रोडवेज हड़ताल / जींद रैली में ताकत दिखाएंगे कर्मचारी, अंडरग्राउंड नेता भी आएंगे सामने, यहीं से होगी अगली घोषणा
पानीपत. हड़ताल पर चल रहे रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में आए सर्व कर्मचारी संघ और महासंघ अब सरकार को अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरी रणनीति बना ली है। 4 नवंबर की जींद रैली को निजीकरण भगाओ, रोडवेज बचाओ रैली का नाम देते हुए इसमें ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए विपक्ष के सियासी दलों के नेताओं को भी निमंत्रण दिया जा रहा है। इसके अलावा कर्मचारी नेताओं की ओर डिपो और गांवों का दौरा शुरू कर दिया है। इस रैली में सभी जन संगठनों, ट्रेड यूनियनों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों के अलावा पंचायतों एवं प्रदेश की जनता को भी खुला आंमत्रित किया गया है। बड़ी बात यह है कि इस रैली में रोडवेज के वह 12 नेता भी शामिल होंगे, जो भूमिगत है और पुलिस उन्हें ढूंढ रही है। यदि रैली में इन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश हुई तो वहीं पर टकराव तय है। इस दौरान ही कर्मचारी आंदोलन की नई रणनीति तय करेंगे। क्योंकि इसी दिन तक रोडवेज की हड़ताल घोषित की हुई है। बता दें कि 700 निजी बसों के विरोध में प्रदेश में 16 अक्टूबर से रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकार झूठे मकदमे कर रही दर्ज, 11 नेताओं को जेल भेजा : सर्व कर...