मध्यप्रदेश के नीमच में बघाना क्षेत्र की 7 अवैध कालोनियों में नेताओं की एंट्री पर बैन लग गया है. यहां के वोटरों ने अपने घरों पर काले झंडे लगा रखे हैं.
नई दिल्ली: चुनाव का दौर आते ही सभी पार्टियों के नेता गली मोहल्लों में पहुंचने को बेताब रहते हैं लेकिन मध्यप्रदेश के नीमच में बघाना क्षेत्र की 7 अवैध कालोनियों में नेताओं की एंट्री पर बैन लग गया है. यहां के वोटरों ने अपने घरों पर काले झंडे लगा रखे हैं साथ ही बैनर-पोस्टर भी लगा रखे हैं जिन पर साफ लिखा है कि जब तक कालोनी वैध नहीं होती तब तक यहां वोट मांगने कोई नेता ना आए. बड़ी बात तो यह भी है कि यहां की महिलाएं नेताओं को खुली चुनौती दे रही हैं कि यदि वोट मांगने आए तो चप्पलों से स्वागत होगा.
मध्यप्रदेश नीमच के बघाना क्षेत्र में 7 कालोनियों के लोगों ने अपने घरों के आगे काले झंडे लगाए हैं और बैनर-पोस्टर भी चिपकाए हैं जिन पर साफ लिखा है कि नेताओं का मोहल्ले में आना मना है. वह वोट ना मांगे इस आक्रोश की बड़ी वजह यह है कि इन कालोनियों में अभी तक सड़क, नल-पानी और नालियों की सुविधा नहीं है. यही कारण है कि यहां के लोग नरकिय जिंदगी जीने को मजबूर हैं. कालोनी वासियों का कहना है कि हर बार नेता आते हैं और झूठ बोल-बोल कर वोट ले जाते हैं लेकिन इस बार सभी कालोनी वासियों ने तय कर लिया है कि किसी भी नेता को वोट नहीं देंगे.
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इस मामले में जब वर्तमान के भाजपा प्रत्याशी दिलीप सिंह परिहार से बात की गई तो उन्होंने फिर नया चुनावी लॉलीपॉप देने की कोशिश की. बता दें कि दिलीप सिंह परिहार पहले भी यहां से विधायक रह चुके हैं लेकिन इन 7 अवैध कालोनियों के लिए कोई ऐसी पहल नहीं की जो इन कालोनियों को वैध बना सके. हर बार की तरह इस बार शायद अवैध कालोनियों के परेशान लोग अपने वोट की अहमियत और ताकत पहचान गए हैं.
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