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अफगानिस्तान में हुए हमले में अमेरिका के एक सैनिक की मौत: नाटो

अफगानिस्तान में शनिवार को एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई. काबुल:  अफगानिस्तान में शनिवार को एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई. इसके साथ ही युद्धग्रस्त देश में इस साल मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या नौ हो गई है. नाटो ने सैनिक के मारे जाने की बात कही, लेकिन उसके बारे में फिलहाल कोई ब्योरा जारी नहीं किया है और न ही मौत की परिस्थितियों के बारे में कुछ जानकारी दी है. अफगानिस्तान में इस महीने दूसरे अमेरिकी सैनिक की जान गई है. युद्धग्रस्त देश की सेना को प्रशिक्षित करने और उसकी मदद के लिए तैनात विदेशी सैनिकों के लिए सेना के अंदर से ही होने वाले हमले सिरदर्द बने हुए हैं. ब्रेंट टेलर नाम के अमेरिकी सैनिक की गत तीन नवंबर को सेना के अंदर से ही हुए हमले में मौत हो गई थी. पहले भी इस तरह के कई हमले हो चुके हैं. अफगानिस्तान में 2001 में अमेरिका नीत गठबंधन सेना द्वारा तालिबान को अपदस्थ किए जाने के बाद से 2,200 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.

अफगानिस्तान : आत्मघाती हमलावरों ने बनाया इस्लामी विद्वानों को निशाना, 50 लोगों की मौत

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘इस्लामी मूल्यों और पैगंबर मोहम्मद के अनुयायियों पर एक हमला’’ बताया है. काबुल:  अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को एक आत्मघाती हमलावर ने बड़ी संख्या में एकत्र इस्लामी विद्वानों को निशाना बनाया जिसमें 50 लोगों की मौत हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता वाहिद मजरूह ने बताया कि हमले में लगभग 83 लोग घायल हो गये जिनमें से 20 की हालत गंभीर बनी हुई है. इस हमले की तत्काल किसी भी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है. काबुल पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता बशीर मुजाहिद ने कहा,‘‘हमले के पीड़ित दुर्भाग्यवश धार्मिक विद्वान थे जो पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन मनाने के लिए एकत्र हुए थे.’’ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘इस्लामी मूल्यों और पैगंबर मोहम्मद के अनुयायियों पर एक हमला’’ बताया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी इस हमले की निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना जाहिर की.

अफगानिस्तान में सेना ने तालिबानी लड़ाकों पर किया हवाई हमला, 50 आतंकियो की मौत

काबुल:  अफगानिस्तान  के फरयाब प्रांत में तालिबान आतंकियों पर हवाई हमलों में पचास से अधिक तालिबानी मारे गए और दस से अधिक घायल हो गए. अफगान सेना के प्रवक्ता मोहम्मद हनीफ रेजाई ने कहा कि  तालिबान आतंकियों  के एक समूह ने सैन्य काफिले को निशाना बनाने के लिए एक मार्ग को अवरुद्ध किया था. सरकारी बलों ने इन आतंकियों पर कई हवाई हमले किए, जिनमें 54 आतंकी मारे गए और 10 से अधिक घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने कहा कि मारे गए आतंकियों में तालिबान के दो वरिष्ठ कमांडर मुल्ला शाह वली और मुल्ला कय्यूम शामिल हैं. अधिकारी ने कहा कि इलाके में अभी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है जिसमें वायुसेना मदद कर रही है. तालिबान ने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. आपोको बता दें कि उत्तरी अफगानिस्तान के एक सैन्य शिविर पर तालिबान के लड़ाकों ने 14 अगस्त को कब्जा कर लिया था. इस दौरान तालिबान लड़ाकों ने कम से कम 14 सैनिकों को मार डाला था. वहीं, दर्जनों को बंधक बना लिया था. इस दौरान कई सैनिक शिविर से बच निकले थे.

अफगानिस्तानः अशरफ गनी ने खुफिया प्रमुख और मंत्रियों का इस्तीफा नामंजूर किया

काबुल:  आतंकवादी हमलों में इजाफे को लेकर सरकार की कड़ी आलोचनाओं के बीच अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने खुफिया सेवाओं के प्रमुख और आंतरिक एवं रक्षा मंत्रियों के इस्तीफे आज नामंजूर कर दिए. गनी ने रक्षा मंत्री तारिक शाह बहरामी, गृहमंत्री वाएस अहमद बरमाक और खुफिया प्रमुख मासूम स्तानिकजई से अपने पद पर बने रहने को कहा. तीनों ने कल अपना त्यागपत्र दिया था. राष्ट्रपति ने तीनों से देश की सुरक्षा बढ़ाने में उनसे मदद करने को कहा. सुरक्षा स्थिति में सुधार करने के लिए आवश्यक निर्देश राष्ट्रपति प्रासाद से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘सदर गनी ने उनके त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया और उन्हें सुरक्षा स्थिति में सुधार करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए.’’ उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को गनी के शक्तिशाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद हनीफ अत्मार ने इस्तीफा दे दिया था. अक्तूबर में प्रस्तावित संसदीय चुनावों से पहले यह एका सरकार के लिए एक बड़ा झटका था.

काबुल में आत्मघाती हमलावर ने छात्रों को निशाना बनाया, 48 की मौत

काबुल :  अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आज एक आत्मघाती बम हमलावर ने एक शिया बहुल इलाके में विश्वविद्यालय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को निशाना बनाकर हमला किया. इस हमले में कम-से-कम 48 लोगों की मौत हो गई और 67 लोग घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. इससे पहले की रिपोर्टों में 25 लोगों के मरने और 36 के घायल होने की खबर थी. इस्लामिक स्टेट को बताया हमले का जिम्मेदार इस हमले के लिए इस्लामिक स्टेट समूह को जिम्मेदार बताया जा रहा है. अफगानिस्तान के शिया समुदाय पर हाल में किया गया यह सबसे भीषण हमला है. हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. संयुक्त राष्ट्र मिशन ने की हमले की निंदा अधिकतर पीड़ित हाई स्कूल ग्रैजुएट थे, जो यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे थे. मृतकों में कई महिला छात्राएं भी हैं. अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, "किसी भी परिस्थिति में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों को उचित नहीं ठहराया जा सकता."