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भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों के लिये UN एजेंसी में योगदान बढ़ाने की अपील की

भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र एजेंसी में वित्तीय संकट पर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र:  भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र एजेंसी में वित्तीय संकट पर चिंता जताई है और विभिन्न देशों से इसमें योगदान बढ़ाने की अपील की है. इसके साथ ही भारत ने कहा कि यह समर्थन लाखों फलस्तीनी शरणार्थियों के साथ अपनी एकजुटता जारी रखने का व्यावहारिक तरीका होगा. फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) की स्थापना सात दशक पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई गयी थी. यह एजेंसी 54 लाख फलस्तीनी शरणार्थियों की देखभाल करती है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव महेश कुमार ने यहां सोमवार को कहा कि यूएनआरडब्ल्यूए के सभी संसाधन स्वैच्छिक योगदान से आते हैं और दान देने वालों की संख्या भी सीमित है .  यह व्यवस्था अनिश्चितताओं से भरी हुई है. यूएनआरडब्ल्यूए पर संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में कुमार ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फलस्तीनी शरणार्थियों की सेवाएं ऐसी स्थिति में प्रभावित हो...

सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया में नई जान डालने पर होगा जोर : UNGA अध्यक्ष

नई दिल्ली:  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों को एक ‘‘बड़ी चुनौती’’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (यू एन जी ए) की नवनिर्वाचित अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गार्सेस ने आज कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान ‘‘विभाजक’’ मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने के लिए वार्ता पर जोर देंगी और प्रक्रिया में नयी जान डालेंगी. गार्सेस ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात के दौरान जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और विकासशील देशों के बीच सहयोग जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का मुद्दा चर्चा के लिए आया. यहां इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स में आयोजित एक कार्यक्रम में गार्सेस ने सुरक्षा परिषद सुधार की प्रक्रिया के काफी समय से लंबित होने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह एक लंबित मामला है-बहुत ही विवादास्पद, बहुत ही विभाजक. मेरी भूमिका सदस्य देशों को ध्यान से सुनने की होने जा रही है .  सुरक्षा परिषद सुधार बहुत ही जटिल प्रक्रिया है, और मैं सवर्सम्मति बनाने तथा इसमें नयी जान डालने के लिए पूरा प्रयास...