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देश के 4 सरकारी बैंकों को बड़ी राहत देने के मूड में RBI : सूत्र

कुछ सरकारी बैंकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से जल्द ही राहत मिल सकती है. फाइनेंस मिनिस्ट्री को उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में तीन से चार बैंक आरबीआई की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) निगरानी सूची से बाहर हो जाएंगे. नई दिल्ली :  कुछ सरकारी बैंकों को  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)  की तरफ से जल्द ही राहत मिल सकती है. फाइनेंस मिनिस्ट्री को उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में तीन से चार बैंक  आरबीआई  की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) निगरानी सूची से बाहर हो जाएंगे. मंत्रालय का मानना है कि दिशा-निर्देशों में जरूरी बदलाव और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुनाफे में सुधार के बाद ऐसा संभव है. सूत्रों की तरफ से इस बारे में जानकारी दी गई है. 11 बैंकों को पीसीए के अंतर्गत रखा है आरबीआई  ने 21 सरकारी बैंकों में से 11 बैंकों पर शिकंजा कसते हुए पीसीए के अंतर्गत रखा है. ये कमजोर बैंकों पर कर्ज और अन्य अंकुश लगाता है. इनमें  इलाहाबाद बैंक,  यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉरपोरेशन बैंक, आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉम...

थोक महंगाई दर पिछले 4 महीने के उच्चतम स्तर, इन वजहों से हुआ इजाफा

थोक महंगाई पिछले महीने यानी सितंबर में 5.13 प्रतिशत तथा पिछले साल अक्टूबर में 3.68 प्रतिशत थी नई दिल्ली:   खाद्य पदार्थों के दाम नरम पड़ने के बाद भी पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें बढ़ने से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में बढ़कर चार माह के उच्च स्तर 5.28 प्रतिशत पर पहुंच गई. थोक मुद्रास्फीति पिछले महीने यानी सितंबर में 5.13 प्रतिशत तथा पिछले साल अक्टूबर में 3.68 प्रतिशत थी. सरकार द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों में नरमी देखी गई. इनमें सितंबर के 0.21 प्रतिशत की तुलना में अक्टूबर में 1.49 प्रतिशत अपस्फीति देखी गई. इस दौरान सब्जियों के भी भाव गिरे. सब्जियों के भाव आलोच्य माह के दौरान 18.65 प्रतिशत कम हुए. सितंबर में इनमें 3.83 प्रतिशत की गिरावट आई थी. ईंधन एवं विद्युत बास्केट में महंगाई सितंबर के 16.65 प्रतिशत की तुलना में अक्टूबर में 18.44 प्रतिशत रही. पेट्रोल और डीजल के भाव इस दौरान क्रमश: 19.85 प्रतिशत और 23.91 प्रतिशत बढ़े. एलपीजी के दाम भी अक्टूबर में 31.39 प्रतिशत बढ़े. खाद्य पदार्थों में अक्टूबर महीने में आलू के दाम 93.65 प्रतिशत बढ़े. ...

सरकार और RBI के बीच हो सकती है सुलह, इस्तीफा नहीं देंगे उर्जित पटेल : सूत्र

केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बीच पिछले काफी समय से चल रहा विवाद खत्म हो सकता है. केंद्र और आरबीआई दोनों इसी पक्ष में हैं कि 19 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक से पहले इसे निपटाया जाए. नई दिल्ली :  केंद्र सरकार और  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)  के बीच पिछले काफी समय से चल रहा विवाद खत्म हो सकता है. केंद्र और  आरबीआई  दोनों इसी पक्ष में हैं कि 19 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक से पहले इसे निपटाया जाए. सूत्रों का दावा है कि सरकार  आरबीआई  के प्रति अपना रुख नरम कर सकती है. साथ ही सरकार एनबीएफसी के लिए स्पेशल विंडो की मांग भी नहीं करेगी. हाल ही में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम के साथ बैठक के बाद ही इन मुद्दों पर हल निकला है. केंद्र-आरबीआई के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा सहयोगी वेबसाइट www.zeebiz.com/hindi के अनुसार सूत्रों का कहना है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों के बीच इस विवाद को सुलझाने को लेकर एक फॉर्मूला भी तय हुआ है. इस फॉर...

रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल की 19 नवंबर की बैठक रह सकती है हंगामेदार

सूत्रों के अनुसार कुछ सदस्य बैठक में पूंजी रूपरेखा ढांचे, एमएसएमई के लिए लिक्क्विडिटी आदि से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं     नई दिल्ली:   सरकार और रिजर्व बैंक के बीच जारी खींचतान  के बीच 19 नवंबर को  केंद्रीय बैंक  के निदेशक मंडल की होने जा रही बैठक के हंगामेदार होने का अनुमान है. सूत्रों के अनुसार कुछ सदस्य बैठक में पूंजी रूपरेखा ढांचे, अधिशेष का प्रबंधन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) के लिए तरलता आदि से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं. वित्त मंत्रालय द्वारा रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात के तहत चर्चा शुरू करने के बाद रिजर्व बैंक और सरकार के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इस धारा का इस्तेमाल आज तक कभी नहीं किया गया है. इस धारा के तहत सरकार को इस बात का विशेषाधिकार मिलता है कि वह किसी मुद्दे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर को निर्देश दे सके. रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने पिछले महीने एक भाषण में केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के बारे में बातें की थी. उन्होंने कहा था कि रिजर्व बैंक की स्वायत्तता से किसी भी तरह का समझौता अर्थव्यवस्था के लिये विनाशकारी हो सकता है. सूत्रों के अनुसार...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की नीतियों की वजह से विकास दर घटा: नीति आयोग

नई दिल्ली:  नीति आयोग ने कम आर्थिक विकास दर के लिए आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि रघुराम राजन की नीतियों की वजह से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर असर पड़ा है. कुमार ने कहा कि विकास दर के घटने की एक बड़ी वजह बैंकिंग क्षेत्र का बढ़ता एनपीए प्रमुख है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष नेकहा जब वर्ष 2014 में वर्तमान सरकार ने कामकाज संभाला था तब बैंकों की गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) का आंकड़ा 4 लाख करोड़ रुपए था. बाद में वर्ष 2017 के मध्य तक बढ़कर साढ़े 10 लाख करोड़ रुपए हो गया. इसका असर यह हुआ कि बैंक छोटे और मध्यम उद्योग को बैंकों ने लोन देना काफी कम कर दिया. इससे इन क्षेत्रों में नकारात्मक विकास देखने को मिला. यहां तक कि बड़ी इंडस्ट्री में भी क्रेडिट विकास दर महज डेढ़ से दो प्रतिशत रह गया.

क्‍या 15 दिन बाद नहीं मिलेगी बिजली? 34 बिजली कंपनियों पर दिवालिया होने का खतरा

नई दिल्‍ली:  बिजली क्षेत्र के लिए 15 दिन बहुत नाजुक हैं. क्‍योंकि  कर्ज में डूबीं जिंदल, जेपी पॉवर वेंचर, प्रयागराज पॉवर, झबुआ पॉवर, केएसके महानंदी  समेत 34 बिजली कंपनियों के लिए  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)  ने जो डेडलाइन सेट की थी, वह 27 अगस्‍त (सोमवार) को खत्‍म हो गई और केंद्रीय बैंक उन्‍हें और मोहलत देने को तैयार नहीं है. इन 34 बिजली कंपनियों पर बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपए बकाया है. रिजर्व बैंक ने फरवरी 2018 में एक सर्कुलर में स्पष्ट किया था कि कर्ज में डूबीं 70 कंपनियां इसे चुकाने में देरी करती हैं तो उसे डिफॉल्टर मान कर उनके कर्ज की गई रकम को एनपीए (फंसा लोन) घोषित कर दिया जाएगा. इसे तकनीकी भाषा में 'वन डे डिफॉल्ट नॉर्म' कहते हैं. यह 1 मार्च 2018 से लागू हो गई थी. बैंकों को ऐसे सभी पिछले मामलों को सुलझाने के लिए 1 मार्च 2018 से 180 दिनों का वक्त दिया गया था जो सोमवार (27 अगस्‍त) को पूरा हो गया. इस दौरान कंपनियों और बैंकों के बीच जो मामले नहीं सुलझे उन सभी कंपनियों के खातों को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सकता है. इन खातों में बैंको...

'Cash on Delivery' पर RBI का सबसे बड़ा खुलासा, खतरे में ई-कॉमर्स कारोबार!

नई दिल्ली:   ई-कॉमर्स कारोबार  का सबसे अहम पेमेंट ऑप्शन  कैश ऑन डिलीवरी , आधे से ज्यादा कारोबार इसी पेमेंट ऑप्शन से चलता है. लेकिन, भारतीय रिजर्व बैंक ने इसे लेकर बड़ा खुलासा किया है. आरबीआई के खुलासे के बाद ऐसा माना जा रहा है कि ई-कॉमर्स कारोबार सिमट कर रह जाएगा. दरअसल, एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने ई-कॉमर्स के सबसे पसंदीदा पेमेंट ऑप्शन  कैश ऑन डिलिवरी  को गैरकानूनी बताया है. आरबीआई के मुताबिक, कैश ऑन डिलीवरी 'रेगुलेटरी ग्रे एरिया' हो सकता है. कैश ऑन डिलीवरी से चलता है आधा कारोबार आपको बता दें, देश में ई-कॉमर्स कंपनियों का आधा कारोबार कैश ऑन डिलीवरी से चलता है.  फ्लिपकार्ट, अमेजॉन और दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म  अपने ग्राहकों से थर्ड पार्टी वेंडर्स की तरफ से सामान की डिलिवरी के वक्त कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा देते हैं. आरबीआई ने एक आरटीआई के जवाब में बताया, 'एग्रिगेटर्स और अमेजॉन-फ्लिपकार्ट जैसी पेमेंट इंटरमीडियरीज पेमेंट्स ऐंड सेटलमेंट्स सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत अधिकृत नहीं हैं.' एक्ट में नहीं है कैश ऑन डिलीवरी का जिक्र इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, पेमेंट्स ऐंड ...

दिसंबर तक बंद होंगे ये ATM कार्ड, इसके बाद नहीं करेंगे काम, आपने चेक किया

नई दिल्‍ली:   बैंक के एटीएम  को लेकर बड़ी खबर है. जल्द ही आपका  एटीएम कार्ड   काम करना बंद कर सकता है. दरअसल, मैग्नेटिक स्ट्राइप वाले कार्ड को बैंक बंद करने जा रहे हैं. इनकी जगह चिप वाले कार्ड ही इस्तेमाल कर सकते हैं. देश में इस वक्त दो तरह के  एटीएम कार्ड  मौजूद हैं. पहला कार्ड मैग्नेटिक स्ट्राइप वाला और दूसरा चिप वाला कार्ड. लेकिन, अब बैंक मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड बंद कर दिए जाएंगे. चिप वाले कार्ड से इन्हें रिप्‍लेस कर दिया जाएगा. दरअसल, RBI के आदेश के अनुसार ऐसा किया जा रहा है. कार्ड रिप्लेस की डेडलाइन दिसंबर 2018 है. RBI ने यह कदम ग्राहकों के  एटीएम-डेबिट व क्रेडिट कार्ड की डिटेल्‍स सिक्‍योर रखने के लिए उठाया है. पुरानी टेक्नोलॉजी है मैग्नेटिक स्ट्राइप आरबीआई के मुताबिक, मैग्‍नेटिक स्‍ट्राइप कार्ड अब पुरानी टेक्‍नोलॉजी हो चुकी है. ऐसा कार्ड्स बनाना भी बंद कर दिया गया है. दरअसल, यह कार्ड्स पूरी तरह सिक्योर नहीं थे. यही वजह है कि इन्हें बंद किया गया. इनकी जगह EMV चिप कार्ड को तैयार किया गया है. सभी पुराने कार्ड्स को नए चिप कार्ड्स से बदला जाएगा. 2016 में RBI ने दिया था आदेश रिजर्व ब...