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चुनाव से पहले बढ़ीं वसुंधरा-दुष्यंत की मुश्किलें, SC ने जमीन बेचने के मामले में जारी किया नोटिस

नई दिल्ली: धौलपुर पैलेस के आसपास की 567 वर्गमीटर जमीन को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को बेचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया व उनके पुत्र दुष्यंत सिंह सिंधिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील श्रीजना श्रेष्ठा की याचिका पर नोटिस जारी किया. याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 8 अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई है.

दरअसल, 8 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने वसुंधरा राजे और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था. आपको बता दें कि वकील श्रीजना श्रेष्ठा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि वसुंधरा व दुष्यंत ने धौलपुर शहर में धौलपुर पैलेस के आसपास की 567 वर्गमीटर भूमि को गैरकानूनी रूप से अपनी होने का दावा किया और दोनों ने इस भूमि को एनएचएआई को दो करोड़ में बेच दिया.

याचिका में बताया गया है कि एनएचएआई ने यह जमीन साल 2010 में राष्ट्रीय राजमार्ग-3 को चौड़ा करने के लिए खरीदी थी. याचिका में निचली अदालत द्वारा गत अप्रैल में दिए उस फैसले को भी चुनौती दी गई थी, जिसमें वसुंधरा व दुष्यंत के खिलाफ सीबीआई द्वारा मुकदमे के लिए मंजूरी प्रदान न करने पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने से इन्कार कर दिया गया था.

याचिकाकर्ता का ये भी कहना है कि सीबीआई ने गलत तरीके से उनकी शिकायत पर संज्ञान लेने से इन्कार कर दिया था. याची के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 19 में मंजूरी का प्रावधान नहीं है. इतना ही नहीं जनसेवक द्वारा किए गए अपराध पर संज्ञान लेने के लिए अदालत अधिकृत है. आरोपियों ने फर्जी तरीके से सरकारी एजेंसी के पास जमीन अपनी बताकर मुआवजा मांगा व एजेंसी ने उनके दावे को स्वीकार कर दो करोड़ रुपये दुष्यंत को दे दिए. उन्होंने कहा था कि आरोपियों ने अपने पद का दुरूपयोग कर जालसाजी की और सरकार को नुकसान पहुंचाया. ऐसे में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच सीबीआई के सुपुर्द करने का निर्देश दिया जाए.

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