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Showing posts with the label सुप्रीम कोर्ट

चुनाव से पहले बढ़ीं वसुंधरा-दुष्यंत की मुश्किलें, SC ने जमीन बेचने के मामले में जारी किया नोटिस

नई दिल्ली:  धौलपुर पैलेस के आसपास की 567 वर्गमीटर जमीन को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को बेचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया व उनके पुत्र दुष्यंत सिंह सिंधिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील श्रीजना श्रेष्ठा की याचिका पर नोटिस जारी किया. याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 8 अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई है. दरअसल, 8 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने वसुंधरा राजे और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था. आपको बता दें कि वकील श्रीजना श्रेष्ठा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि वसुंधरा व दुष्यंत ने धौलपुर शहर में धौलपुर पैलेस के आसपास की 567 वर्गमीटर भूमि को गैरकानूनी रूप से अपनी होने का दावा किया और दोनों ने इस भूमि को एनएचएआई को दो करोड़ में बेच दिया. याचिका में बताया गया है कि एनएचएआई ने यह जमीन साल 2010 में राष्ट्रीय राजमार्ग-3 को चौड़ा करने के लिए खरीदी थी. याचिका में निचली अदालत द्वारा गत अप्रैल में दिए उस ...

राज्य सरकारें तय करेंगी कौन से 2 घंटे पटाखे फोड़ सकेंगे लोग: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए रात आठ बजे से 10 बजे तक का समय तय करने संबंधी अपने आदेश में बदलाव किया है. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें अपने हिसाब से पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे का समय तय कर सकती है. पिछली सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने शाम आठ से रात 10 बजे तक पटाखे फोड़ने का समय निर्धारित किया था, लेकिन अब राज्य सरकारें अपने हिसाब से तय करेगी कि वह कौन से दो घंटे निर्धारित करना चाहती है. कोर्ट ने कहा कि अगर सुबह-शाम दोनों समय पटाखे की परंपरा है, तो दोनों वक्त 1-1 घंटा दिया जा सकता है. ग्रीन पटाखे जलाने की शर्त केवल दिल्ली-NCR में लागू होंगे. देश के बाकी हिस्सों में सामान्य पटाखे फोड़े जा सकेंगे. इससे पहले 23 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली और दूसरे त्योहारों के अवसर पर पटाखे फोड़ने के लिये रात आठ बजे से दस बजे की समय सीमा निर्धारित करते हुये देशभर में कम प्रदूषण उत्पन्न करने वाले हरित पटाखे बनाने की अनुमति दे दी थी. न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने फ्लिपकार्ट और एमेजन जैसी ई-व्यापारिक वेबस...

SC ने अपहरण और यातना देने के आरोपों की SIT जांच का ले. कर्नल पुरोहित का अनुरोध ठुकराया

नई दिल्‍ली :  उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को ले. कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की उस याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया, जिसमें 2008 के मालेगांव मामले में उनका कथित अपहरण, गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने और यातना देने के आरोपों की न्यायालय की निगरानी वाली एसआईटी से जांच का अनुरोध किया गया था. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा कि पुरोहित की याचिका पर इस समय विचार करने से मालेगांव मामले में चल रहे मुकदमे की सुनवाई पर असर पड़ सकता है. पीठ ने हालांकि पुरोहित को निचली अदालत में उनकी दलीलें रखने की छूट प्रदान करते हुए कहा कि उनकी याचिका पर वह कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है. पीठ ने कहा, ‘‘हमें इस समय इसमें क्यों हस्तक्षेप करना चाहिए. इससे सुनवाई पर असर पड़ सकता है.’’ पुरोहित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि इस याचिका में उठाये गए मुद्दों पर गौर करने की आवश्यकता है. हालांकि पीठ ने उनसे कहा कि इन्हें निचली अदालत के समक्ष उठाया जाए. पुरोहित इस समय जमानत पर हैं. उन्हें पिछले साल शीर्ष अदालत ने जमानत प्रदान की थी. पुरोहित ने ...

भूषण स्टील के प्रोपराइटर को फिलहाल नहीं जाना होगा जेल, SC से अंतरिम जमानत बहाल

नई दिल्‍ली :  भूषण स्टील लिमिटेड के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज सिंघलको सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को अपने आदेश में सिंघल को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत को बहाल रखा है. हालांकि हाईकोर्ट में मामले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को अपने पास ट्रांसफर करने का भी आदेश दिया है. दरअसल, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) और केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती थी जिसमें हाईकोर्ट ने सिंघल को जमानत दे दी थी. नीरज सिंघल पर आरोप है कि 80 अलग-अलग फर्मों का उपयोग करते हुए भूषण स्टील के बैंक ऋण से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है. सिंघल को आठ अगस्त को कंपनी कानून के तहत केंद्र सरकार के मई 2016 के आदेश के तहत एसएफआईओ की भूषण स्टील लिमिटेड और भूषण स्टील एंड पावर लिमिटेड के कामकाज की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. हाईकोर्ट ने सिंघल को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और दो-दो लाख रुपये के दो जमानती देने का आदेश देते हुए अंतरिम राहत दी थी. नीरज सिंघल ऐसे पहले व्यक्ति...

तीन अक्‍टूबर को देश के अगले CJI के तौर पर शपथ लेंगे जस्टिस रंजन गोगोई

नई दिल्ली :  प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने मंगलवार को केंद्र सरकार को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने अगले प्रधान न्यायाधीश पद के लिए न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के नाम की सिफारिश की है. न्यायमूर्ति गोगोई को तीन अक्‍टूबर को अगले प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ दिलाई जाएगी. प्रधान न्यायाधीश मिश्रा ने कानून एवं न्याय मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में अगले प्रधान न्यायाधीश के लिए न्यायमूर्ति गोगोई के नाम की सिफारिश की है. न्यायमूर्ति गोगोई वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं. अब सीजेआई की सिफारिश को सरकार द्वारा मंजूरी देने के बाद जस्टिस गोगोई को आगामी तीन अक्टूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाएंगे. चूंकि चीफ जस्टिस मिश्रा आगामी दो अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन महात्मा गांधी की जयंती पर अवकाश होने के कारण चीफ जस्टिस मिश्रा का आखिरी कार्यदिवस एक अक्टूबर ही होगा. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने पिछले ही हफ्ते देश के मुख्य न्यायाधीश से अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश करने की अपील की थी. दरअसल, सीजेआई के रूप में न्यायमूर्ति मिश्रा का कार्यकाल दो अक्तूबर को पूरा हो जाएगा. विधि ...

जम्‍मू-कश्‍मीर : अनुच्छेद 35ए पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, टालने की हुई मांग

नई दिल्ली :  जम्मू और कश्मीर के नागरिकों को विशेष दर्जा और राज्य के स्थाई निवासी की परिभाषा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 35ए के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. वहीं सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को होने वाली इस सुनवाई को टालने के लिए एक अर्जी दाखिल की गई है. राज्य सरकार की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि राज्य में जल्द होने वाले स्थानीय निकायों के चुनावों के मद्देनजर इस मामले पर 31 अगस्त को सुनवाई न करके इसे आगे के लिए टाल दिया जाए. पीठ करेगी विचार पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट कहा था कि वो विचार करेगा कि क्या अनुच्छेद 35ए संविधान के मूलभूत ढांचे का उल्लंघन तो नहीं करता है, इसमें विस्तृत सुनवाई की जरूरत है. सुनवाई के दौरान जम्मू और कश्मीर सरकार ने मामले की सुनवाई दिसंबर तक टालने की मांग की थी हालांकि इस मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई गौर नहीं किया था. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि इस मामले को संविधान पीठ के पास विचार के लिए भेजा जाए या नहीं. श्रीनगर में प्रतिबंध लगा दिया गया दूसरी ओर...

मुस्लिम से हिंदू बन जैन लड़की से की थी शादी, सुप्रीम कोर्ट में लड़की ने पति के साथ जाने से किया मना

नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट में  एक अजीबोगरीब प्रेम विवाह का अंत बड़े नाटकीय ढंग से हुआ. इस प्रेम विवाह में   छत्तीसगढ़ के मुस्लिम युवक ने एक जैन लड़की से हिंदू बनकर शादी की.  लड़की ने ये विवाह अपने माता पिता की मर्जी के खिलाफ किया था. बाद में मुस्लिम युवक ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा कि उसकी पत्नी को उसके माता पिता से खतरा है. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. यहां लड़की ने कहा, उसने अपनी मर्जी से ये विवाह किया था, अब वह अपनी मर्जी से माता पिता के साथ रहना चाहती है. इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने कहा, ये महिला का अधिकार है कि वह किसके साथ रहना चाहती है. ये मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी का है. यहां के युवक मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी और अशोक कुमार जैन की बेटी अंजलि जैन आपस में प्यार करते थे. इब्राहिम ने हिंदू आर्यन आर्य बनकर 25 फरवरी, 2018 को रायपुर के एक आर्य समाज मंदिर में अंजलि से शादी की. थोड़े दिनों में ही ये मामला हाईकोर्ट पहुंच गया. जहां उसने आरोप लगाया कि उसे उसकी पत्नी से बलपूर्वक अलग किया गया है. उसने कहा कि उसकी पत्नी ने हाई कोर्ट में कहा कि वह 23 साल की है और बालिग है तथा अपनी मर्जी से उस...

व्‍हाट्सएप के अधिकारी की नियुक्ति के मामले में SC ने कंपनी और सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्‍ली :  मैसेजिंग एप व्हाट्सएप की पेमेंट सर्विस पर रोक लागने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और केंद्र सरकार (कानून, आईटी और वित्त मंत्रालय) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस इंदू मलहोत्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को 'सेंटर फॉर अकांउटेलिबिटी एंड सिस्टेमैटिक चेंज’ संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया. दरअसल याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने को कहा गया है कि जब तक व्हाट्सएप रिजर्व बैंक के सभी नियमों का पूर्ण रूप से पालन न कर ले, तब तक उसकी पेमेंट सर्विस रोक दी जाए. बता दें कि यह याचिका 'सेंटर फॉर अकांउटेलिबिटी एंड सिस्टेमैटिक चेंज’ संगठन ने दायर की है. संगठन का कहना है कि यह मैसेंजर कंपनी भारत में कई कानूनी प्रावधानों को पूरी नहीं करती है. संगठन द्वारा याचिका में कहा गया है कि बैंक खाता खोलने के लिए ग्राहक को KYC नियमों के साथ रिजर्व बैंक की कई प्रावधानों को पूरा करना पड़ता है. लेकिन व्हाट्सएप एक विदेशी कंपनी है. इसका भारत में न ही कोई सर्वर है और ना ही कोई ऑफिस. ऐसे में व्हाट्सए...

जम्‍मू-कश्‍मीर के अनुच्छेद 35A के खिलाफ दायर याचिका पर SC में सुनवाई आज

नई दिल्ली :  जम्मू और कश्मीर के नागरिकों को विशेष दर्जा देने वाले और राज्य के स्थाई निवासी की परिभाषा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 35A के खिलाफ दायर नई जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर नई याचिका पर सुनवाई करेगी. हालांकि मुख्य मामले की सुनवाई सोमवार को नहीं होगी. अब मुख्य मामले की सुनवाई 31 अगस्त को हो सकती है. 27 को ही होनी थी मुख्‍य मामले की सुनवाई दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य मामले की सुनवाई 27 अगस्त के लिए तय की थी. जहां कोर्ट को तय करना था कि इस मामले को संविधान पीठ के भेजा जाए या नहीं. आपको बता दें कि अश्विनी उपाध्याय की नई याचिका में कहा गया है कि यह अनुच्छेद दूसरे राज्यों के लोगों से शादी करने वाली जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करता है. कई याचिकाओं पर हो रही सुनवाई सुप्रीम कोर्ट इस अनुच्छेद को रद्द करने की मांग को लेकर दायर कई याचिकाओं पर पहले से ही सुनवाई कर रहा है. याचिका में ये भी कहा गया है कि अनुच्छेद 35 ए मनमाना और मौलिक...

कर्ज चुकाने के लिए परिवार के मुखिया को है पैतृक संपत्ति बेचने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:   54 साल तक विभिन्न अदालतों में मुकदमेंबाजी के बाद  सुप्रीम कोर्ट  का अंतिम फैसला आया. विवाद पैतृक संपत्ति बेचने का था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि पारिवार का क़र्ज़ अदा करने या परिवार की अन्य कानूनी जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवार के मुखिया को पैतृक संपत्ति बेचने का पूरा अधिकार है. ऐसे मुखिया के फैसले को उसके वारिस कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते. यह मामला पुत्र ने अपने पिता के खिलाफ 1964 में निचली अदालत में दायर किया था, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचना, लेकिन तब तक वादी और प्रतिवादी, यानि पिता और पुत्र दोनों इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके उत्तराधिकारियों ने मुकदमें को जारी रखा. इस मामले में लुधियाना में पिता प्रीतम सिंह ने 1962 में अपनी पैतृक संपत्ति की अपनी 164 कैनाल जमीन 19,500 रुपये में बेच दी थी, पिता के ज़मीन बेचने के फैसले को पुत्र केहर सिंह ने अदालत में चुनौती दी , दलील दी कि पैतृक संपत्ति को पिता नहीं बेच सकते क्योंकि पैतृक संपत्ति में बच्चों की भी हिस्सेदारी होती है. इसलिए बच्चों की सहमति के बिना पिता पैतृक जमीन नहीं बेच सकते. निचली अदालत ने इस मामले में...

सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला, तलाक की अर्जी अगर पेंडिंग है तो भी दूसरी शादी मान्य

नई दिल्ली :  हिंदू मैरिज एक्ट के तहत भले तलाक के खिलाफ दाखिल अपील की पेंडेंसी के दौरान महिला या पुरुष में से किसी के भी दूसरी शादी पर रोक है. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए फैसले में कहा है कि अगर तलाक की अर्जी लंबित है और दोनों पक्षों में केस को  लेकर सहमति है तो दूसरी शादी मान्य होगी. हिंदू मेरिज एक्ट के सेक्शन 15 की व्याख्या करते हुए जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बैंच ने कहा, तलाक के खिलाफ अपील की पेंडेंसी के दौरान दूसरी शादी पर रोक का प्रावधान तब लागू नहीं होता, जब पक्षकारों ने समझौते के आधार पर केस आगे न चलाने का फैसला कर लिया हो. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सेक्शन 15 कहता है जब एक शादी डिवोर्स की प्रक्रिया से खत्म हो रही हो और इस प्रक्रिया के खिलाफ कोई अपील न हो. मौजूदा मामले में तलाक की डिक्री के खिलाफ अपील पेंडेंसी के दौरान पति ने पहली पत्नी से समझौता कर लिया और केस वापस लेने की अर्जी लगाई. इसी दौरान दूसरी शादी कर ली. हाईकोर्ट ने शादी को अमान्य कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पति की अर्जी स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ...

राज्यसभा में नहीं कर सकेंगे NOTA का इस्तेमाल: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:  राज्यसभा चुनाव में नोटा (NOTA) के इस्तेमाल के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में साफ किया कि राज्यसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. पीठ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को छोड़कर अन्य चुनावों में नोटा का इस्तेमाल किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में नोटा का विकल्प निरस्त कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटा सिर्फ प्रत्यक्ष यानी डाइरेक्ट इलेक्शन में हो सकता है. दरअसल, पिछले साल गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता शैलेश परमार ने याचिका दाखिल कर NOTA का विकल्प रखने का विरोध किया था.हालांकि, तब कोर्ट ने रोक से मना कर दिया था। आज मामले पर फैसला दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की उस अधिसूचना पर सवाल उठाए थे, जिसमें राज्यसभा चुनावों के लिए बैलट पेपर में ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) की अनुमति दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नोटा की शुरुआत इसलिए की गई थी ताकि प्रत्यक्ष चुनावों में कोई व्यक्ति वोटर के तौर पर इस विकल्प का इस्तेमाल कर स...

SC में सेना ने दायर की याचिका, 'आतंकग्रस्त क्षेत्रों में मुठभेड़ में सैनिको पर न हो कार्रवाई'

नई दिल्ली:  देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाज़ी लगाने वाले फ़ौजियों ने कानून के दुरुपयोग से अपनी सुरक्षा के लिए सुप्रीमकोर्ट में फ़रियाद लगाई है. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई होगी जिसमे 300 आर्मी अफसर ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि आतंकवाद व नक्सलवाद ग्रस्त इलाक़ों में सेना की कार्रवाई में अगर कोई मारा जाता है तो किसी सैनिक के ख़िलाफ़ एफ़आइआर न हो. याचिका में कहा गया है कि अफस्पा (AFSPA) के तहत कार्रवाई में फ़ौजी पर एफआईआर दर्ज न हो. अफस्पा स्पेशल लॉ है, जो गड़बड़ी रोकने के लिए संवेदनशील इलाक़ों में लगाया गया है. याचिका में कहा गया है कि सेना पर मुक़दमे दर्ज करने से सेना का मनोबल गिरेगा. सेना पर मुक़दमों दर्ज करने से सेना का जवान आतंकवादियों और नक्सलियों के आमने-सामने होने पर भी उन पर कार्रवाई करने से झिझकेगा. साथ ही सेना का मनोबल गिरने से राष्ट्र का नुक़सान होगा. दरअसल, मणिपुर में आतंकियों के ख़िलाफ़ सेना की मुठभेड़ की कार्रवाई में कुछ लोगों के मारे के बाद सुप्रीमकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी. याचिका में सेना की मुठभेड़ को फ़र्ज़ी कहते हुए इसकी सीबीआई जांच ...

पत्नी को पाने के लिए कोर्ट में लगाई गुहार, हिंदू धर्म अपनाकर रचाई थी शादी

नई दिल्ली :  छत्तीसगढ़ में 23 साल की एक हिंदू लड़की से शादी करने के लिए मुसलमान से हिंदू बन गए 33 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका को उसके माता-पिता के कब्जे से आजाद कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है और याचिका की प्रति राज्य सरकार के वकील को देने का निर्देश दिया है. पीठ ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के पुलिस अधीक्षक को प्रतिवादी नंबर 4, अशोक कुमार जैन की बेटी अंजलि जैन को 27 अगस्त, 2018 को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया जाता है. पीठ ने अदालत के अधिकारियों को इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया. हिंदू बनकर आर्यन आर्य नाम अपना चुके मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और कहा है कि उसने उसकी पत्नी के परिवार को उसे मुक्त करने का आदेश देने से इनकार कर गलती की है. उसने कहा कि उसकी और उसकी पत्नी की जान पर खतरा है. उसकी पत्नी को उसके माता-पिता उसकी मर्जी के विरुद्ध स्वतंत्रता से वंचित कर रहे हैं. उसे भी...

अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज से फिर शुरू होगी सुनवाई

नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट  बाबरी मस्जिद-राम मंदिर भूमि विवाद  मामले में आज (शुक्रवार को) से फिर से सुनवाई शुरू करेगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर की विशेष पीठ ने 17 मई को हिन्दू संगठनों की तरफ से पेश दलीलें सुनी थीं, जिनमें उन्होंने मुस्लिमों के इस अनुरोध का विरोध किया था कि मस्जिद को इस्लाम के अनुयायियों द्वारा अदा की जाने वाली नमाज का आंतरिक भाग नहीं मानने वाले 1994 के फैसले को बड़ी पीठ के पास भेजा जाए. अयोध्या मामले में मूल याचिकाकर्ताओं में शामिल और निधन के बाद कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा प्रतिनिधित्व पाने वाले एम सिद्दीकी ने एम इस्माइल फारूकी के मामले में 1994 में आये फैसले के कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने पीठ से कहा था कि अयोध्या की जमीन से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामले में की गई टिप्पणियों का, मालिकाना हक विवाद के निष्कर्ष पर प्रभाव पड़ा है. हालांकि हिन्दू संगठनों का कहना है कि इस मामले को सुलझाया जा चुका है और इसे फिर से नहीं खोला जा सकता. शीर्ष अदालत की विशेष पीठ चार दीवानी वादों पर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर 14...

दिल्ली: CM केजरीवाल VS LG अनिल बैजल की जंग, सरल शब्दों में समझें सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली:  दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच काफी समय से चल रहे गतिरोध के बीच बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि उपराज्यपाल मंत्रीपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य हैं. अदालत ने कहा कि उपराज्यपाल किसी खास मामले में विचार के मतभेदों की स्थिति में राष्ट्रपति को फाइल भेजने के लिए भी बाध्य हैं. इसके अलावा उपराज्यपाल एक 'अवरोधक' के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार को सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करना होगा. उपराज्यपाल को यह महसूस करना चाहिए कि मंत्रिपरिषद लोगों के प्रति जवाबदेह हैं और वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) की सरकार के हर निर्णय को रोक नहीं सकते हैं.   1. दिल्ली के उपराज्यपाल को स्वतंत्र फैसला लेने का अधिकार नहीं , वह अवरोधक के तौर पर कार्य नहीं कर सकते : सुप्रीम कोर्ट. 2. उप राज्यपाल को मंत्रिपरिषद की सहायता से एवं सलाह पर काम करना होगा : सुप्रीम कोर्ट. 3. मंत्रिपरिषद के सभी फैसलों से उप राज्यपाल को निश्चित रूप से अवगत कराया जाना च...

'तीन तलाक' के बाद 'हलाला' बैन कराना चाहती है केंद्र सरकार, प्रतिबंध के लिए चुना यह रास्ता

नई दिल्ली:  केंद्र सरकार इस्लाम में  तीन तलाक  को खत्म करने के बाद निकाल  हालाला  की प्रथा पर रोक लगाने की कोशिश में है. इस प्रथा पर रोक के लिए भी सरकार कोर्ट का सहारा ले रही है. कानून मंत्रालय के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में निकाह हलाला की प्रथा का विरोध करेगी, जब शीर्ष अदालत आने वाले दिनों में इसकी कानूनी वैधता की पड़ताल करेगी. ‘निकाह हलाला’ मुसलमानों में वह प्रथा है जो समुदाय के किसी व्यक्ति को अपनी तलाकशुदा पत्नी से फिर से शादी करने की इजाजत देता है. मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि सरकार का मानना है कि यह प्रथा ‘लैंगिक न्याय’ (जेंडर जस्टिस) के सिद्धांतों के खिलाफ है और उसने इस मुद्दे पर शीर्ष कोर्ट में अपना रूख स्पष्ट कर दिया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तब सिर्फ फौरी ‘तीन तलाक’ के मुद्दे पर सुनवाई करने का फैसला किया था, जबकि निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा पर अलग से विचार करने का फैसला किया था. मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा पर केंद्र को नोटिस जारी किया था. अधिकारी ने कहा कि सरकार का रुख एक जैसा है. भारत सरकार इस प्रथा के खिलाफ है....

SC/ST कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता हुआ साफ

संविधान पीठ जबतक इस मामले में फैसला नहीं लेती है तब तक केंद्र सरकार एससी/एसटी सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देती रहेगी. नई दिल्ली:  केंद्र सरकार  एससी/एसटी समाज  से आने वाले कर्मचारियों को प्रमोशन में  आरक्षण  देती रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला संविधान पीठ में है, इसलिए इसपर आखिरी फैसला लेने का अधिकार उन्हीं के पास है. संविधान पीठ जबतक इस मामले में फैसला नहीं लेती है तब तक केंद्र सरकार एससी/एसटी सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देती रहेगी. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पैरवी करने पहुंचे अतिरिक्त सॉलिस्टिर जनरल मनिंदर सिंह ने कहा कि कमर्चारियों को प्रमोशन देना सरकार का दायित्व है. देश के अलग-अलग हाईकोर्ट के फैसलों के चलते केंद्र सरकार एससी/एसटी समाज के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण नहीं दे पा रही है. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसलों पर रोक लगाते हुए कि केंद्र सरकार प्रमोशन में आरक्षण दे सकती है. मालूम हो कि कार्मिक विभाग ने 30 सितंबर 2016 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी गई ...