ह्यूस्टन : भारतीय-अमेरिकी मूल के एक वैज्ञानिक ने 50 ऐसे प्रोटीन बायोमार्कर की पहचान की है, जिससे आसानी से तेज पेट दर्द या इंफ्लेमेट्री बाउल डिजीज (IBD) का पता लगाया जा सकता है. आईबीडी के कारण डायरिया, पेट में मरोड़ और वजन में कमी की समस्या हो सकती है. अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चंदर मोहन को अमेरिका के क्रॉन्स एंड कोलाइटिस फाउंडेशन से 3,47,490 अमेरिकी डॉलर का अनुदान मिला है. इस बीमारी में होता है पाचन तंत्र में दर्द आईबीडी विशेषज्ञ शुभ्रा कुगातासन के साथ मिलकर मोहन, मल में मौजूद ऐसे प्रोटीन बायोमार्कर की जांच कर रहे हैं, जिससे बीमारी का पता चल सके. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और आंत की कोशिकाओं के बीच संतुलन नहीं बन पाने के कारण आईबीडी की समस्या पैदा होती है. दोनों ही बीमारियों में पाचन तंत्र में दर्द होता है. पेट दर्द में मदद करता है पीपल इससे पहले एक अध्ययन में बताया गया था कि पीपल का पेड़ जितना धार्मिक मान्यताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है उतना ही औषधीय गुणों से भरपूर है, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी ही नहीं होती है. इसलिए आज हम आपको पीपल क...
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