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सीमा विवाद के हल के लिए भारत-चीन ने लिया प्रयास तेज करने का संकल्प

सीमा वार्ता के लिये बनाए गए विशेष प्रतिनिधियों ने कहा कि अंतिम समाधान के लंबित रहने तक दोनों देशों को सीमा पर शांति और संयम बरतना चाहिए. बीजिंग:  भारत और चीन ने शनिवार को सीमा के जटिल सवाल के "निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक स्वीकार्य" हल के लिए यथाशीघ्र अपने प्रयासों की गति को "तेज" करने का संकल्प जताया. दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर " रचनात्मक और भविष्योन्मुखी" बातचीत की. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवार को चीन के दक्षिण पश्चिम सिचुआन प्रांत के चेंगडु में सीमा मसले पर बातचीत की. यह दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 21वें दौर की वार्ता थी. दोनों देशों को सीमा पर शांति और संयम बरतना चाहिए- प्रतिनिधि सीमा वार्ता के लिये बनाए गए विशेष प्रतिनिधियों ने कहा कि अंतिम समाधान के लंबित रहने तक दोनों देशों को सीमा पर शांति और संयम बरतना चाहिए जिससे यह सुनिश्चित हो कि विवाद विकास के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित नहीं करे. उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या का शीघ्र समाधान मूल हितों के उद्देश्यों को स...

चीनी सेना की भारत की सरजमीं पर फिर घुसपैठ, लद्दाख की पांगोंग त्सो झील में तैनात कर दी नौकाएं

इंटेलिजेंस इनपुट्स में बताया गया है कि एक विशेष वाटर स्‍क्‍वॉर्डन, जिसे झोंग डुई भी कहते हैं, ने पांगोंग त्सो झील पर ठिकाना बना लिया है. नई दिल्‍ली :  चीन  भारत की सरजमीं पर फिर घुसपैठ कर रहा है. इस बार चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने फि‍र से घुसपैठ की नई साजिश के तहत लद्दाख की पांगोंग त्सो झील में तेजी से गश्‍त करने वाली नौकाएं तैनात की हैं. इसके जरिये उसका मकसद बॉर्डर पर गतिविधियों की निगरानी करना है. ताजा इंटेलिजेंस इनपुट्स में इसका खुलासा हुआ है. इंटेलिजेंस इनपुट्स में बताया गया है कि एक विशेष वाटर स्‍क्‍वॉर्डन, जिसे झोंग डुई भी कहते हैं, ने पांगोंग त्सो झील पर ठिकाना बना लिया है. चीनी सेना का यह स्पेशल स्क्वाड्रन उसके 'माउंटेन टॉप नेशनल गेट फ्लीट' का हिस्सा है, जो उच्च तकनीक नेविगेशन और संचार उपकरण ले जाने में सक्षम है. पीएलए की तेज गति वाली नौकाओं में एक समय में 5-7 सैनिक सवार हो सकते हैं. ये भी पढ़ें- सुरक्षा वार्ता और सैन्य सहयोग पर राजी हुए भारत-चीन एक इंटेलिजेंस अधिकारी ने कहा, "विशेष जल स्क्वाड्रन की मदद से चीनी सेना बहुत तेज़ी से आगे बढ़ने में सक्षम...

भारत को मिलने वाले S-400 से घबराया चीन, बनाया नया एयर डिफेंस सिस्‍टम, जानिए इसकी खासियतें

10 मीटर से 10 किमी की ऊंचाई पर दुश्‍मनों के विमान और मिसाइलें गिराने में सक्षम है एयर डिफेंस सिस्‍टम एफएम-2000. नई दिल्‍ली/बीजिंग :  सैन्‍य शक्ति बढ़ाने में जुटे चीन  ने अपनी सेना को सुरक्षा देने के मकसद से  नया मोबाइल शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्‍टम (SHORAD)  बनाया है. इसको FM-2000 नाम दिया गया है. चीन की निजी कंपनी चाइना एयरोस्‍पेस साइंस एंड इंडस्‍ट्री कॉरपोरेशन (सेसिक) ने बनाया है. साथ ही इसे 9 नवंबर को चीन के झुआई में आयोजित एयरशो चाइना 2018 डिफेंस एक्‍जीबिशन में पेश कर दिया गया है. कंपनी के मुताबिक यह नया एयर डिफेंस सिस्‍टम एफएम-2000 15 किमी की दूरी तक दुश्‍मनों के विमान, हेलीकॉप्‍टर और मिसाइलों को सटीकता से मार गिराने में सक्षम है. कंपनी का कहना है कि यह एयर डिफेंस सिस्‍टम 10 मीटर से लेकर 10 किमी तक की ऊंचाई तक वार कर सकता है. ये हैं खासियतें एफएम-2000 लगभग सभी तरह के विमानों, हथियारबंद हेलीकॉप्‍टरों, हवा से जमीन पर वार करने वाली मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्‍ट कर सकता है. इसकी खास बात यह भी है कि इसे सेना की तुकड़ी के साथ गश्‍त करने के दौरान चलते-फिरते भी इस्‍तेमाल किया...

बीजिंग में स्कूल में पोल डांस, प्रिंसिपल बर्खास्त

बीजिंग:  चीन में एक किंडरगार्टन स्कूल की प्रधानाचार्या को स्कूल में बच्चों के सामने पोल डांस आयोजित करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया. क्योंकि बच्चों के अभिभावकों में इसको लेकर गुस्सा था. पोल में चीन का झंडा लगा हुआ था. ग्लोबल टाइम्स की खबर के मुताबिक दक्षिणी चीन के गुआंगदोंग प्रांत के शेनझेन जिले के शिक्षा प्राधिकारियों ने प्रधानाचार्या को स्कूल से बर्खास्त कर दिया है. सोमवार को बच्चों की कक्षा का पहला दिन था और इसी दिन पोल डांस का आयोजन कराया गया. इस डांस में बाहर से कलाकार आए थे. स्कूल और उसकी प्रधानाचार्या लाई रोंग को पोल डांस का वीडियो वायरल होने के बाद ऑनलाइन आलोचनाओं को भी झेलना पड़ा.

चीन के शिनजियांग प्रांत में 5.5 तीव्रता के भूकंप के झटके

बीजिंग:   चीन  के शिनजियांग उइगर स्वायत्तशासी क्षेत्र के जियाशी काउंटी में मंगलवार को 5.5 तीव्रता का  भूकंप के झट के महसूस किया गया. इससे लोगों में अफरातफरी मच गई. यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है. चाइना अर्थक्वैक नेटवर्क्स सेंटर (सीईएनसी) की खबर के मुताबिक, यह भूकंप मंगलवार (04 सितंबर) को स्थानीय समयानुसार सुबह पांच बजकर 52 मिनट पर शिनजियांग प्रांत के काशगर में महसूस किया गया. सीईएनसी ने एक बयान में बताया कि भूकंप से अभी किसी के हताहत होने या किसी प्रकार की क्षति होने की अभी कोई जानकारी नहीं है. भूकंप का केंद्र जमीन से आठ किलोमीटर नीचे स्थित था. हालांकि, शहर के निवासियों का कहना है कि उन्होंने भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए और झटके महसूस होने पर कई लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए. सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जियाशी काउंटी से 22 किलोमीटर दूर स्थित था जहां जनसंख्या का घनत्व ज्यादा नहीं है. स्थानीय सरकार ने प्रभावित इलाकों में स्थिति के आकलन के लिए अधिकारी भेजे हैं.

ऐसा क्‍यों कहा जा रहा है कि चीन अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो जाएगा?

बीजिंग:  मौजूदा दौर में  चीन  की सबसे बड़ी चिंता अपनी बुजुर्ग होती आबादी को लेकर है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले इस देश ने 1979 में एक बच्चे की नीति पेश की थी. लिहाजा जनसंख्‍या नियंत्रण की दशा में सख्‍त कदम उठाए गए. आनन-फानन में चीन ने जनसंख्‍या नीति बदलने का फैसला करते हुए दो बच्‍चे की नीति अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाए. उसी की अगली कड़ी में सरकार ने पिछले दिनों यह संकेत दिए हैं कि वह अपनी नीति वापस लेगी जिसमें कड़े जुर्माने और कई बार गर्भपात तथा नसबंदी कराने के लिए मजबूर करके प्रत्येक परिवार में बच्चों की संख्या पर सीमा तय की गई है. लेकिन इन सबके बावजूद चीन के समक्ष अप्रत्याशित बाधाएं सामने आ रही है क्योंकि कई माता-पिता की अब और बच्चे पैदा करने में रुचि नहीं है. लोगों की बदलती सोच विशेषज्ञों ने कहा कि दंपति अब एक बच्चा पैदा करने में भी देरी कर रहे हैं क्योंकि वे अपना करियर बनाने जैसे अन्य लक्ष्यों में ज्यादा समय दे रहे हैं. चीन में बच्चे की परवरिश करने में आने वाला खर्च भी लोगों को और बच्चे पैदा करने से रोक रहा है. उत्तर पूर्वी शहर डालियन में एक मां ने कहा, ‘‘क...

लिंचिंग, रेप और बीफ बैन से देश की छवि को हुआ नुकसान: केंद्रीय मंत्री अल्फोंस

बीजिंग :  चीन की यात्रा पर  मोदी सरकार के पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस  ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कहा है कि  देश में लिंचिंग  और रेप की घटनाओं के कारण देश के टूरिज्म पर थोड़ा बहुत असर जरूर हुआ है. लेकिन इन घटनाओं के कारण सबसे बड़ा नुकसान देश की छवि पर पड़ा है. अल्फोंस इन दिनों चीन की यात्रा पर हैं. उनके पास पर्यटन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार है. चीन में वह बीजिंग, वुहान और शंघाई पहुंचे अल्फोंस का उद्देश्य चीन के पर्यटकों को लुभाना है. अभी हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में किसी भी देश की तुलना में चीन के पर्यटक सबसे ज्यादा आए हैं. अल्फोंस से जब पूछा गया कि लिंचिंग की घटनाओं के कारण देश में पर्यटन प्रभावित हुआ है तो उन्होंने कहा, देश में बीफ बैन कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. पर्यटकों को ये केरल और  नॉर्थ ईस्ट जैसे राज्यों में आसानी से उपलब्ध है. अल्फोंस ने कहा, 'अगर ऐसा कुछ भी होता है तो देश की छवि के लिए अच्छा नहीं है.' इसके साथ ही अल्फोंस ने कहा, पीएम मोदी इसे पहले ही एक जघन्य अपराध बता चुके हैं. उन्होंने राज्यों से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवा...

'सरहद पर तनातनी' के बाद भी मुंबई-दिल्‍ली ज्‍यादा घूमने आते हैं चीनी, रिपोर्ट में खुलासा

मुंबई :   चीन और भारत  में भले ही कितनी भी बॉर्डर पर तनातनी हो लेकिन चीनी घूमने के लिए भारत को ज्‍यादा पसंद करते हैं. इसका खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है. इसके मुताबिक चीनी यात्रियों के लिए भारत एशिया में शीर्ष 10 सबसे लोकप्रिय गतंव्यों (स्थलों) में शामिल है. भारत पर्यटन सांख्यिकी 2017 के मुताबिक, वर्ष 2017 में  दो लाख से अधिक चीनी यात्रियों ने भारत की यात्रा की . मुंबई-दिल्‍ली सबसे ज्‍यादा घूमने आए चीनी होटल्स डॉट कॉम चाइनीज इंटरनेशनल ट्रेवल मॉनिटर 2018 के अनुसार, भारत में मुंबई (69 प्रतिशत) और दिल्ली (51 प्रतिशत) सबसे ज्यादा यात्रा करने वाले शहर बनकर उभरे हैं. इस रिपोर्ट के लिये, होटल्सडॉटकॉम से संबद्ध बाजार शोध फर्म इपसोस ने मई 2018 के दौरान पिछले 12 महीने में विदेश यात्रा करने वाले 3,047 चीनी नागरिकों का साक्षात्कार किया. पॉप संस्‍कृति चीनी को आ रही ज्‍यादा पसंद रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक पॉप-संस्कृति, फिल्म और टेलीविजन (62 प्रतिशत) चीनी यात्रियों के लिए अब प्रेरणा का मुख्य स्रोत है. 59 प्रतिशत चीनी यात्रियों, जिन्होंने भारत यात्रा के दौरान मोहब्बत की निशानी ताजमहल की यात्रा क...

भूकंप के झटकों से हिली चीन की धरती, 18 लोग घायल

बीजिंग :  दक्षिण पश्चिम चीन के युनांन प्रांत में भूकंप से 18 लोग घायल हो गए. भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर पांच मापी गई है.प्रांत के नागरिक मामलों के विभाग ने एक बयान में कहा कि भूकंप से टोंगई और ह्यूआनिंग काउंटी तथा जियांगचुआन जिले के छह हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 48000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. ‘चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र’ ने बताया कि कल आए भूकंप का केंद्र सात किलोमीटर की गहराई पर था. सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने टोंगई के ‘ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल‘ की एक नर्स चांग ली के हवाले से कहा, ‘‘मेरे कार्यालय में रखा सामान हिलने लगा. मैंने तेज आवाज सुनी.’’ चांग ने बताया कि जब वह जब घर पहुंची तो उनकी मां के पैर मलबे में दबे थे. उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस और चिकित्सा स्टाफ की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया.’’ भूकंप का केंद्र टोंगई के सीजे शहर में था,जहां हजारों निवासियों ने रात आश्रय गृह में बिताई.

चीनी मीडिया का दावा, भारत समेत इन देशों के नोट चीन में छपेंगे

नई दिल्ली:  आज तक आपको यह जानकारी थी कि करेंसी नोट की छपाई तो देश में ही होती है. लेकिन अब आने वाले समय में आपके हाथ में जो भारतीय करेंसी के नोट होंगे, वह चीन से छपकर आए हुए हो सकते हैं. दरअसल, चीनी मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह खबर है कि चीन को भारत समेत कई देशों की ओर से करेंसी छापने के लिए 'बड़े ऑर्डर' मिले हैं. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में यह जानकारी दी गई है. इसमें चीन बैंक नोट प्रिंटिंग और मिंटिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ल्यू गुइसेंग ने यह भी बताया है कि चीन ने अभी तक विदेशी करेंसी नहीं छापी है. यहां यह भी स्पष्ट किया जाता है कि जी न्यूज़ इस खबर की कहीं से कोई पुष्टि नहीं करता है. साथ ही सरकार की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. साल 2013 में दक्षिण पूर्व एशिया, केंद्रीय एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप की जमीन और समुद्र को जोड़ने के लिए चीन ने वन बेल्ट वन रोड परियोजना लॉन्च किया. ल्यू ने कहा कि उसके बाद से ही कंपनी को यह मौके मिले और सफलतापूर्वक थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, भारत, ब्राजील और पोलैंड की करेंसी छापने का प्रोजेक्ट हासिल किय...

चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी

वॉशिंगटन :  अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि  चीन  ने डोकलाम क्षेत्र में चुपचाप अपनी गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं और न तो भूटान और न ही भारत ने उसे ऐसा करने से रोका है. अमेरिका के शीर्ष अधिकारी ने विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन के युद्धाभ्यास की तुलना इस हिमालयी क्षेत्र में उस देश की गतिविधियों से की है. चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता रहा है. वहीं, वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और ताईवान इस दावे का विरोध करते रहे हैं. दक्षिणी एवं मध्य एशिया के लिए विदेश मंत्रालय के प्रमुख उप सहायक एलीस जी वेल्स ने एक संसदीय सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा, “मेरा आकलन है कि भारत मजबूती से अपने उत्तरी सीमा का बचाव कर रहा है और यह भारत के लिए चिंता का विषय है.” वेल्स भारतीय सीमा के निकट सड़क बनाने की चीन की उग्र गतिविधियों के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. भारत और चीन के बीच हिमालयी क्षेत्रों को लेकर लगातार विवाद होते रहे हैं. हाल ही में चीन और भारत के बीच डोकलाम मुद्दे को लेकर गतिरोध पैदा हो गया था. चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने डोकलाम में सड़क निर्माण का काम शुरू क...

डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से चीन में धमाल मचाएंगी मुंबइया फिल्में, हॉलीवुड की कर देंगी छुट्टी

नई दिल्ली:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन के साथ शुरू किए गए ट्रेड वार का फायदा भारत की फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड को मिल सकता है. चीन के सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ट्रेड वार के चलते चीन हॉलीवुड फिल्मों पर अंकुश लगा सकता है, जिससे वहां कारोबार और रोजगार पर असर पड़ेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कदम से भारतीय सिनेमा के लिए चीन में नए अवसर खुल जाएंगे. चाइनीज अकेडमी ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड एंड इकनॉमिक कॉपरेशन के रिसर्च फैलो बाई मिंग ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, 'अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक टकराव और अमेरिकी फिल्मों के लेकर चीनी दर्शकों के उत्साह में कमी के कारण यहां भारतीय फिल्म उद्योग के लिए बहुत अधिक संभावनाएं हैं.' एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग चाहिए कि वो चीनी दर्शकों को प्रभावित करने के लिए अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव का फायदा उठाए. अपार संभावनाएं  बीजिंग में हर साल हॉलीवुड की 34 फिल्में रिलीज होती हैं. इन फिल्मों से आमदनी पिछले साल 22.3 प्रतिशत बढ़कर 8.6 अरब डॉलर हो गई थी. इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि भारतीय फि...

चीन का अमेरिका पर पलटवार, ट्रंप के टैरिफ के जवाब में लगाया 25 प्रतिशत शुल्क

बीजिंग :  चीन ने ‘जैसे-को-तैसा’ की तर्ज पर 50 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की शनिवार को घोषणा की. अमेरिका ने शुक्रवार को 50 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी. इसी के साथ दुनिया की इन दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच  ट्रेड वार चरम पर पहुंच गया  है. यह एक तरह से व्यापारिक युद्ध की शुरुआत हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बौद्धिक संपदा की चोरी और अनैतिक व्यापारिक गतिविधियों का हवाला देकर चीन से आयातित 50 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी. चीन ने जवाबी कदम की चेतावनी दी थी. अतिरिक्त शुल्क 6 जुलाई से प्रभावी होगा चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी की तरफ से कहा गया कि चीन की सरकार ने 50 अरब डॉलर के 659 अमेरिकी उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का निर्णय किया है. सरकार ने उन उत्पादों की सूची भी जारी की है जिनपर ये अतिरिक्त शुल्क लगेंगे. चीन के सीमा शुल्क आयोग ने जारी बयान में कहा कि 34 अरब डॉलर के 545 अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क 6 जुलाई से प्रभावी होंगे. इनमें कृषि उत्प...

भारत ने BRI में शामिल होने से किया इनकार, SCO समिट में अकेले जताया विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि बड़ी सम्पर्क सुविधा परियोजनाओं में सदस्य देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. चिंगदाओ (चीन):   चीन की महत्वाकांक्षी ‘ एक क्षेत्र एक सड़क ’ (ओबीओआर) पहल का भारत द्वारा निरंतर विरोध किए जाने का स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने रविवार को कहा कि बड़ी सम्पर्क सुविधा परियोजनाओं में सदस्य देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि समावेशिता सुनिश्चित करने वाली सभी पहलों के लिए भारत की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा. पीएम मोदी यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 18 वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिन की यात्रा पर आए थे. पीएम मोदी ने रविवार को यहां संक्षिप्त नाम ‘ सिक्योर ’ के रुप में एक नई अवधारणा रखी. इसमें ‘ एस ’ से आशय नागरिकों की सिक्योरिटी (सुरक्षा), ‘ ई ’ से इकोनामिक डेवलपमेंट (आर्थिक विकास), ‘ सी ’ से क्षेत्र में कनेक्टिविटी (संपर्क), ‘ यू ’ से यूनिटी (एकता), ‘ आर ’ से रेसपेक्ट फॉर सोवरनिटी एंड इंटेग्रिटी (संप्रभुता और अखंडता का सम्मान) और ‘ ई ’ से तात्पर्य एन...

PM मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात, दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर दस्तखत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के चिंगदाओ पहुंचे.  वहां एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं ने करीब एक महीने पहले वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर चर्चा की. पिछले चार साल में यह दोनों नेताओं की 14वीं मुलाकात है. इस दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच बाढ़ के आंकड़े उपलब्ध कराने और चावल के निर्यात के नियम सरल बनाने को लेकर समझौतों पर दस्तखत हुए. पहले समझौते में भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले और चीनी उप विदेश मंत्री कोंग शौनयू ने हस्ताक्षर किए. इसके बाद दूसरे समझौते में गौतम बंबावाले और चीनी के मंत्री नी यूफेंग ने दस्तखत किए. MediaCard--mediaForward customisable-border" dir="ltr" data-scribe="component:card"> ANI ✔ @ANI Qingdao: Prime Minister Narendra Modi met Chinese President Xi Jinping...