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राजस्थानः 50 साल बाद परिवार में हुआ बेटी का जन्म, तो ऐसे मनाई गई खुशी

झुंझुनूः  दित्वी आपके लिए यह नाम नया होगा, लेकिन हिंदी भाषा के सरल शब्दों में इसे देवी भी कहा जाता है. झुंझुनू स्थित एक परिवार में जब 50 साल बाद बेटी जन्मी तो परिवार वालों ने उसे ना केवल देवी का रूप माना, बल्कि उसका नाम भी दित्वी रख दिया. जो देवी का ही दूसरा नाम है. साथ ही प्रसूता के साथ-साथ पूरे परिवार में खुशी छाई हुई है. बेटी के जन्म पर गाना बजा कर कार्यक्रम किया जा रहा है. हालांकि समाज में ऐसा चलन केवल बेटों के जन्म पर ही होता है. राजस्थान स्थित झुंझुनूं के कोदेसर निवासी और मुंबई प्रवासी इंद्राज चौधरी उनके घर में 50 साल बाद बेटी जन्म हुआ है. इससे परिवार में खुशी का माहौल है. इंद्राज चौधरी बताते है कि 50 साल पहले उनकी सबसे छोटी बहन संतोष घर में जन्म ली थी. लेकिन उस वक्त बेटी जन्म पर ना तो खुशी मनाई जाती थी और ही कुआं पूजन व अन्य कार्यक्रम होते थे. लेकिन बेटी घर की रौनक होती है. जब 50 साल बाद परिवार को यह खुशी मिली है तो हर कोई इस खास मौके को बेहद खास बनाने में चूकना नहीं चाहता. इंद्राज चौधरी के समधी नवाचार करने वाले शिक्षाविद् और प्रतापपुरा स्कूल के प्रिंसीपल कमलेश तेतरवाल है. इंद्र...

रेप के दोषी को 20 दिन के अंदर फांसी की सजा, भावुक जज ने सुनाई कविता

राजस्थान की झुंझुनू अदालत ने महज तीन साल की बच्ची से रेप के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. बच्ची दिल की बीमारी से ग्रस्त है. खास बात है कि मामले में वारदात के महज 20 दिन के अंदर ही ये फैसला आया है. मामले की सुनवाई कर रही महिला जज ने फैसले के साथ ही एक कविता भी लिखकर सुनाई. ये घटना 2 अगस्त को झुंझुनू में करीब सवा नौ बजे घटित हुई. तीन साल की मासूम अपनी नानी के यहां रहने आई थी. बच्ची घर के बाहर खेल रही थी और दौसा के मंडावरी का रहने वाला विनोद कुमार फेरी लगाकर बर्तन बेच रहा था. उसने घर में बच्ची को अकेला देखा और उसकी नीयत खराब हो गई. बच्ची के साथ हैवानियत के बाद उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर विनोद बाइक से भाग रहा था, तभी बच्ची की नानी मौके पर पहुंच गई. शाम 7 बजे परिवार ने थाने में जाकर मामला दर्ज कराया और अगले दिन चिड़ावा से विनोद को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने महज 9 दिन के भीतर यानी 13 अगस्त को आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया. तीन साल की मासूम के साथ की गई दरिंदगी के दोषी को मौत की सजा सुनाते वक्त जस्ट‍िस निरजा दाधीच बेहद भावुक हो उठीं और फैसले में कविता लिखकर सुनाई. व...