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Showing posts with the label Madhya Pradesh Assembly elections 2018

15 साल पुरानी खटारा गाड़ी की तरह काला धुंआ छोड़ने लगी है शिवराज सरकारः' नवजोत सिंह सिद्धू

अब प्रदेश की शिवराज सरकार भी 15 साल पुरानी हो चली है और यह भी काला धुआं छोड़ने लगी है जिससे लोगों के चेहरे काले हो रहे हैं.' जबलपुरः  कांग्रेस प्रत्याशी मोहन सिंह चंदेल के पक्ष में चुनावी सभा को किया संबोधित करने सिवनी पहुंचे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. जहां एक ओर सिद्धू ने मोदी सरकार को अदानी और अंबानी की कठपुतली बताया तो वहीं  शिवराज सरकार की तुलना  15 साल पुरानी गाड़ी से की. सभा में करीब 5 घंटे की देरी से पहुंचने के बाद सिद्धू ने अपने चिर-परिचित अंदाज में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाते हुए कहा कि 'मोदी सरकार पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनकर काम कर रही है. मोदी सरकार ने अदानी और अंबानी को लाखों करोड़ों का कर्जा माफ कर दिया और अगर किसान के ऊपर कर्ज होता तो उसे जलील किया जाता है.' कांग्रेस ने लिखा गृह मंत्रालय को पत्र, नवजोत सिंह सिद्धू के लिए मांगी CISF सुरक्षा वहीं पीएम मोदी के अंदाज में सिद्धू ने सवाल पूछते हुए लोगों से पूछा कि 'बहनों-भाइयों आपके खते में 15 लाख रुपये, दो करोड़ लोगों ...

MP: 'मामा' तो पहले से मैदान में, 'दादा', 'दीदी', 'भाभी' और 'बाबा' भी चुनाव में कूदे

शिवराज सिंह चौहान समेत कई उम्मीदवार आम जनमानस में प्रचलित अपने उपनामों को जमकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. इंदौर:  "वॉट्स इन ए नेम?" यानी नाम में क्या रखा है-विलियम शेक्सपियर की रूमानी, लेकिन दुखांत कृति "रोमियो एंड जूलियट" के एक मशहूर उद्धरण की शुरुआत इन्हीं शब्दों से होती है. लेकिन मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के जारी घमासान में नाम का किस्सा काफी अलग है. इन चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई उम्मीदवार आम जनमानस में प्रचलित अपने उपनामों को जमकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. शिवराज यानी मामा लगातार चौथी बार सूबे की सत्ता में आने के लिये एड़ी-चोटी का जोर लगा रही भाजपा के चुनावी चेहरे शिवराज (59) जनता में "मामा" के रूप में मशहूर हैं. अपनी परंपरागत बुधनी सीट से मैदान में उतरे मुख्यमंत्री चुनावी सभाओं के दौरान भी खुद को इसी उपनाम से संबोधित कर रहे हैं. राहुल भैया विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह (63) ने "अजय अर्जुन सिंह" के रूप में चुनावी पर्चा भ...

बीहड़ों में गरजने वाली बंदूकें हुईं खामोश, 30 साल में पहली बार चुनावी राजनीति से हो रहे दूर...

डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. भोपाल:   मध्य प्रदेश  में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की किसी भी सीट पर इस बार न तो कोई डकैत चुनावी मैदान में उतरा है और न ही किसी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है. पिछले तीन दशक में पहला मौका है, जब ऐसा हो रहा है. हालांकि, इससे पहले डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. कुछेक डकैत विधायक बनकर सुर्खियों में भी रहे हैं. वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व डकैत प्रेम सिंह कांग्रेस के टिकट पर मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्होंने भाजपा के सुरेंद्र सिंह गहरवार को 10,970 मतों से पराजित किया था. दस्यु जीवन से राजनीति का सफर करने वाले प्रेम सिंह इस सीट से तीन बार विधायक रहे. वह वर्ष 1998 एवं वर्ष 2003 में भी कांग्रेस के टिकट पर ही जीत कर विधायक बने थे. 'भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि किसी विवादास्‍पद स्‍थल पर मंदिर बने': दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पू...

MP: 30 सीटों पर कांग्रेस नहीं, SP-BSP के जाल में उलझी BJP

इस बार बुंदेलखंड में आसान नहीं भाजपा की डगर. दतिया:  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार सत्तारूढ़ भाजपा की राह आसान नहीं है. उसे बुंदेलखंड क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक सीटों पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय दल बसपा और सपा से कड़ी चुनौती मिल रही है. उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बुंदेलखंड क्षेत्र में शामिल मध्य प्रदेश के जिले सागर , छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और चंबल संभाग में दतिया एवं शिवपुरी की 30 विधानसभा सीटों में से भाजपा के पास 22 और कांग्रेस के पास आठ सीटें हैं. अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग की जातियों की बहुलता वाले इस क्षेत्र में सत्ता विरोधी लहर और अन्य स्थानीय मुद्दों के कारण भाजपा के लिये इस बार पिछले चुनावों की तरह स्थिति आसान नहीं है. दांवपेंच उल्लेखनीय है कि सपा ने स्थानीय परिस्थितियों की अनुकूलता को देखते हुये इन छह जिलों पर ध्यान केंद्रित किया है जबकि बसपा ने इनके अलावा अनुसूचित जाति की बहुलता वाली चंबल संभाग की मुरैना और विंध्य क्षेत्र में सतना जिले की सभी विधानसभा सीटों पर मजबूती से ताल ठोंक दी है. वर्तमान विधानसभा में बसपा के चार में दो-दो विधायक मुरैना और स...

'भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि किसी विवादास्‍पद स्‍थल पर मंदिर बने': दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम के मंदिर को विवादास्‍पद बनाना इन लोगों का लक्ष्‍य है. भोपाल:  चुनावी गहमागहमी के बीच मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता  दिग्विजय सिंह ने अयोध्‍या मसले पर बीजेपी पर हमला करते हुए कहा, ''अजीब बात है, जब चुनाव आते हैं भगवान राम के मंदिर निर्माण की बात सामने आती है. भगवान राम का मंदिर बने, इसमे किसी को कोई ऐतराज नहीं है, हम सब चाहते हैं, लेकिन भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि किसी विवादास्‍पद स्‍थल पर राम का मंदिर बने.'' इसके साथ ही उन्‍होंने कहा, ''ये भी आश्‍चर्य की बात है कि सरकार कहती है कि अदालत का फैसला मानेंगे. यूपी के मुख्‍यमंत्री कहते हैं कि राम जी की इच्‍छा होगी तो बनेगा और सरकार के कर्ता-धर्ता कहते हैं कि अध्‍यादेश निकालिए. राम के मंदिर को विवादास्‍पद बनाना इन लोगों का लक्ष्‍य है.'' मध्‍य प्रदेश में 28 नवंबर को चुनाव होगा. केंद्रीय कर्मचारियों पर RSS की शाखा में शामिल होने पर बैन पहले से ही लागू है: दिग्विजय सिंह राम मंदिर बनने में कांग्रेस सबसे बड़ी बाधा: योगी आदित्‍यनाथ इस बीच छत्‍तीसगढ़ की ...

बीहड़ों में गरजने वाली बंदूकें हुईं खामोश, 30 साल में पहली बार चुनावी राजनीति से हो रहे दूर...

डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. भोपाल:   मध्य प्रदेश  में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की किसी भी सीट पर इस बार न तो कोई डकैत चुनावी मैदान में उतरा है और न ही किसी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है. पिछले तीन दशक में पहला मौका है, जब ऐसा हो रहा है. हालांकि, इससे पहले डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर , चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. कुछेक डकैत विधायक बनकर सुर्खियों में भी रहे हैं. वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व डकैत प्रेम सिंह कांग्रेस के टिकट पर मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्होंने भाजपा के सुरेंद्र सिंह गहरवार को 10,970 मतों से पराजित किया था. दस्यु जीवन से राजनीति का सफर करने वाले प्रेम सिंह इस सीट से तीन बार विधायक रहे. वह वर्ष 1998 एवं वर्ष 2003 में भी कांग्रेस के टिकट पर ही जीत कर विधायक बने थे. 'भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि किसी विवादास्‍पद स्‍थल पर मंदिर बने': दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पू...

कांग्रेस से नहीं मिला टिकट, तो सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे ने थामा SP का हाथ, भरा पर्चा

नई दिल्ली:  मध्यप्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने सभी 230 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, वहीं कांग्रेस ने 1 सीट (जतारा विधानसभा) लोकतांत्रिक जनता दल के लिए छोड़ने बाद 229 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में नाराजगी का दौर शुरू हो चुका है. कई नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है. सत्यव्रत के बेटे लड़ रहे हैं सपा के टिकट पर चुनाव इस बार आलम यह है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता सत्यव्रत चतुर्वेदीके बेटे नितिन चतुर्वेदी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. छतरपुर कांग्रेस में उठी बगावत की चिंगारी यहीं नहीं रुकी बल्कि नितिन ने राजनगर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर नामांकन भी दाखिल कर दिया है. हालांकि मीडिया से मुखातिब हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है. सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, "मैंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है न ही कांग्रेस की विचारधारा. अगर कांग्रेस ने 15 साल तक कोई गल...

यें हैं CM शिवराज के साले संजय मसानी, कल तक थे कांग्रेस के निशाने पर अब बने दुलारे

    भोपाल:  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान के सगे साले संजय सिंह मसानी कांग्रेस के टिकट पर बालाघाट जिले की वारासिवनी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे. मसानी तीन नवंबर को बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए. कांग्रेस में शामिल होते वक्त उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश को शिवराज सिंह चौहान की नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की जरूरत है. मसानी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उनका नाम कांग्रेस द्वारा जारी 29 प्रत्याशियों की चौथी सूची में शामिल है. मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को चुनाव होने हैं. कांग्रेस ने अब तक 213 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. बाकी 17 सीटों के लिए पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी. चौथी सूची में कांग्रेस ने बुरहानपुर एवं सिरोंज सीटों के लिए पहले घोषित दो प्रत्याशियों को बदल दिया है. सिरोंज सीट पर अशोक त्यागी के स्थान पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के करीबी मशरत शाहिद को प्रत्याशी बनाया गया है जबकि बुरहानपुर सीट से हामिद काजी के स्थान पर अब रविन्द्र महाजन को टिकट दिया गया ...