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आर्टिकल 370 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अप्रैल में सुनवाई करेगा SC

पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने इस याचिका की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस समय मौजूदा हालात बहुत ही संवेदनशील हैं. नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार के अनुरोध पर शुक्रवार को कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी संविधान के अनुच्छेद 370 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अप्रैल में सुनवाई की जाएगी. न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने इस याचिका की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस समय मौजूदा हालात बहुत ही संवेदनशील हैं. इस पर पीठ ने कहा कि वह अप्रैल, 2019 के पहले सप्ताह में इस मामले की सुनवाई करेगी. अटार्नी जनरल ने कहा,‘राज्य में राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि जिसमें इस मामले की सुनवाई नहीं की जानी चाहिए.’  जम्मू कश्मीर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी और अधिवक्ता शोएब आलम ने कहा कि राज्य में नौ चरणों में चल रहे पंचायत चुनावों की वजह से सुनवाई स्थगित करने के लिए पत्र दिया गया है. इस पर पीठ ने कहा कि अनुच्छेद...

कश्मीर में 'दो प्रधान...' का विरोध करने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी का एक रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया

शेष भारत के मुकाबले जम्मू एंड कश्मीर को कुछ विशेष अधिकार देने वाली धारा 370 पर पहली चोट डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ही की थी. उनका जन्म 6 जुलाई को पश्चिम बंगाल में हुआ था नई दिल्ली :  भाजपा के प्रमुख बड़े नेताओं में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सबसे पहले आते हैं. कश्मीर में धारा 370 को खत्म करने या उस पर बहस के मुद्दे का इस्तेमाल भाजपा चुनावी वादे के रूप में करती रही है. यही धारा है जो घाटी को भारत का हिस्सा होते हुए भी कुछ अतिरिक्त अधिकार देती है. इस पर सबसे पहली चोट डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी. उन्होंने उस समय कश्मीर में दो प्रधानमंत्री का विरोध किया. जम्मू-कश्मीर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने धारा 370 का विरोध शुरू किया. उन्होंने एक देश में दो विधान, एक देश में दो निशान, एक देश में दो प्रधान- नहीं चलेंगे नहीं चलेंगे जैसे नारे दिए. डाॅ. मुखर्जी सिर्फ 33 साल की उम्र में कुलपति बन गए थे. ये रिकॉर्ड आज तक कायम है. डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई, 1901 को एक बंगाली परिवार में हुआ था. उनकी माता का नाम जोगमाया देवी मुखर्जी था और पिता आशुतोष मुखर्जी बंगाल के एक जाने-माने व्यक्ति और कुशल वकी...