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भूख से तड़प रहे थे बच्चे, नहीं जुटा सका रोटी, परिवार को जहर खिलाकर ले ली खुद की जान

आर्या और रूद्रप्रताप ने जहर थूक दिया और बाहर भाग निकले. बाहर जाकर उन्होंने घटना की जानकारी अपने मकान मालिक को दी. मकान मालिक के मौके पर पहुंचने तक अंशुमान सिंह और दिव्यांशी की मौत हो चुकी थी.

देहरादून: उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में एक बेरोजगार व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बेटियों की जहर देकर हत्या करने के बाद अपनी भी जान ले ली. कुंडा क्षेत्र में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में 33 वर्षीय अंशुमान सिंह के दो अन्य बच्चे बच गए. औद्योगिक शहर काशीपुर से सटे कुंडा के थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि बेरोजगारी के कारण कर्जदारों की ओर से बनाए जा रहे दबाव से परेशान हो गया था.

दो वक्त की रोटी भी नहीं जुटा पा रहा था अंशुमान
जानकारी के अनुसार, सिंह के घर में कल कुछ खाने को नहीं था जिसके बाद वह बाहर से कुछ धन की व्यवस्था करने की बात कहकर निकला. दोपहर को वापस आने के बाद उसने अपनी पत्नी सरिता (30), बड़ी बेटी दिव्यांशी (15), मंझली बेटी हिमांशी (14), छोटी बेटी आर्या (10) और इकलौते पुत्र रूद्रप्रताप (13) को जबरन जहर खिलाने के बाद स्वयं भी उसका सेवन कर लिया.

जहर थूकने पर बच गए दो बच्चे
हालांकि, आर्या और रूद्रप्रताप ने जहर थूक दिया और बाहर भाग निकले. बाहर जाकर उन्होंने घटना की जानकारी अपने मकान मालिक को दी. मकान मालिक के मौके पर पहुंचने तक अंशुमान सिंह और दिव्यांशी की मौत हो चुकी थी. सरिता और हिमांशी की हालत काफी खराब थी. दोनों को मकान मालिक ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान शनिवार सुबह उनकी भी मौत हो गई.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिंह बेरोजगार था और काशीपुर स्थित सूर्या रोशनी में काम करने वाली सरिता की नौकरी भी उसने कुछ दिनों पहले छुड़वा दी थी जिससे घर के हालात बहुत खराब हो गए थे. कर्जदार रोज अपना बकाया वसूलने के लिए उस पर दबाव डाल रहे थे.

अंशुमान सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर का निवासी था और वहां भी उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था. दो साल पहले वह बेहतर जिंदगी की आस लेकर काशीपुर आकर बस गया था.

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