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दिवालिया हो सकती हैं देश की 70 बड़ी कंपनियां! अडानी-अंबानी की कंपनी भी शामिल

नई दिल्ली:  क्या देश में बिजली की समस्या खड़ी होने वाली है? क्या अडानी-अंबानी की कंपनियों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है? रिलायंस ग्रुप ऑफ कंपनीज की आरकॉम, पुंज लॉयड जैसी देश की 70 बड़ी कंपनियां दिवालिया हो जाएंगी? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि, कंपनियों को दी गई 180 दिनों की मियाद 27 अगस्त को खत्म हो चुकी है. रिजर्व बैंक ने फरवरी 2018 में एक सर्कुलर में स्पष्ट किया था कि यदि यह कॉर्पोरेट घराने कर्ज चुकाने में एक दिन की भी देरी करते हैं तो उसे डिफॉल्टर मान कर उनके कर्ज ली गई रकम को  NPA घोषित  कर दिया जाएगा. तकनीकी रूप से इसे 'वन डे डिफॉल्ट नॉर्म' कहा गया और 1 मार्च से लागू भी कर दिया गया. क्या दिवालिया होंगी ये कंपनियां? सर्कुलर के मुताबिक , बैंकों को ऐसे सभी पिछले मामलों को सुलझाने के लिए 1 मार्च 2018 से 180 दिनों का वक्त दिया गया था जो 27 अगस्त को खत्म हो चुका है. इस दौरान कंपनियों और बैंकों के बीच जो मामले नहीं सुलझे उन सभी कंपनियों के खातों को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सकता है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक और कंपनी क...

दिवालिया होगा वीडियोकॉन ग्रुप! शुरू होगी कंपनी के नए मालिक की तलाश

नई दिल्ली:  देश में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स बनाने वाली कंपनी  वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व में कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों ने  नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT)  में याचिका दाखिल कर कंपनी को दिवालिया घोषित करने की मांग की है. एनसीएलटी ने बैंकों की याचिका को स्वीकार भी कर लिया. वीडियोकॉन अब बैंकरप्सी कोड के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के दायरे में आ गई है. अगले 180 दिनों में बोली के जरिए कंपनी के लिए नए मालिक की तलाश शुरू हो सकती है. दिवालिया याचिका हुई स्वीकार नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT)  की मुंबई पीठ ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ दिवालिया याचिका स्वीकार कर ली. वेणुगोपाल धूत की फ्लैगशिप कंपनी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज पर बैंकों का करीब 20,000 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है और वह चुकाने में अनियमित रही है. वीडियोकॉन टेलीकॉम के खिलाफ बैंकरप्सी कोर्ट में दायर अर्जी पर सुनवाई हो सकती है. हालांकि, कंपनी का अब मामूली कारोबार है, लेकिन अब भी कंपनी पर 2000 करोड़ से लेकर 3000 करोड़ तक का लोन बकाय...