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आर्टिकल 370 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अप्रैल में सुनवाई करेगा SC

पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने इस याचिका की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस समय मौजूदा हालात बहुत ही संवेदनशील हैं. नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार के अनुरोध पर शुक्रवार को कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी संविधान के अनुच्छेद 370 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अप्रैल में सुनवाई की जाएगी. न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने इस याचिका की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस समय मौजूदा हालात बहुत ही संवेदनशील हैं. इस पर पीठ ने कहा कि वह अप्रैल, 2019 के पहले सप्ताह में इस मामले की सुनवाई करेगी. अटार्नी जनरल ने कहा,‘राज्य में राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि जिसमें इस मामले की सुनवाई नहीं की जानी चाहिए.’  जम्मू कश्मीर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी और अधिवक्ता शोएब आलम ने कहा कि राज्य में नौ चरणों में चल रहे पंचायत चुनावों की वजह से सुनवाई स्थगित करने के लिए पत्र दिया गया है. इस पर पीठ ने कहा कि अनुच्छेद...

भीमा कोरेगांव केस : पुणे कोर्ट में 10 आरोपियों के खिलाफ 5 हजार पन्‍नों की चार्जशीट दायर

पांच को छह जून को गिरफ्तार किया गया था. वहीं इस मामले में पांच आरोपी अभी भी फरार हैं. नई दिल्‍ली/पुणे :   भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले  में गुरुवार को पुणे पुलिस ने सेशंस कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है. पुलिस ने कोर्ट में इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. यह चार्जशीट 5,160 पन्‍नों की है. जिन 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है, उनमें से पांच को छह जून को गिरफ्तार किया गया था. वहीं इस मामले में पांच आरोपी अभी भी फरार हैं. गुरुवार को पुणे पुलिस ने सेशंस कोर्ट में पांच आरोपियों वकील सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, सुधीर ढवले और रोना विल्सन समेत दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. इन्हें छह जून को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले चार्जशीट तय समय सीमा में दायर नहीं किए जाने के खिलाफ सुरेंद्र गडलिंग ने हाईकोर्ट में भी अपील की थी. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया था. सुप्रीम कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने की समयसीमा बढ़ाने के पुणे सेशंस कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था. अब माना जा रहा है कि चार्जशीट दायर होने के बाद आरोपी जमानत के ...

सीबीआई नि‍देशक आलोक वर्मा की याचि‍का पर सोमवार को होगी सुनवाई, CVC सौंपेगी रि‍पोर्ट

    नई दिल्ली :  सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी. सुनवाई में सीवीसी अलोक वर्मा के ख़िलाफ़ अपनी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी. पिछली सुनवाई में 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को अलोक वर्मा के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच 2 हफ्ते में पूरी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देने का आदेश दिया था. इस जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज ए के पटनायक करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कोई भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे. अलोक वर्मा ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार की ओर से उन्हें अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजे जाने तथा सीबीआई निदेशक पद का अंतरिम प्रभार 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के ओडिशा कैडर के अधिकारी तथा एजेंसी के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. आलोक वर्मा ने याचिका में कहा है कि सीबीआई से उम्मीद की जाती है कि वह एक स्वतंत्र और स्‍वायत्‍त एजेंसी के तौर पर काम करेगी. ऐसे हालात को नहीं टाला जा सकता, जब उच्च पदों पर बैठे लोगों से संबंध...

CBI निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपेगा CVC

    नई दिल्ली :  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज (सोमवार को) सुनवाई होगी. सुनवाई में सीवीसी अलोक वर्मा के ख़िलाफ़ अपनी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी. पिछली सुनवाई में 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को अलोक वर्मा के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच 2 हफ्ते में पूरी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देने का आदेश दिया था. इस जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज एके पटनायक करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कोई भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे. अलोक वर्मा ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार की ओर से उन्हें अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजे जाने तथा सीबीआई निदेशक पद का अंतरिम प्रभार 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के ओडिशा कैडर के अधिकारी तथा एजेंसी के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. ये भी पढ़ें- सीवीसी के समक्ष पेश हुए सीबीआई निदेशक, भ्रष्टाचार के आरोप किए खारिज आलोक वर्मा ने याचिका में कहा है कि सीबीआई से उम्मीद की जाती है कि वो एक स्वतंत्र औ...

CBI निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपेगा CVC

    नई दिल्ली :  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज (सोमवार को) सुनवाई होगी. सुनवाई में सीवीसी अलोक वर्मा के ख़िलाफ़ अपनी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी. पिछली सुनवाई में 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को अलोक वर्मा के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच 2 हफ्ते में पूरी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देने का आदेश दिया था. इस जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज एके पटनायक करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कोई भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे. अलोक वर्मा ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार की ओर से उन्हें अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजे जाने तथा सीबीआई निदेशक पद का अंतरिम प्रभार 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के ओडिशा कैडर के अधिकारी तथा एजेंसी के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. ये भी पढ़ें- सीवीसी के समक्ष पेश हुए सीबीआई निदेशक, भ्रष्टाचार के आरोप किए खारिज आलोक वर्मा ने याचिका में कहा है कि सीबीआई से उम्मीद की जाती है कि वो एक स्वतंत्र औ...

चुनाव से पहले बढ़ीं वसुंधरा-दुष्यंत की मुश्किलें, SC ने जमीन बेचने के मामले में जारी किया नोटिस

नई दिल्ली:  धौलपुर पैलेस के आसपास की 567 वर्गमीटर जमीन को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को बेचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया व उनके पुत्र दुष्यंत सिंह सिंधिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील श्रीजना श्रेष्ठा की याचिका पर नोटिस जारी किया. याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 8 अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई है. दरअसल, 8 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने वसुंधरा राजे और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था. आपको बता दें कि वकील श्रीजना श्रेष्ठा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि वसुंधरा व दुष्यंत ने धौलपुर शहर में धौलपुर पैलेस के आसपास की 567 वर्गमीटर भूमि को गैरकानूनी रूप से अपनी होने का दावा किया और दोनों ने इस भूमि को एनएचएआई को दो करोड़ में बेच दिया. याचिका में बताया गया है कि एनएचएआई ने यह जमीन साल 2010 में राष्ट्रीय राजमार्ग-3 को चौड़ा करने के लिए खरीदी थी. याचिका में निचली अदालत द्वारा गत अप्रैल में दिए उस ...

CBI Vs CBI: हैदराबाद व्यापारी सतीश सना को SC से राहत नहीं, नोटिस पर रोक से इनकार

नई दिल्ली :  सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ शिकायत करने वाले हैदराबाद के व्यापारी सतीश सना को सीबीआई के सामने पेश होना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने सतीश सना के खिलाफ सीबीआई की नोटिस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद पुलिस को कहा है कि सतीश सना को सुरक्षा मुहैया कराई जाए.दरअसल,सीबीआई ने सना को पूछताछ के लिए बुलाया था.इस बुलावे पर सना सुप्रीम कोर्ट पहुंच थे. सना ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण देने की मांग करते हुए समन पर रोक लगाने को कहा था.अपनी अर्जी में सना ने यह भी कहा था कि उसका कोई भी बयान सीवीसी जांच की निगरानी कर रहे रिटायर जस्टिस एके पटनायक के सामने ही रिकॉर्ड कराया जाए. 2 करोड़ की घूसखोरी का लगा आरोप सना की शिकायत पर सीबीआई ने 15 अक्तूबर को अस्थाना के खिलाफ दो करोड़ की घूसखोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी. उधर, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने इसी मामले में सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और एजेंसी में नंबर दो अधिकारी अस्थाना को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है.सीवीसी रिटायर्ड जस्टिस पटनायक की निगरानी में सीबीआई के इ...

राज्य सरकारें तय करेंगी कौन से 2 घंटे पटाखे फोड़ सकेंगे लोग: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए रात आठ बजे से 10 बजे तक का समय तय करने संबंधी अपने आदेश में बदलाव किया है. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें अपने हिसाब से पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे का समय तय कर सकती है. पिछली सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने शाम आठ से रात 10 बजे तक पटाखे फोड़ने का समय निर्धारित किया था, लेकिन अब राज्य सरकारें अपने हिसाब से तय करेगी कि वह कौन से दो घंटे निर्धारित करना चाहती है. कोर्ट ने कहा कि अगर सुबह-शाम दोनों समय पटाखे की परंपरा है, तो दोनों वक्त 1-1 घंटा दिया जा सकता है. ग्रीन पटाखे जलाने की शर्त केवल दिल्ली-NCR में लागू होंगे. देश के बाकी हिस्सों में सामान्य पटाखे फोड़े जा सकेंगे. इससे पहले 23 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली और दूसरे त्योहारों के अवसर पर पटाखे फोड़ने के लिये रात आठ बजे से दस बजे की समय सीमा निर्धारित करते हुये देशभर में कम प्रदूषण उत्पन्न करने वाले हरित पटाखे बनाने की अनुमति दे दी थी. न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने फ्लिपकार्ट और एमेजन जैसी ई-व्यापारिक वेबस...

भूषण स्टील के प्रोपराइटर को फिलहाल नहीं जाना होगा जेल, SC से अंतरिम जमानत बहाल

नई दिल्‍ली :  भूषण स्टील लिमिटेड के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज सिंघलको सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को अपने आदेश में सिंघल को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत को बहाल रखा है. हालांकि हाईकोर्ट में मामले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को अपने पास ट्रांसफर करने का भी आदेश दिया है. दरअसल, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) और केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती थी जिसमें हाईकोर्ट ने सिंघल को जमानत दे दी थी. नीरज सिंघल पर आरोप है कि 80 अलग-अलग फर्मों का उपयोग करते हुए भूषण स्टील के बैंक ऋण से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है. सिंघल को आठ अगस्त को कंपनी कानून के तहत केंद्र सरकार के मई 2016 के आदेश के तहत एसएफआईओ की भूषण स्टील लिमिटेड और भूषण स्टील एंड पावर लिमिटेड के कामकाज की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. हाईकोर्ट ने सिंघल को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और दो-दो लाख रुपये के दो जमानती देने का आदेश देते हुए अंतरिम राहत दी थी. नीरज सिंघल ऐसे पहले व्यक्ति...

मुस्लिम से हिंदू बन जैन लड़की से की थी शादी, सुप्रीम कोर्ट में लड़की ने पति के साथ जाने से किया मना

नई दिल्ली :  सुप्रीम कोर्ट में  एक अजीबोगरीब प्रेम विवाह का अंत बड़े नाटकीय ढंग से हुआ. इस प्रेम विवाह में   छत्तीसगढ़ के मुस्लिम युवक ने एक जैन लड़की से हिंदू बनकर शादी की.  लड़की ने ये विवाह अपने माता पिता की मर्जी के खिलाफ किया था. बाद में मुस्लिम युवक ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा कि उसकी पत्नी को उसके माता पिता से खतरा है. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. यहां लड़की ने कहा, उसने अपनी मर्जी से ये विवाह किया था, अब वह अपनी मर्जी से माता पिता के साथ रहना चाहती है. इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने कहा, ये महिला का अधिकार है कि वह किसके साथ रहना चाहती है. ये मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी का है. यहां के युवक मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी और अशोक कुमार जैन की बेटी अंजलि जैन आपस में प्यार करते थे. इब्राहिम ने हिंदू आर्यन आर्य बनकर 25 फरवरी, 2018 को रायपुर के एक आर्य समाज मंदिर में अंजलि से शादी की. थोड़े दिनों में ही ये मामला हाईकोर्ट पहुंच गया. जहां उसने आरोप लगाया कि उसे उसकी पत्नी से बलपूर्वक अलग किया गया है. उसने कहा कि उसकी पत्नी ने हाई कोर्ट में कहा कि वह 23 साल की है और बालिग है तथा अपनी मर्जी से उस...

व्‍हाट्सएप के अधिकारी की नियुक्ति के मामले में SC ने कंपनी और सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्‍ली :  मैसेजिंग एप व्हाट्सएप की पेमेंट सर्विस पर रोक लागने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और केंद्र सरकार (कानून, आईटी और वित्त मंत्रालय) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस इंदू मलहोत्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को 'सेंटर फॉर अकांउटेलिबिटी एंड सिस्टेमैटिक चेंज’ संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया. दरअसल याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने को कहा गया है कि जब तक व्हाट्सएप रिजर्व बैंक के सभी नियमों का पूर्ण रूप से पालन न कर ले, तब तक उसकी पेमेंट सर्विस रोक दी जाए. बता दें कि यह याचिका 'सेंटर फॉर अकांउटेलिबिटी एंड सिस्टेमैटिक चेंज’ संगठन ने दायर की है. संगठन का कहना है कि यह मैसेंजर कंपनी भारत में कई कानूनी प्रावधानों को पूरी नहीं करती है. संगठन द्वारा याचिका में कहा गया है कि बैंक खाता खोलने के लिए ग्राहक को KYC नियमों के साथ रिजर्व बैंक की कई प्रावधानों को पूरा करना पड़ता है. लेकिन व्हाट्सएप एक विदेशी कंपनी है. इसका भारत में न ही कोई सर्वर है और ना ही कोई ऑफिस. ऐसे में व्हाट्सए...

जम्‍मू-कश्‍मीर के अनुच्छेद 35A के खिलाफ दायर याचिका पर SC में सुनवाई आज

नई दिल्ली :  जम्मू और कश्मीर के नागरिकों को विशेष दर्जा देने वाले और राज्य के स्थाई निवासी की परिभाषा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 35A के खिलाफ दायर नई जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर नई याचिका पर सुनवाई करेगी. हालांकि मुख्य मामले की सुनवाई सोमवार को नहीं होगी. अब मुख्य मामले की सुनवाई 31 अगस्त को हो सकती है. 27 को ही होनी थी मुख्‍य मामले की सुनवाई दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य मामले की सुनवाई 27 अगस्त के लिए तय की थी. जहां कोर्ट को तय करना था कि इस मामले को संविधान पीठ के भेजा जाए या नहीं. आपको बता दें कि अश्विनी उपाध्याय की नई याचिका में कहा गया है कि यह अनुच्छेद दूसरे राज्यों के लोगों से शादी करने वाली जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करता है. कई याचिकाओं पर हो रही सुनवाई सुप्रीम कोर्ट इस अनुच्छेद को रद्द करने की मांग को लेकर दायर कई याचिकाओं पर पहले से ही सुनवाई कर रहा है. याचिका में ये भी कहा गया है कि अनुच्छेद 35 ए मनमाना और मौलिक...

कर्ज चुकाने के लिए परिवार के मुखिया को है पैतृक संपत्ति बेचने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:   54 साल तक विभिन्न अदालतों में मुकदमेंबाजी के बाद  सुप्रीम कोर्ट  का अंतिम फैसला आया. विवाद पैतृक संपत्ति बेचने का था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि पारिवार का क़र्ज़ अदा करने या परिवार की अन्य कानूनी जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवार के मुखिया को पैतृक संपत्ति बेचने का पूरा अधिकार है. ऐसे मुखिया के फैसले को उसके वारिस कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते. यह मामला पुत्र ने अपने पिता के खिलाफ 1964 में निचली अदालत में दायर किया था, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचना, लेकिन तब तक वादी और प्रतिवादी, यानि पिता और पुत्र दोनों इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके उत्तराधिकारियों ने मुकदमें को जारी रखा. इस मामले में लुधियाना में पिता प्रीतम सिंह ने 1962 में अपनी पैतृक संपत्ति की अपनी 164 कैनाल जमीन 19,500 रुपये में बेच दी थी, पिता के ज़मीन बेचने के फैसले को पुत्र केहर सिंह ने अदालत में चुनौती दी , दलील दी कि पैतृक संपत्ति को पिता नहीं बेच सकते क्योंकि पैतृक संपत्ति में बच्चों की भी हिस्सेदारी होती है. इसलिए बच्चों की सहमति के बिना पिता पैतृक जमीन नहीं बेच सकते. निचली अदालत ने इस मामले में...

सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला, तलाक की अर्जी अगर पेंडिंग है तो भी दूसरी शादी मान्य

नई दिल्ली :  हिंदू मैरिज एक्ट के तहत भले तलाक के खिलाफ दाखिल अपील की पेंडेंसी के दौरान महिला या पुरुष में से किसी के भी दूसरी शादी पर रोक है. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए फैसले में कहा है कि अगर तलाक की अर्जी लंबित है और दोनों पक्षों में केस को  लेकर सहमति है तो दूसरी शादी मान्य होगी. हिंदू मेरिज एक्ट के सेक्शन 15 की व्याख्या करते हुए जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बैंच ने कहा, तलाक के खिलाफ अपील की पेंडेंसी के दौरान दूसरी शादी पर रोक का प्रावधान तब लागू नहीं होता, जब पक्षकारों ने समझौते के आधार पर केस आगे न चलाने का फैसला कर लिया हो. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सेक्शन 15 कहता है जब एक शादी डिवोर्स की प्रक्रिया से खत्म हो रही हो और इस प्रक्रिया के खिलाफ कोई अपील न हो. मौजूदा मामले में तलाक की डिक्री के खिलाफ अपील पेंडेंसी के दौरान पति ने पहली पत्नी से समझौता कर लिया और केस वापस लेने की अर्जी लगाई. इसी दौरान दूसरी शादी कर ली. हाईकोर्ट ने शादी को अमान्य कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पति की अर्जी स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ...

राज्यसभा में नहीं कर सकेंगे NOTA का इस्तेमाल: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:  राज्यसभा चुनाव में नोटा (NOTA) के इस्तेमाल के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में साफ किया कि राज्यसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. पीठ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को छोड़कर अन्य चुनावों में नोटा का इस्तेमाल किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में नोटा का विकल्प निरस्त कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटा सिर्फ प्रत्यक्ष यानी डाइरेक्ट इलेक्शन में हो सकता है. दरअसल, पिछले साल गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता शैलेश परमार ने याचिका दाखिल कर NOTA का विकल्प रखने का विरोध किया था.हालांकि, तब कोर्ट ने रोक से मना कर दिया था। आज मामले पर फैसला दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की उस अधिसूचना पर सवाल उठाए थे, जिसमें राज्यसभा चुनावों के लिए बैलट पेपर में ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) की अनुमति दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नोटा की शुरुआत इसलिए की गई थी ताकि प्रत्यक्ष चुनावों में कोई व्यक्ति वोटर के तौर पर इस विकल्प का इस्तेमाल कर स...

केरल बाढ़ पर सीजेआई बोले, 'सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भी करेंगे राहत कोष में योगदान

नई दिल्ली:  सीजेआई दीपक मिश्रा ने सोमवार को कहा कि केरल में बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए बने बाढ़ राहत कोष में सुप्रीम कोर्ट के 25 न्यायाधीश अपना योगदान करेंगे. इस बाढ़ से बड़े पैमाने पर केरल में जान-माल का नुकसान हुआ है. सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़़ की पीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान ‘अनुचित आवेदन’ दाखिल करने पर वादी पर 25 लाख रूपए का जुर्माना लगाने पर विचार के दौरान यह टिप्पणी की. इस जनहित याचिका पर पहले ही सुनवाई पूरी हो चुकी है. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इस मामले को अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सर्वथा उचित बताते हुए कहा कि जुर्माने की राशि केरल के मुख्यमंत्री के बाढ़ राहत कोष में जमा करा दी जानी चाहिए. इस पर जस्टिस ने वेणुगोपाल से कहा, ‘‘हम भी इस कोष में कुछ योगदान कर रहे हैं. इस न्यायालय के न्यायाधीश भी पीड़ितों की राहत के लिये योगदान करेंगे.’’ अटॉर्नी जनरल केके वेणुगेापाल ने कुछ दिन पहले ही केरल आपदा राहत कोष में एक करोड़ रूपए की धनराशि का योगदान करने की घोषणा की थी. बाढ़ से प्रभावित केरल के निवासी शीर्ष अदालत के न्या...

आफस्पा मामले में सेना के जवानों और अधिकारियों की याचिका पर SC में अब 4 सितंबर को सुनवाई

नई दिल्ली : आफस्पा  मामले में अपने हितों को सुरक्षित करने की गुहार लेकर सेना के 356 जवानों और अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 4 सितंबर को सुनवाई करेगा. जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता पीठ ने मामले की सुनवाई 4 सितंबर के लिए टाल दी. 4 सितंबर को वही बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी, जो आफस्पा मामले की सुनवाई कर चुकी है. दरअसल, सेना के 356 जवानों और अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि देश की सुरक्षा के लिए आर्म्‍ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट ( आफस्पा  ) के तहत कर्तव्य निर्वहन में किए कार्य के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर उनका उत्पीड़न न किया जाए. ऐसे में उनके हित सुरक्षित रखने के लिए कोर्ट दिशा निर्देश जारी करे. याचिका में यह भी मांग है कि सरकार को आदेश दिया जाए कि वह सैनिकों के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित अभियोजनों और एफआईआर को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए. याचिका में ये भी मांग उठाई गई है कि केंद्र सरकार की पूर्व इजाजत के बगैर आफस्पा में प्राप्त शक्तियों के तहत की गई कार्रवाई के लिए कोई एफआईआर या अभियोजन न हो. उन लोगों और स...

SC में सेना ने दायर की याचिका, 'आतंकग्रस्त क्षेत्रों में मुठभेड़ में सैनिको पर न हो कार्रवाई'

नई दिल्ली:  देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाज़ी लगाने वाले फ़ौजियों ने कानून के दुरुपयोग से अपनी सुरक्षा के लिए सुप्रीमकोर्ट में फ़रियाद लगाई है. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई होगी जिसमे 300 आर्मी अफसर ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि आतंकवाद व नक्सलवाद ग्रस्त इलाक़ों में सेना की कार्रवाई में अगर कोई मारा जाता है तो किसी सैनिक के ख़िलाफ़ एफ़आइआर न हो. याचिका में कहा गया है कि अफस्पा (AFSPA) के तहत कार्रवाई में फ़ौजी पर एफआईआर दर्ज न हो. अफस्पा स्पेशल लॉ है, जो गड़बड़ी रोकने के लिए संवेदनशील इलाक़ों में लगाया गया है. याचिका में कहा गया है कि सेना पर मुक़दमे दर्ज करने से सेना का मनोबल गिरेगा. सेना पर मुक़दमों दर्ज करने से सेना का जवान आतंकवादियों और नक्सलियों के आमने-सामने होने पर भी उन पर कार्रवाई करने से झिझकेगा. साथ ही सेना का मनोबल गिरने से राष्ट्र का नुक़सान होगा. दरअसल, मणिपुर में आतंकियों के ख़िलाफ़ सेना की मुठभेड़ की कार्रवाई में कुछ लोगों के मारे के बाद सुप्रीमकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी. याचिका में सेना की मुठभेड़ को फ़र्ज़ी कहते हुए इसकी सीबीआई जांच ...

पत्नी को पाने के लिए कोर्ट में लगाई गुहार, हिंदू धर्म अपनाकर रचाई थी शादी

नई दिल्ली :  छत्तीसगढ़ में 23 साल की एक हिंदू लड़की से शादी करने के लिए मुसलमान से हिंदू बन गए 33 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका को उसके माता-पिता के कब्जे से आजाद कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है और याचिका की प्रति राज्य सरकार के वकील को देने का निर्देश दिया है. पीठ ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के पुलिस अधीक्षक को प्रतिवादी नंबर 4, अशोक कुमार जैन की बेटी अंजलि जैन को 27 अगस्त, 2018 को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया जाता है. पीठ ने अदालत के अधिकारियों को इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया. हिंदू बनकर आर्यन आर्य नाम अपना चुके मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और कहा है कि उसने उसकी पत्नी के परिवार को उसे मुक्त करने का आदेश देने से इनकार कर गलती की है. उसने कहा कि उसकी और उसकी पत्नी की जान पर खतरा है. उसकी पत्नी को उसके माता-पिता उसकी मर्जी के विरुद्ध स्वतंत्रता से वंचित कर रहे हैं. उसे भी...

अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में सुप्रीम कोर्ट में आज 1 बजे तक ही होगा कामकाज

नई दिल्ली:  देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद उनके सम्मान में सु्प्रीम कोर्ट ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की है. साथ ही यह कहा है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट दिन के 1 बजे तक ही मामलों पर सुनवाई करेगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को रजिस्ट्री का काम भी 1 बजे तक ही होगा. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में किसी भी तरह का कोई कामकाज नहीं होगा.