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Google ने Doodle बनाकर सेलिब्रेट किया ऑस्कर का 130वां बर्थडे

नई दिल्ली:  गूगल के होम पेज पर आज एक बहुत सुंदर डूडल बनाया गया है. इस डूडल को जर्मन पेंटर, कोरियोग्राफर और डिजाइनर ऑस्कर श्लेमर के बर्थडे पर स्पेशल तैयार किया गया है. ऑस्कर श्लेमर का 4 सितंबर को जन्मदिन होता है और आज उनकी 130वीं जयंती पर गूगल ने ये क्रिएटिव डूडल तैयार किया है. ऑस्कर श्लेमर अपनी रचना 'ट्रायाडिक बैले' के लिए मशहूर हुए थे. इस ट्रायाडिक बैले परफॉर्मेंस का पहला प्रीमियर 1922 में जर्मनी के शहर स्टुटगार्ट में हुआ. श्लेमर ने तीन डांसर, 12 मूवमेंट और 18 कॉस्ट्यूम्स को मिलाकर बैले की एक इनोवेटिव प्रयोग किया था, जिसमें उन्होंने बॉडी और स्पेस के बीच के संबंधों को दिखाया था. ऑस्कर श्लेमर ने इस परफॉर्मेंस को 'आर्टिस्टिक मेटाफिजिकल मैथेमैटिक्स' और 'पार्टी इन फॉर्म एंड कलर' का नाम दिया था. 4 सितंबर 1888 में पैदा हुए श्लेमर छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. आर्ट स्कूल से पढ़ाई करने के बाद ऑस्कर डांस स्कूल बॉहॉस से जुड़ने के लिए वीमर शहर चले गए. यहां ऑस्कर स्टेज रिसर्च एंड प्रोडक्शन के डायरेक्टर बने. श्लेमर ने पेंटर होने के साथ ही स्क्ल्पचर में भी काफी योगदान दिया ल...
नई दिल्ली:  मशहूर उर्दू साहित्यकार इस्मत चुगताई की मंगलवार (21 अगस्त) को 103वीं जयंती है. इस मौके पर गूगल ने उन्हें डूडल बनाकर याद किया. अपनी रचनाओं के माध्यम से पूरी जिंदगी महिलाओं की आवाज उठाने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता है. इस्मत चुगताई का जन्म 21 अगस्त 1915 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था. अपने धारदार लेखन से उन्होंने लगभग 70 साल तक महिलाओं के मुद्दे और उनको सवालों को पुरूष प्रधान समाज के सामने मजबूती से पेश किया. उर्दू साहित्य जगत में स्त्री विमर्श के लिए उनका नाम आज भी प्रमुखता से लिया जाता है. लेखनी को बनाया हथियार अपनी रचनाओं में उन्होंने निम्न मध्यवर्गीय मुस्लिम तबके की महिलाओं की मनोदशा को उर्दू कहानियों और उपन्यासों में पूरी सच्चाई से बयान किया है. साल 1942 में प्रकाशित हुई उनकी कहानी 'लिहाफ' के लिए लाहौर हाईकोर्ट में उनपर मुकदमा चला. जो बाद में खारिज हो गया. इस्मत उर्दू साहित्य की सार्वधिक विवादास्पद और सर्वप्रमुख लेखिकाओं के रूप में पहचानी जाती हैं. उन्होंने अपनी रचनाओं में महिलाओं की आवाज और उनके सवालों को अपनी कलम के माध्यम से उठाया जिसमें वे सफल भी र...