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VIDEO : कश्‍मीर पर शाहिद अफरीदी को पाक में तो नहीं, लेकिन राजनाथ का मिला समर्थन, बोले- बात तो ठीक कही...

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'बात तो ठीक कही उन्‍होंने. वो पाकिस्‍तान नहीं संभाल पा रहे, कश्‍मीर क्‍या संभाल पाएंगे. कश्‍मीर भारत का अंग था, है और रहेगा' नई दिल्‍ली :   पाकिस्‍तानी क्रिकेटर  शाहिद अफरीदी  द्वारा  पाक को कश्मीर पर अपनी दावेदारी छोड़ दिए जाने की बात कहे जाने  पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि उन्‍होंने यह बात कही है. साथ ही उन्‍होंने कश्‍मीर को भारत का अभिन्‍न अंग भी बताया. दरअसल, शाहिद अफरीदी ने कहा था कि पाकिस्तान को कश्मीर पर अपनी दावेदारी छोड़ देनी चाहिए. इसकी बजाय उसे अपने चार राज्यों पर ध्यान देना चाहिए.   MediaCard--mediaForward cards-multimedia customisable-border" dir="ltr" data-scribe="component:card"> गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'बात तो ठीक कही उन्‍होंने. वो पाकिस्‍तान नहीं संभाल पा रहे, कश्‍मीर क्‍या संभाल पाएंगे. कश्‍मीर भारत का अंग था, है और रहेगा'. उल्‍लेखनीय है कि शाहिद अफरीदी ने अपने पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान को कश्मीर पर अहम सलाह दी. उन्होंने लं...

पत्रकार लोकतंत्र का डाकिया है, उसे मारकर तुम खुद मरोगे

कश्मीरियों को अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक और अहिंसक रखकर सभ्य समाज की सहानुभूति हासिल करनी है, तो उन्हें ऐसी हत्याएं रोकने के लिए जो बन पड़े, वह करना चाहिए. नई दिल्ली:  ‘कश्मीर में हमने स्वाभिमान के साथ पत्रकारिता की है और हम जमीनी हकीकत को प्रमुखता से छापना जारी रखेंगे.’ अपनी हत्या से एक दिन पहले 13 जून को  कश्मीर के प्रमुख अंग्रेजी अखबार 'राइजिंग कश्मीर' के प्रधान संपादक शुजात बुखारी ने यह ट्वीट किया था. वे भारत के एक प्रमुख थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उस बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन पर पत्रकार से ज्यादा अर्द्ध इस्लामिक होने का आरोप लगाया गया था. जाहिर है बुखारी को इस बात का कतई अंदाजा नहीं रहा होगा कि अभी उन पर इस्लामपरस्त होने का इल्जाम लग रहा है और कुछ घंटे बाद उन्हें भारत परस्त होने के लिए गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा. बुखारी वरिष्ठ पत्रकार थे, महबूबा मुफ्ती की सरकार में एक कैबिनेट मंत्री के भाई थे और 2006 में आतंकवादियों के हाथ से मारे जाने से इसलिए बच गए थे, क्योंकि तब उन्हें अगवा करने वाले आतंकवादियों की बंदूक खराब हो गई थी. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. उ...

शहीद औरंगजेब के पिता ने मोदी सरकार को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

पुलवामा:  गुरुवार को  ईद की छुट्टी पर घर जा रहे सेना के जवान औरंगजेब का आतंकवादियों ने पहले पुलवामा के कालम्पोरा से अपहरण किया और उसके बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. ईद के इस मौके पर पुंछ के रहने वाले औरंगजेब के पैतृक गांव सलानी में अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है. औरंगजेब के घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है. उनकी मां ने आतंकियों से कहा था कि वे अपने बेटे के साथ ईद मनाना चाहती हैं लेकिन आतंकियों ने गोलियों से छलनी औरंगजेब के शरीर को ही छोड़ा. शहीद जवान के पिता ने सरकार को 72 घंटे का वक्त दिया है. उन्होंने कहा कि 72 घंटे का मौका देता हूं वर्ना मैं बदला लूंगा. सेना से रिटायर पिता का छलका दर्द औरंगजेब के पिता  ने मीडिया से बात करते समय कहा, "आतंकवादियों ने अगवा कर लिया. कश्मीर का 2003 से सफाया नहीं हो सका. नहीं आने दिया जालिमों ने. श्रीनगर के अंदर जो भी नेता लोग बैठे हैं उनको बाहर निकाला जाए. मैं मोदी जी को 72 घंटे देता हूं नहीं तो मैं खुद बदला लेने को तैयार हूं. हम इंडियन आर्मी देश के लिए जान कुर्बान करते हैं लेकिन हमारे लिए कुछ नहीं है." औरंगजेब के चाचा को भी आतंकियों ने मारा था...