बांग्ला भाषा के शीर्ष साहित्यकारों में गिने जाने वाले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने लेखन से न सिर्फ़ बंगाल के समाज बल्कि पूरे देश को प्रभावित किया. बंकिम चंद्र एक विद्वान लेखक थे और कम लोगों को पता है कि उनकी पहली प्रकाशित कृति बांग्ला में न होकर अंग्रेज़ी में थी, जिसका नाम था 'राजमोहन्स वाइफ़.' 1838 में एक परंपरागत और समृद्ध बंगाली परिवार में जन्मे बंकिम चंद्र की पहली प्रकाशित बांग्ला कृति 'दुर्गेशनंदिनी' थी जो मार्च 1865 में छपी थी. 'दुर्गेशनंदिनी' एक उपन्यास था लेकिन आगे चलकर उन्हें महसूस हुआ कि उनकी असली प्रतिभा काव्य लेखन के क्षेत्र में है और उन्होंने कविताएँ लिखना शुरू कर दिया. अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों की रचना करने वाले बंकिम की शिक्षा हुगली कॉलेज और प्रेसीडेंसी कॉलेज में हुई थी. [caption id="" align="alignnone" width="976"] बंकिम चंद्र चटर्जी की ये डेस्क कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल म्यूज़ियम में सुरक्षित है[/caption] इमेज कॉपीरइट WWW.MUSEUMSOFINDIA.GOV.IN 'दुर्गेशनंदिनी' का प्रकाशन वे उसी साल स्नातक हु...
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