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CSO रिपोर्ट का दावा, देश में जून तक 10 महीने में ही 1.2 करोड़ लोगों को मिला है रोजगार

नई दिल्लीः  देश में जून तक दस माह की अवधि के दौरान करीब 1.2 करोड़ रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. सीएसओ की रोजगार परिदृश्य रिपोर्ट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) तथा एनपीएस के पास नए सदस्यों के नामांकन पर आधारित है. रिपोर्ट के अनुसार सितंबर, 2017 से जून, 2018 के दौरान ईएसआईसी की स्वास्थ्य बीमा योजना नियोक्ता राज्य बीमा (ईएसआई) से 1,19,66,126 नए सदस्य जुड़े. सबसे अधिक नए सदस्यों का नामांकन इस साल मई में 13,18,395 का हुआ. इसी तरह 1,07,54,348 नए सदस्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े जबकि इस दस माह की अवधि में 60,40,616 सदस्यों की संख्या कम हुई. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि में अनुमानत: 6,10,573 नए अंशधारक राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े. सीएसओ ने रोजगार परिदृश्य पर यह रिपोर्ट सितंबर, 2017 से जून, 2018 की अवधि पर आधारित है. यह चुनिंदा सरकारी एजेंसियों (ईपीएफओ, ईएसआईसी और पीएफआरडीए) के पास उपलब्ध प्रशासनिक रिकॉर्ड पर आधारित है. सीएसओ ने कहा कि यह रिपोर्ट ...

भूख से तड़प रहे थे बच्चे, नहीं जुटा सका रोटी, परिवार को जहर खिलाकर ले ली खुद की जान

आर्या और रूद्रप्रताप ने जहर थूक दिया और बाहर भाग निकले. बाहर जाकर उन्होंने घटना की जानकारी अपने मकान मालिक को दी. मकान मालिक के मौके पर पहुंचने तक अंशुमान सिंह और दिव्यांशी की मौत हो चुकी थी. देहरादून:  उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में एक  बेरोजगार  व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बेटियों की जहर देकर हत्या करने के बाद अपनी भी जान ले ली. कुंडा क्षेत्र में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में 33 वर्षीय अंशुमान सिंह के दो अन्य बच्चे बच गए. औद्योगिक शहर काशीपुर से सटे कुंडा के थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि बेरोजगारी के कारण कर्जदारों की ओर से बनाए जा रहे दबाव से परेशान हो गया था. दो वक्त की रोटी भी नहीं जुटा पा रहा था अंशुमान जानकारी के अनुसार, सिंह के घर में कल कुछ खाने को नहीं था जिसके बाद वह बाहर से कुछ धन की व्यवस्था करने की बात कहकर निकला. दोपहर को वापस आने के बाद उसने अपनी पत्नी सरिता (30), बड़ी बेटी दिव्यांशी (15), मंझली बेटी हिमांशी (14), छोटी बेटी आर्या (10) और इकलौते पुत्र रूद्रप्रताप (13) को जबरन  जहर  खिलाने के बाद स्वयं भी उसका सेवन कर लिया. जहर थूकने पर बच गए दो बच्चे हालांक...