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इस मुद्दे पर अमेरिकी संसद में पेश होंंगे ट्विटर और फेसबुक के CEO

वॉशिंगटन :  अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप और सोशल मीडिया मंचों को प्रभावित करने के रूस और अन्य देशों के प्रयासों की जांच के सिलसिले में ट्विटर के सीईओ और फेसबुक के सीओओ अगले सप्ताह सांसदों के सवालों का जवाब देने के लिए संसद में पेश होंगे. ट्विटर के सीईओ जैक डारसी और फेसबुक की मुख्य ऑपरेटिंग अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग को बुधवार को सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के समक्ष पेश होना है. गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के सीईओ लारी पेज को भी सुनवाई में बुलाया गया है. गूगल की ओर से इस मामले में पेशी के लिए एक निचले स्तर के अधिकारी को भेजे जाने की पेशकश संसद पहले हीठुकरा चुका है, हालांकि सर्च इंजन ने अभी तक बयान देने के लिए पेज को भेजने की पुष्टि नहीं की है. संसद की समिति 2016 के चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अभियान के संबंध में रूस की हस्तक्षेप की जांच कर रही है. डारसी बुधवार को ‘हाउस इनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी’ समक्ष अपना बयान देने वाले हैं.

कभी पूरा होगा अटल जी का यह अधूरा सपना...

नई दिल्‍ली:  दिनांक 2 अप्रैल 1998. तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयीराज्‍यसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण का जवाब दे रहे थे. अटल जी का भाषण तमाम मुद्दों से गुजरता हुआ राज्‍यसभा सांसद शबाना आजमी द्वारा सदन में व्‍यक्‍त की गई पीड़ा तक पहुंच चुका था. दरअसल, एक दिन पहले ही शबाना आजमी ने अपने भाषण में दुख जताते हुए कहा था कि "यहां जब और बातें की जाती हैं तब तो तालियां बजती हैं, लेकिन राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में सबको मकान देने की बात आई, तब किसी ने ताली नहीं बजाई.” अटल जी ने भाषण के दौरान शबाना की इस पीड़ा पर अपने शब्‍दों का मरहम लगाया, फिर उन्‍होंने अपने उस सपने का जिक्र किया, जिसमें हर गरीब को उसका अपना घर मुहैया कराने की बात समायोजित थी. एक प्रयोग से सच हो सकता है गरीबों के अपने घर का सपना अटल जी ने अपने भाषण में कहा कि शबाना आजमी के बिंदु में अनगिनत संभावनाएं हैं. अगर लाखों मकान बनने शुरू हो जाते हैं तो सरकार न केवल मदद करेगी, बल्कि जमीन भी उपलब्‍ध कराएगी. उन्‍होंने कहा कि शहरों  के आसपास गांव में जमीन  बेकार पड़ी है, उन पर जबरदस्ती लाठी के बल पर कब्जा किए जा रहे हैं. कब्‍जा क...

जब शबाना आजमी के 'दर्द' पर अटल ने यूं लगाया शब्‍दों का मरहम...

नई दिल्‍ली:  स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की यह खासियत थी कि वह संसद में मौजूद हर सदस्‍य की न केवल भावनाओं का ख्‍याल रखते थे, बल्कि संसद में उठाई गई हर छोटी सी छोटी बात को पूरी अहमियत देते थे. भले ही वह संसद सदस्‍य कितना भी वरिष्‍ठ हो या सबसे कनिष्‍ठ हो. कुछ ऐसा ही वाकया संसद में फिल्‍म अभिनेत्री शबाना आजमी के साथ हुआ. वाकया अप्रैल 1998 का है. शबाना आजमी नई-नई संसद सदस्‍य के रूप में राज्‍यसभा पहुंची थी. संसद सत्र की शुरुआत राष्‍ट्रपति के अभिभाषण से हुई. राष्‍ट्रपति के अभिभाषण के दौरान शबाना आजमी संसद और संसद सदस्‍यों की हर हरकत को बेहद बारीकी से महसूस कर रहीं थी. इसी दौरान, अपनी साथी सदस्‍यों की एक बात शबाना आजमी को चुभ गई. अटल जी ने भांपा शबाना आजमी के दिल का दर्द शबाना आजमी के दिल में इस बात की चुभन इतनी गहरी थी कि जब उन्‍हें राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर अपने विचार रखने का मौका मिला, तो उन्‍होंने अपने दिल के इस दर्द से संसद के सभी सदस्‍यों को अवगत करा दिया. शबाना की इस चुभन का अहसास भले ही किसी संसद सदस्‍य को न हुआ हो, लेकिन तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके दर्द को भांप...

मॉब लिन्चिंग के खिलाफ एक हुए सभी दल, संसद में मुद्दा उठाकर कहा- 'कानून बनाया जाए'

नई दिल्ली :  राजस्थान के अलवर जिले में गायों को लेकर जा रहे एक व्यक्ति को गौ तस्कर होने के संदेह में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाले जाने का मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में उठा और तृणमूल सहित विभिन्न दलों के सदस्यों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक कानून बनाए जाने की मांग की. शून्यकाल में तृणमूल कांग्रेस की शांता क्षेत्री ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस सरकार के सत्ता में आने के बाद से भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने की घटनाओं में करीब 88 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शांता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस मुद्दे पर कहा है कि यह ठीक नहीं है और सरकार को इस पर रोक लगाने के लिए एक कानून लाना चाहिए.   MediaCard--mediaForward customisable-border" dir="ltr" data-scribe="component:card"> View image on Twitter ANI  ✔ @ANI Delhi: All India Trinamool Congress (TMC) MPs stage protest in front of Gandhi statue in Parliament over incidents of lynching 10:35 AM - Jul 24, 2018 उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि ऐसी...

आज संसद में पहली बार होगी मोदी और राहुल की आमने-सामने की टक्कर

नई दिल्ली :  नरेंद्र मोदी सरकार आज (शुक्रवार को) संसद में अपने पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेगी. इसके साथ ही चार साल में पहली बार ऐसी स्थिति आएगी जब इतने महत्वपूर्ण विषय पर लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ही दिन में एक-दूसरे पर सीधा वार करेंगे. इस तरह से राहुल गांधी की वह चुनौती भी आज पूरी हो जाएगी, जिसमें वे कहते रहे हैं कि प्रधानमंत्री मुझे संसद में 15 मिनट बोलने का मौका दें, तो वे उनकी बोलती बंद कर देंगे. हालांकि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कांग्रेस को अपनी बात रखने के लिए करीब आधा घंटा और बीजेपी को साढ़े तीन घंटे मिले हैं. इससे पहले भूमि अधिग्रहण बिल, नोटबंदी, जीएसटी और राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर चर्चा में दोनों नेताओं ने एक साथ भाग लिया है, लेकिन हर बार संयोग ऐसा रहा कि जब राहुल बोले तो प्रधानमंत्री उस दिन न बोलकर आगे किसी दिन बोले. हालांकि ऐसे मौके कई बार आए हैं जब एक नेता बोल रहा हो और दूसरा सामने बैठा उनकी बात सुन रहा हो. इस लोकतांत्रिक जंग में अब तक दोनों ही नेताओं की टीम ने बढ़िया पास बनाए हैं और दोनों ही नेताओं ने सटीक शॉट गोलप...

मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले PM मोदी ने कहा- 'जितनी चर्चा होगी, उतना फायदा होगा'

नई दिल्ली :  आज से शुरू हो रहे  संसद के मॉनसून सत्र  से पहले  पीएम नरेंद्र मोदी  ने संसद भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 'मॉनसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और देश हित के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी'. पीएम मोदी ने कहा, 'देश के कई अहम मसलों पर चर्चा होना जरूरी है, उन पर जितनी चर्चा होगी उतना ही देश को भी लाभ होगा. आशा करता हूं कि सभी दल सदन के समय का सर्वाधिक उपयोग देश के महत्‍वपूर्ण कामों को आगे बढ़ाने में करेंगे.' पीएम ने आगे कहा, 'संसद की गतिविधि सभी विधानसभाओं के लिए भी प्रेरक करें, ऐसा उदाहरण पेश करेंगे, ऐसी मेरी आशा है. कोई भी दल, सदस्‍य किसी भी विषय पर चर्चा करना चाहता है तो सरकार तैयार है' विपभ लगाएगा अविश्वास प्रस्ताव सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस समेत कई विपभी दल इस सत्र में बीजेपी की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं. मॉनसून सत्र में सरकार के पास कई ऐसे बिल हैं, जिसे वह पास कराने की कोशिश करेगी. 17 जुलाई को मॉब लिन्टिंग मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा केंद्र सरकार क...