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Showing posts with the label मध्‍य प्रदेश चुनाव 2018

MP: 'मामा' तो पहले से मैदान में, 'दादा', 'दीदी', 'भाभी' और 'बाबा' भी चुनाव में कूदे

शिवराज सिंह चौहान समेत कई उम्मीदवार आम जनमानस में प्रचलित अपने उपनामों को जमकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. इंदौर:  "वॉट्स इन ए नेम?" यानी नाम में क्या रखा है-विलियम शेक्सपियर की रूमानी, लेकिन दुखांत कृति "रोमियो एंड जूलियट" के एक मशहूर उद्धरण की शुरुआत इन्हीं शब्दों से होती है. लेकिन मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के जारी घमासान में नाम का किस्सा काफी अलग है. इन चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई उम्मीदवार आम जनमानस में प्रचलित अपने उपनामों को जमकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. शिवराज यानी मामा लगातार चौथी बार सूबे की सत्ता में आने के लिये एड़ी-चोटी का जोर लगा रही भाजपा के चुनावी चेहरे शिवराज (59) जनता में "मामा" के रूप में मशहूर हैं. अपनी परंपरागत बुधनी सीट से मैदान में उतरे मुख्यमंत्री चुनावी सभाओं के दौरान भी खुद को इसी उपनाम से संबोधित कर रहे हैं. राहुल भैया विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह (63) ने "अजय अर्जुन सिंह" के रूप में चुनावी पर्चा भ...

MP चुनाव : बीजेपी का बड़ा फैसला, 53 बागी नेताओं को पार्टी से किया निष्कासित

मध्य प्रदेश में बीजेपी पार्टी का एक बड़ा फैसला सामने आया है. बुधवार देर रात हुई एक मीटिंग के बाद पार्टी के 53 बागियों को निकाल दिया गया है. नई दिल्ली :  मध्य प्रदेश में बीजेपी पार्टी का एक बड़ा फैसला सामने आया है. बुधवार देर रात हुई एक मीटिंग के बाद पार्टी के 53 बागियों को निकाल दिया गया है.  बीजेपी ने पार्टी प्रत्याशियों  के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी नेताओं के खिलाफ यह कार्यवाही की है. निष्कासन की कार्यवाही का पत्र संबंधित जिले के जिला अध्यक्ष द्वारा जिलों से जारी किया जाएगा. पार्टी से बाहर किए गए नेताओं में सरताज सिंह, रामकृष्ण कुष्मारिया, नरेंद्र कुशवाह, समीक्षा गुप्ता, लता मस्की, धीरज पटेरिया, राजकुमार यादव के नाम शामिल हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले ही सरताज सिंह कांग्रेस में शामिल हुए थे. कांग्रेस ज्‍वाइन करने के घंटे भर बाद ही पार्टी ने उन्‍हें होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बना दिया. MP चुनाव : भाजपा को लगा झटका, ग्वालियर की पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता ने दिया इस्तीफा दूसरी तरफ पार्टी का टिकट न मिलने से खफा ग्वालियर की पूर्व मेयर और पार्टी की महिला नेता समीक्षा गुप...

बीहड़ों में गरजने वाली बंदूकें हुईं खामोश, 30 साल में पहली बार चुनावी राजनीति से हो रहे दूर...

डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. भोपाल:   मध्य प्रदेश  में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की किसी भी सीट पर इस बार न तो कोई डकैत चुनावी मैदान में उतरा है और न ही किसी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है. पिछले तीन दशक में पहला मौका है, जब ऐसा हो रहा है. हालांकि, इससे पहले डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. कुछेक डकैत विधायक बनकर सुर्खियों में भी रहे हैं. वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व डकैत प्रेम सिंह कांग्रेस के टिकट पर मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्होंने भाजपा के सुरेंद्र सिंह गहरवार को 10,970 मतों से पराजित किया था. दस्यु जीवन से राजनीति का सफर करने वाले प्रेम सिंह इस सीट से तीन बार विधायक रहे. वह वर्ष 1998 एवं वर्ष 2003 में भी कांग्रेस के टिकट पर ही जीत कर विधायक बने थे. 'भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि किसी विवादास्‍पद स्‍थल पर मंदिर बने': दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पू...

MP: 30 सीटों पर कांग्रेस नहीं, SP-BSP के जाल में उलझी BJP

इस बार बुंदेलखंड में आसान नहीं भाजपा की डगर. दतिया:  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार सत्तारूढ़ भाजपा की राह आसान नहीं है. उसे बुंदेलखंड क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक सीटों पर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय दल बसपा और सपा से कड़ी चुनौती मिल रही है. उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बुंदेलखंड क्षेत्र में शामिल मध्य प्रदेश के जिले सागर , छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और चंबल संभाग में दतिया एवं शिवपुरी की 30 विधानसभा सीटों में से भाजपा के पास 22 और कांग्रेस के पास आठ सीटें हैं. अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग की जातियों की बहुलता वाले इस क्षेत्र में सत्ता विरोधी लहर और अन्य स्थानीय मुद्दों के कारण भाजपा के लिये इस बार पिछले चुनावों की तरह स्थिति आसान नहीं है. दांवपेंच उल्लेखनीय है कि सपा ने स्थानीय परिस्थितियों की अनुकूलता को देखते हुये इन छह जिलों पर ध्यान केंद्रित किया है जबकि बसपा ने इनके अलावा अनुसूचित जाति की बहुलता वाली चंबल संभाग की मुरैना और विंध्य क्षेत्र में सतना जिले की सभी विधानसभा सीटों पर मजबूती से ताल ठोंक दी है. वर्तमान विधानसभा में बसपा के चार में दो-दो विधायक मुरैना और स...

बीहड़ों में गरजने वाली बंदूकें हुईं खामोश, 30 साल में पहली बार चुनावी राजनीति से हो रहे दूर...

डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. भोपाल:   मध्य प्रदेश  में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की किसी भी सीट पर इस बार न तो कोई डकैत चुनावी मैदान में उतरा है और न ही किसी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है. पिछले तीन दशक में पहला मौका है, जब ऐसा हो रहा है. हालांकि, इससे पहले डकैतों के चुनाव में उतरने के लिए मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर , चंबल एवं विंध्‍य क्षेत्र मशहूर रहे हैं. कुछेक डकैत विधायक बनकर सुर्खियों में भी रहे हैं. वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व डकैत प्रेम सिंह कांग्रेस के टिकट पर मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्होंने भाजपा के सुरेंद्र सिंह गहरवार को 10,970 मतों से पराजित किया था. दस्यु जीवन से राजनीति का सफर करने वाले प्रेम सिंह इस सीट से तीन बार विधायक रहे. वह वर्ष 1998 एवं वर्ष 2003 में भी कांग्रेस के टिकट पर ही जीत कर विधायक बने थे. 'भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि किसी विवादास्‍पद स्‍थल पर मंदिर बने': दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पू...

मध्य प्रदेश चुनाव 2018: बागियों ने 30 से अधिक सीटों पर बढ़ाई बीजेपी-कांग्रेस की परेशानी

भोपाल:  मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 नवंबर को होने वाले चुनाव में प्रदेश की कुल 230 सीटों में से 30 से अधिक सीटों पर सत्तारूढ़ बीजेपी एवं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बागियों के उतरने से इन दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ये 30 से अधिक बागी अपनी पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी की जीत को हार में बदल सकते हैं. वहीं, दोनो दल अपने-अपने बागियों को मनाने में लग गए हैं. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश संगठन सचिव सुहास भगत एवं अन्य नेता अपनी पार्टी के बागी नेताओं से संपर्क कर उनसे अपना नामांकन पत्र वापस लेने की गुजारिश कर रहे हैं.   बागी नेताओं से बातचीत जारी है- बीजेपी बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, ''हमारे वरिष्ठ नेता पार्टी के सभी बागी प्रत्याशियों से बातचीत कर रहे हैं और उनसे बीजेपी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ चुनावी मैदान से हटने का अनुरोध कर रहे हैं.'' उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले के चुनावों की तरह इस बार के चुनाव में भी बागी नेता चुनावी मैदान से हट जाएंगे ...

कांग्रेस ने की संघ की शाखाओं पर प्रतिबंध की वकालत, तिलमिलाई बीजेपी

    भोपाल:  मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा अपने 'वचन पत्र' में सत्ता में आने पर शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध की घोषणा से बीजेपी तिलमिला गई है. इससे इन दोनों दलों के बीच सियासी संग्राम पैदा हो गया है. शनिवार को जारी 'वचन पत्र' में कांग्रेस ने कहा था, ''यदि प्रदेश में उनकी सरकार आती है तो, वह शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंधलगाएंगे तथा शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे.'' कांग्रेस मानती है राम को काल्पनिक पात्र- संबित पात्रा कांग्रेस के इस 'वचन पत्र' की आलोचना करते हुए बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा एवं मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो, संघ की शाखाओं पर प्रतिबंध लगाकर दिखाएं. बीजेपी नेता पात्रा ने कहा, ''कांग्रेस इस बात में विश्वास करती है– 'मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं लगने देंगे'. ये वही लोग हैं, जो पि...

कांग्रेस से नहीं मिला टिकट, तो सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे ने थामा SP का हाथ, भरा पर्चा

नई दिल्ली:  मध्यप्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने सभी 230 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, वहीं कांग्रेस ने 1 सीट (जतारा विधानसभा) लोकतांत्रिक जनता दल के लिए छोड़ने बाद 229 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में नाराजगी का दौर शुरू हो चुका है. कई नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है. सत्यव्रत के बेटे लड़ रहे हैं सपा के टिकट पर चुनाव इस बार आलम यह है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता सत्यव्रत चतुर्वेदीके बेटे नितिन चतुर्वेदी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. छतरपुर कांग्रेस में उठी बगावत की चिंगारी यहीं नहीं रुकी बल्कि नितिन ने राजनगर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर नामांकन भी दाखिल कर दिया है. हालांकि मीडिया से मुखातिब हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है. सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, "मैंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है न ही कांग्रेस की विचारधारा. अगर कांग्रेस ने 15 साल तक कोई गल...

यें हैं CM शिवराज के साले संजय मसानी, कल तक थे कांग्रेस के निशाने पर अब बने दुलारे

    भोपाल:  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान के सगे साले संजय सिंह मसानी कांग्रेस के टिकट पर बालाघाट जिले की वारासिवनी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे. मसानी तीन नवंबर को बीजेपी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए. कांग्रेस में शामिल होते वक्त उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश को शिवराज सिंह चौहान की नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की जरूरत है. मसानी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उनका नाम कांग्रेस द्वारा जारी 29 प्रत्याशियों की चौथी सूची में शामिल है. मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को चुनाव होने हैं. कांग्रेस ने अब तक 213 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. बाकी 17 सीटों के लिए पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी. चौथी सूची में कांग्रेस ने बुरहानपुर एवं सिरोंज सीटों के लिए पहले घोषित दो प्रत्याशियों को बदल दिया है. सिरोंज सीट पर अशोक त्यागी के स्थान पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के करीबी मशरत शाहिद को प्रत्याशी बनाया गया है जबकि बुरहानपुर सीट से हामिद काजी के स्थान पर अब रविन्द्र महाजन को टिकट दिया गया ...