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खुद की तलाश में भटकते एक युवा की कहानी है 'हमन हैं इश्क मस्ताना'

नई दिल्ली.  जीवन में ऐसे कई पल आते हैं, जब हम यह समझने के हालात में नहीं होते कि हमारा रास्ता किस दिशा में जा रहा है. यह ऐसा दौर होता है जब हमें लगता है... कि हमारे आसपास के सारे लोग हमारी मन:स्थिति को समझने में असफल हो चुके हैं. और इस तरह भीड़ में अकेले होते पलों में आज का इंसान शरण लेता है सोशल मीडिया पर बने आभासी दोस्तों और रिश्तों की. इन हालातों में खड़ी होती कुछ अजीब सी परिस्थितियां जो हमारे असल जीवन को भी प्रभावित करती हैं. आज का तकरीबन हर इंसान आभासी और असल दुनिया के बीच ऐसी ही ऊहापोह में उलझा है और 'हमन हैं इश्क मस्ताना' का नायक अमरीश बिस्वाल भी एक ऐसी ही परिस्थिति में उलझा व्यक्ति है. कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि 'हमन हैं इश्क मस्ताना' एक ऐसे महानगरीय व्यक्ति की कथा है जिसे अपने जीवन में मुकम्मल प्रेम की तलाश है – लेकिन वह अपने भीतर इस तलाश को महसूस नहीं कर पाता और इस तरह उसके कई लड़कियों से प्रेम संबंध बनते हैं. वह एक ऐसी पूर्ण स्त्री की खोज में है जिसका शायद उसकी कल्पनाओं से बाहर कहीं अस्तित्व ही नहीं. स्त्री चरित्रों का दुर्लभ संगम  पहली नजर में देखने पर यह उ...