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MP चुनाव : बीजेपी का बड़ा फैसला, 53 बागी नेताओं को पार्टी से किया निष्कासित

मध्य प्रदेश में बीजेपी पार्टी का एक बड़ा फैसला सामने आया है. बुधवार देर रात हुई एक मीटिंग के बाद पार्टी के 53 बागियों को निकाल दिया गया है. नई दिल्ली :  मध्य प्रदेश में बीजेपी पार्टी का एक बड़ा फैसला सामने आया है. बुधवार देर रात हुई एक मीटिंग के बाद पार्टी के 53 बागियों को निकाल दिया गया है.  बीजेपी ने पार्टी प्रत्याशियों  के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी नेताओं के खिलाफ यह कार्यवाही की है. निष्कासन की कार्यवाही का पत्र संबंधित जिले के जिला अध्यक्ष द्वारा जिलों से जारी किया जाएगा. पार्टी से बाहर किए गए नेताओं में सरताज सिंह, रामकृष्ण कुष्मारिया, नरेंद्र कुशवाह, समीक्षा गुप्ता, लता मस्की, धीरज पटेरिया, राजकुमार यादव के नाम शामिल हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले ही सरताज सिंह कांग्रेस में शामिल हुए थे. कांग्रेस ज्‍वाइन करने के घंटे भर बाद ही पार्टी ने उन्‍हें होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बना दिया. MP चुनाव : भाजपा को लगा झटका, ग्वालियर की पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता ने दिया इस्तीफा दूसरी तरफ पार्टी का टिकट न मिलने से खफा ग्वालियर की पूर्व मेयर और पार्टी की महिला नेता समीक्षा गुप...

MP: लोगों ने घरों में लगाए काले झंडे, महिलाएं बोलीं- वोट मांगने आए तो चप्पलों से होगा स्वागत

मध्यप्रदेश के नीमच में बघाना क्षेत्र की 7 अवैध कालोनियों में नेताओं की एंट्री पर बैन लग गया है. यहां के वोटरों ने अपने घरों पर काले झंडे लगा रखे हैं. नई दिल्ली:  चुनाव का दौर आते ही सभी पार्टियों के नेता गली मोहल्लों में पहुंचने को बेताब रहते हैं लेकिन  मध्यप्रदेश के नीमच  में बघाना क्षेत्र की 7 अवैध कालोनियों में नेताओं की एंट्री पर बैन लग गया है. यहां के वोटरों ने अपने घरों पर काले झंडे लगा रखे हैं साथ ही बैनर-पोस्टर भी लगा रखे हैं जिन पर साफ लिखा है कि जब तक कालोनी वैध नहीं होती तब तक यहां वोट मांगने कोई नेता ना आए. बड़ी बात तो यह भी है कि यहां की महिलाएं नेताओं को खुली चुनौती दे रही हैं कि यदि वोट मांगने आए तो चप्पलों से स्वागत होगा. मध्यप्रदेश नीमच के बघाना क्षेत्र में 7 कालोनियों के लोगों ने अपने घरों के आगे काले झंडे लगाए हैं और बैनर-पोस्टर भी चिपकाए हैं जिन पर साफ लिखा है कि नेताओं का मोहल्ले में आना मना है. वह वोट ना मांगे इस आक्रोश की बड़ी वजह यह है कि इन कालोनियों में अभी तक सड़क, नल-पानी और नालियों की सुविधा नहीं है. यही कारण है कि यहां के लोग नरकिय जिंदगी जीने को मजबूर ...

मप्र: दस साल के बच्चे से रेप और हत्या के आरोपी को फांसी की सजा, मांगी थी 1 लाख की फिरौती

दतिया:  मध्य प्रदेश के दतिया जिले में 10 वर्षीय बच्चे का अपहरण कर उसके साथ कुकर्म और हत्या के आरोपी नंद किशोर गुप्ता को दोनों मामलों में अलग-अलग फांसीकी सजा सुनाई गई. विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) हितेंद्र द्विवेदी ने दोषी को यह सजा सुनाई. लोक अभियोजन अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार गर्ग के अनुसार, दो मार्च को इंदरगढ़ से 10 वर्षीय बालक को नंदकिशोर अपने साथी के साथ बहला-फुसलाकर ले गया. उसने बालक को कमरे में बंद कर एक लाख की फिरौती पिता से मांगी. फिरौती न मिलने पर आरोपी ने बालक से कुकर्म किया और उसके बाद हत्याकर शव देलुआ नहर में फेंक दी. गर्ग के अनुसार, इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश हितेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को आरोपी को दोनों मामलों कुकर्म व हत्या के लिए अलग-अलग फांसी की सजा सुनाई. उस पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. आरोपी तक पहुंचने में पुलिस की सीसीटीवी फुटेज और वॉइस रिकार्डिंग ने बड़ी मदद की थी. उसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और उसी के जरिए आरोपी को फांसी की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

MP: शिवराज कैबिनेट के मंत्री को बैंक ने घोषित किया डिफॉल्टर, अखबार में छपवाया नोटिस

नई दिल्ली:  मध्य प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं.  बैंक ऑफ बड़ौदा ने पटवा ऑटोमेटिव और इसके डायरेक्टर्स सुरेंद्र पटवा समेत कई लोगों के खिलाफ विलफुल डिफॉल्टर घोषित करने के लिए नोटिस जारी किया है. बैंक से करोड़ों रुपये  का लोन लेकर नहीं चुकाने के मामले में बैंक ने कर्ज लेने वाली संस्था पटवा ऑटोमेटिव प्राइवेट लिमिटेड के साथ राज्यमंत्री सुरेंद्र पटवा, उनकी पत्नी मोनिका पटवा, भाई भरत पटवा समेत दूसरे लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है. दरअसल, बैंक ऑफ बड़ौदा से पटवा ऑटोमेटिव नाम की कंपनी ने लोन लिया था. लोन की रकम नहीं चुकाने के बाद बैंक ने प्रॉपर्टी को सीज किया था. बावजूद इसके बैंक को लोन की पूरी रकम नहीं मिली. 4 करोड़ बकाया राशि के लिए बैंक ने सुरेंद्र पटवा और परिजनों की संपत्ति की बिक्री पर रोक लगा दी थी. अब बैंक ने विलफुल डिफॉल्टर घोषित करने के लिए शोकॉज नोटिस जारी किया है. बैंक ने बाकायदा इसके लिए अखबार में इश्तेहार देते हुए 15 दिन का समय दिया है. यानि कि 15 दिनों के बाद सुरेंद्र पटवा समेत बाकी सभी लोगों को डिफॉल्टर घोषित कर द...

मप्र: सुसाइड नोट में भय्यूजी महाराज ने सेवादार के नाम की प्रॉपर्टी, बताया वफादार

इंदौर:  भय्यूजी महाराज ने एक पन्‍ने के सुसाइड नोट में लिखा था कि वो जिंदगी के तनाव से परेशान हो चुके हैं. मेरी मौत के लिए कोई जिम्‍मेदार नहीं है. इसी के साथ  भय्यूजी महाराज  ने इस सुसाइड नोट के दूसरे पन्‍ने में अपने आश्रम, प्रॉपर्टी और वित्‍तीय शक्‍तियों की सारी जिम्‍मेदारी अपने वफादार सेवादार विनायक को दी है. सुसाइड में भय्यूजी महाराज ने लिखा कि मैं विनायक पर ट्रस्‍ट करता हूं इसलिए उसे ये सारी जिम्‍मेदारी दे कर जा रहा हूं. ताजा खबर के मुताबिक भय्यूजी महाराज का आज (बुधवार) दोपहर 3 बजे उन्‍‍‍‍‍हीं के आश्रम सूर्योदय में अंतिम संस्कार किया जाएगा.  अंतिम संस्‍कार से पहले भय्यूजी महाराज का पार्थिव शरीर उनके इंदौर स्थित आश्रम में रखा गया है. उनके अतिम संस्कार में सीएम शिवराज समेत कई वीआईपी शामिल होंगे.  ताजा खबर के मुताबिक, भय्यू जी महाराज को बेटी कुहू मुखाग्‍न‍ि देगी. MP: इंदौर के आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया भय्यूजी महाराज का पार्थिव शरीर MediaCard--mediaForward customisable-border" dir="ltr" data-scribe="component:card"> ANI  ✔ @AN...

भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, जानें 5 बातें

इंदौर:  आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है . उन्होंने सिर में गोली मारी थी. उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. भय्यूजी महाराज उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब इन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन तुड़वाने में अहम रोल निभाया था. भय्यूजी महाराज का जीवन परिचय बेहद दिलचस्प है. इनका वास्तविक नाम उदय सिंह शेखावत है, लेकिन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इन्हें लोग भय्यूजी महाराज के नाम से जानते हैं. भय्यूजी महाराज एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु थे जो गृहस्थ जीवन जीते थे. उनकी एक बेटी कुहू है. हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, जिसे इन्होंने लेने से इनकार कर दिया था. कैबिनेट मंत्री का दर्जा ठुकराने वाले कौन थे आध्‍यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज?   View image on Twitter ANI  ✔ @ANI He has been admitted to the hospital, can't say anything else right now. He had shot himself in the head: Jayant Rathore, Indore Police on spiritual leader Bhayyu...

कैबिनेट मंत्री का दर्जा ठुकराने वाले कौन थे आध्‍यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज?

भय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख था. जमींदार परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले भय्यूजी महाराज संत बनने से पहले मॉडल के रूप में ग्‍लैमर जगत का हिस्‍सा रहे थे. कई बड़े राजनीतिक नेताओं के आध्‍यात्मिक गुरु और सत्‍ता के बेहद करीबी रहे भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. इससे पहले इसी साल अप्रैल में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिन पांच धार्मिक नेताओं को कैबिनेट मंत्री दर्जा देने की घोषणा की थी, उनमें भैय्यूजी महाराज का नाम भी शामिल था. हालांकि बाद में भैय्यूजी महाराज ने राज्‍य सरकार की यह पेशकश ठुकरा दी थी. जमींदार परिवार से नाता भय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख था. जमींदार परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले भय्यूजी महाराज संत बनने से पहले मॉडल के रूप में ग्‍लैमर जगत का हिस्‍सा रहे थे. इंदौर में उनका शानदार आश्रम है. सफेद मर्सिडीज एसयूवी में सफर करने वाले भैय्यूजी महाराज वैभवपूर्ण जीवनशैली के लिए जाने जाते थे. उनकी राजनेताओं और बिजनेसमैन के बीच जबर्दस्‍त फॉलोअिंग थी. इसकी बानगी इस बात से समझी जा सकती है कि 2011 में समाजसेवी अन्‍ना हजारे ने जब ...

राहुल गांधी ने फेंका ऐसा पासा, काट में जुट गई BJP ब्रिगेड

भोपाल:  मध्य प्रदेश के  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  और उनकी सरकार की पहचान या यूं कहें कि 'किसान हितैषी सरकार' के तौर पर प्रचार कुछ ज्यादा ही हुआ है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंदसौर की श्रद्धांजलि सभा में किसानों के कर्ज माफ करने का भरोसा दिलाकर ऐसा मास्टर स्ट्रोक मारा है कि बीजेपी की लगभग डेढ़ दशक पुरानी फील्डिंग ही बिखरने लगी है. मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी पर कांग्रेस की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे राहुल गांधी ने प्रदेश की शिवराज सरकार को किसान, गरीब, मजदूर और युवा विरोधी करार दिया. साथ ही सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया. किसानों की भीड़ देखकर बीजेपी की बड़ी टेंशन राहुल के कर्जमाफी के ऐलान या क्रिकेट की भाषा में कहें तो मास्टर स्ट्रोक से बीजेपी की लाइन लेंथ पूरी तरह गड़बड़ा गई है. राहुल का एक तरफ बीजेपी की सबसे बड़ी 'किसान हितैषी' होने की ताकत पर वार और दूसरी ओर बड़ी-बड़ी बाधाओं को लांघकर बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों के जमावड़े ने सत्ताधारी दल के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं. राहुल की सभा ...

MP: डॉक्‍टर पिता ने सिपाही बेटे की चोट का किया इलाज, सेना को थमाया 16 करोड़ रुपये का बिल

भिंड में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेना के एक जवान का इलाज करने के बदले सेना को सोलह करोड़ का बिल भेज दिया है. भोपाल:  अगर आप अपने सिर की चोट का इलाज करवाने जाएंगे तो हो सकता है कि कुछ सौ या कुछ हजार रुपये में आपकी  चोट का इलाज हो जाए. जख्म अगर गहरा है तो भी लाख रुपये में आप दुरुस्त हो जाएंगे, लेकिन अगर सिर की चोट के लिए डॉक्टर आपको करोड़ों रुपये का बिल थमा दे तो भला आप इसे क्या कहेंगे. जी हां, ऐसा ही एक मामला भिंड में सामने आया है. यहां एक आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेना के एक जवान का इलाज करने के बदले सेना को सोलह करोड़ का बिल भेज दिया है. खास बात ये है कि सिर की चोट का इलाज करवाने वाला सेना का जवान कोई और नहीं बल्कि इसी आयुर्वेदिक डॉक्टर का अपना बेटा है. प्रदेश के रौन कस्बे का ये डॉक्‍टर अचानक सुर्खियों में आ गया, क्योंकि इस अस्पताल की तरफ से सेना के मुख्यालय पर सोलह करोड़ का मेडि‍कल बिल क्लेम के लिए भेजा गया है. दरअसल रौन थाना इलाके में संचालित इस आयुष अस्पताल के मालिक डॉ. आई एस राजावत का बेटा सौरभ राजावत भारतीय सेना की 19 मैकेनिकल इंफैक्ट्री में पदस्थ है. साल 2013 में ड्यूटी के दौरान सौर...