रदूषण  से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. यदि आप इस समय  जहरीली हवा  से बचें तो अस्थमा और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को अपने शरीर में प्रवेश करने से रोक सकते हैं. दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड से अस्थमा और चेस्ट इंफेक्शन के मरीजों को अपनी चपेट लेने के साथ ही स्वस्थ लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है. चिकित्सकों के पास ऐसे लोगों की संख्या बढ रही है जिन्हें  प्रदूषण  से पहले कोई शिकायत नहीं थी. इन लोगों को पिछले कुछ समय से बलगम की शिकायत के साथ ही बुखार अपनी चपेट में ले रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि  हवा में प्रदूषण  का स्तर बढ़ने से एनओ-टू पार्लिटकल्स खाने की नली के रास्ते शरीर में प्रवेश कर जात...

दिल्ली की हवा इतनी जहरीली हो गई कि सांस लेना हुआ मुश्किल

CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को पीएम 2.5 का स्तर 299 रहा.     नई दिल्ली:  मौसम की प्रतिकूल स्थितियों और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने की घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के कारण दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘‘बेहद गंभीर’’ श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 423 दर्ज किया गया. शनिवार की सुबह दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ दर्ज की गई थी, लेकिन शाम को यह फिर से ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में चली गई थी. सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक , रविवार को पीएम 2.5 (हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर से कम के व्यास के प्रदूषक कण) का स्तर 299 जबकि पीएम10 (हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर से कम के व्यास के प्रदूषक कण) का स्तर 477 दर्ज किया गया. दिल्ली में 28 इलाके ‘‘बेहद गंभीर’’ श्रेणी में रहे जबकि सात इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ दर्ज की गई. वायु गुणवत्ता सूचकांक पर शून्य से 50 अंक तक हवा की गुणवत्ता को अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक सामान्य, 201 से 300 के स्तर को खराब, 301 से 400 के स्...

प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा और कैंसर का खतरा, जहरीली हवा से बचने के उपाय

नई दिल्ली :  दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. यदि आप इस समय जहरीली हवा से बचें तो अस्थमा और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को अपने शरीर में प्रवेश करने से रोक सकते हैं. दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड से अस्थमा और चेस्ट इंफेक्शन के मरीजों को अपनी चपेट लेने के साथ ही स्वस्थ लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है. चिकित्सकों के पास ऐसे लोगों की संख्या बढ रही है जिन्हें प्रदूषण से पहले कोई शिकायत नहीं थी. इन लोगों को पिछले कुछ समय से बलगम की शिकायत के साथ ही बुखार अपनी चपेट में ले रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से एनओ-टू पार्लिटकल्स खाने की नली के रास्ते शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. ऐसा होने से गले में आमतौर पर खराश और बलगम की शिकायत बनी रहती है. प्रदूषण का बढ़ता स्तर आंख, नाक, गले से होता हुआ फेंफडों, दिल और लिवर तक पहुंचता हुआ हमारी किडनी पर असर डालता है. इसकी जानकारी लंबे समय बाद लगता है. ऐसे में गले में खराश और बलगम की समस्या होने पर डॉक्...

गिरती वायु गुणवत्ता से आपको बचाएगा 'माइऑक्सी', ऐसे कर सकते हैं यूज

नई दिल्ली :  दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता लगातार गिर रही है और दिवाली से पहले और उसके बाद इसके बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है. ऐसे मे हर किसी के लिए खुले में सांस लेना मुश्किल हो जाएगा लेकिन एफडीए से मंजूरी प्राप्त कैन्ड ऑक्सीजन-माइऑक्सी इस मुश्किल से निजात दिला सकता है. इंडस्ट्रियल, मेडिकल और रेफ्रिजरेशन गैसों के क्षेत्रों में अग्रणी-गुप्ता ऑक्सीजन प्राइवेट लिमिटेड ने खासतौर से भारतीय बाजारों के लिए पहली बार माइऑक्सी पेश किया है. माइऑक्सी पोर्टेबल कैन्स को भारतीय फार्मास्यूटिकल मानकों का अनुपालन करते हुए वैध ड्रग लाइसेंस के तहत निर्मित किया गया है. 1200 किलोपास्कल पर 5.9 लीटर आयतन वाले माइऑक्सी एल्युमीनियम डिस्पोजेबल कैन में इनबिल्ट मास्क लगा है और प्रत्येक कैन से 100 से 150 दफा श्वास लिया जा सकता है. माइऑक्सी को अपोलो फार्मेसी और दिल्ली/एनसीआर के मेडिकल स्टोर्स समेत सभी प्रमुख फार्मेसी तथा नैटमैड्स जैसी ऑनलाइन फार्मेसी पर 399 रुपये प्रति कैन की कीमत पर उपलब्ध कराया गया है. सभी आयुवर्गों के लिए उपलब्ध माइऑक्सी बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं और...

प्रदूषण से केवल हेल्‍थ नहीं बल्कि आपकी मैथ्‍स भी हो सकती है कमजोर!

बीजिंग:  लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से संज्ञानात्‍मक संबंधी कौशल पर असर पड़ता है जिससे मौखिक और गणित परीक्षा के अंकों में कमी आ सकती है. चीन में किए गए एक शोध में आगाह किया गया है कि सामाजिक कल्याण पर प्रदूषण का अप्रत्यक्ष तौर पर असर सोच से कहीं ज्यादा हो सकता है. यह शोध पत्रिका पीएनएएस में प्रकाशित हुआ है. अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान में वरिष्ठ शोधार्थी शिओबो झांग ने कहा, ‘‘चीन के शहरों के मुकाबले भारतीय शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति ज्यादा गंभीर है इसलिए मुझे आशंका है कि भारत में इसका असर बेहद बुरा होगा.’’ झांग ने कहा, ‘‘लंबे समय तक प्रदूषित वायु में सांस लेने से मौखिक और गणित परीक्षाओं में ज्ञानात्मक प्रदर्शन में बाधा उत्पन्न होती है.’’ चीन में पेकिंग विश्वविद्यालय में प्रोफेसर झांग ने कहा, ‘‘वायु प्रदूषण से संज्ञानात्मक कौशल को होने वाले नुकसान से मानवीय क्षमता के विकास में भी बाधा पैदा होने की आशंका होती है.’’