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अगर आपका पेट रहता है खराब तो हो जाएं चौकन्ने! पढ़िए क्या है वजह

वॉशिंगटन:  आंत में मौजूद जीवाणु के कारण लोगों को  टाइप टू मधुमेह और मोटापे   की समस्या हो सकती है और इस वजह से उन्हें अवसाद और बेचैनी हो सकती है. अमेरिका के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसंधानकर्ताओं के अध्ययन में यह बात सामने आई कि अधिक वसा वाला पदार्थ खाने वाले चूहे में मानक भोजन खाने वाले पशुओं की तुलना में बेचैनी, अवसाद के लक्षण अधिक प्रबल हो जाते हैं. अमेरिका के जोसलिन मधुमेह केंद्र के सी. रोनाल्ड काह्न ने कहा कि अगर अधिक वसा वाले खाने के साथ प्रतिजैविक दी जाए तो सारे व्यवहार बिल्कुल बदल जाते है. काह्ल ने कहा, ‘‘इन्डोक्राइनोलॉजिस्ट के तौर पर हम प्राय: सुनते हैं कि दूसरे तरह का खाना खाने के बाद लोगों को अलग तरह का लगता है. उन्होंने कहा, ‘‘इस अध्ययन के अनुसार कई ऐसी चीजें हैं जो हमारे दिमाग के कामकाज के तरीके को प्रभावित करती हैं लेकिन खाने से आंत के जीवाणुओं में भी परिवर्तन होता है. ’’ ‘ मोलेकुलर साइकियाट्री ’ जर्नल में इस अध्ययन का प्रकाशन किया गया है. पेट और आंत के रोग में काफी फायदेमंद होती है चॉकलेट प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे बादाम, अंडे, बीज, फलियां, मांस, दही, चीज और यह...

सोशल मीडिया की वजह से लोग हो रहे बीमार, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

सोशल मीडिया पर सकारात्मक बातचीत की तुलना में नकारात्मक अनुभव ज्यादा असर डालते हैं. इन नकारात्मक अनुभवों से युवाओं में अवसाद वाले लक्षणों की संभावना बन जाती है. न्यूयॉर्क:   सोशल मीडिया पर सकारात्मक बातचीत  की तुलना में नकारात्मक अनुभव ज्यादा असर डालते हैं. इन नकारात्मक अनुभवों से युवाओं में अवसाद वाले लक्षणों की संभावना बन जाती है. शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि सोशल मीडिया के नकारात्मक अनुभव अवसाद वाले लक्षणों से जुड़े हैं.  निष्कर्षो का प्रकाशन पत्रिका 'डिप्रेशन एंड एंजाइटी' में किया गया है. अमेरिका के पीट्सबर्ग विश्वविद्यालय के ब्रायन प्रिमैक ने कहा, "हमने पाया है कि सोशल मीडिया के सकारात्मक अनुभव, बहुत आंशिक रूप से कम अवसाद वाले लक्षणों से जुड़े हैं. लेकिन नकारात्मक अनुभव मजबूती से या लगातार उच्च अवसाद के लक्षणों से जुड़े हैं. "इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने 1,179 पूर्णकालिक छात्रों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल व अनुभव का सर्वेक्षण किया. इनकी आयु 18 से 30 के बीच रही. प्रतिभागियों ने अवसाद वाले लक्षणों के आकलन के लिए एक प्रश्नावली भी भरी. शोधकर्ताओं ने पाया कि सोशल मीडिय...