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MP चुनाव: अखिलेश ने कांग्रेस को 200 सीटें जीतने का बताया फॉर्मूला, लेकिन...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहली बार पत्रकारों को बताया कि आखिर मध्य प्रदेश में महागठबंधन क्यों नहीं बन पाया. भोपाल:  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव  में सत्ता पाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस यहां महागठबंधन बनाने में नाकाम साबित हुई है. 15 साल से सत्ता में जमी हुई बीजेपी को हटाने के लिए कांग्रेस अकेले ही मैदान में दमखम दिखा रही है. महागठबंधन नहीं बनने के पीछे राजनीति के जानकर अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं. इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष  अखिलेश यादव  ने पहली बार पत्रकारों को बताया कि आखिर मध्य प्रदेश में महागठबंधन क्यों नहीं बन पाया. साथ ही अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास 230 में से 200 सीटें जीतने का मौका था, लेकिन उसने गंवा दिया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रस्तावित गठबंधन में बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) को शामिल करने को तैयार नहीं थी, जिसके कारण हमारा भी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं हो पाया. अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा का घोषणापत्र जारी करने के बाद संवाददाताओं ...

यदि PM नरेंद्र मोदी नहीं तो 2019 में कौन बनेगा अगला प्रधानमंत्री?

नई दिल्‍ली:  इस वक्‍त पूरे देश में सबसे बड़ी सियासी चर्चा यही चल रही है कि 2019 के आम चुनावों में यदि पीएम  नरेंद्र मोदी  के नेतृत्‍व में बीजेपी सत्‍ता में नहीं आई तो कौन आएगा? ऐसा इसलिए क्‍योंकि हालिया लोकनीति-सीएसडीएस-एबीपी सर्वे का आकलन कहता है कि पीएम मोदी की लोकप्रियता गिरी है. दूसरी तरफ बीजेपी के चुनावी रथ को रोकने के लिए कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं. इन सब वजहों से इस तरह की चर्चाओं को बल मिला है. यहीं से यह बात भी निकलती है कि यदि सभी दल मिलकर बीजेपी को हरा दें तो विपक्ष की तरफ से अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? क्‍या राहुल गांधी होंगे दावेदार? इसी कड़ी में इस सवाल को उठाते हुए इसका जवाब टटोलने की कोशिश मशहूर स्‍तंभकार तवलीन सिंह ने द इंडियन एक्‍सप्रेस के अपने नियमित कॉलम में की है. उनका आकलन है कि इसी साल के अंत में मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान में होने वाले विधानसभा चुनावों में यदि कांग्रेस, बीजेपी को हराकर सत्‍ता में आ जाए तो चीजें तेजी से कांग्रेस के अनुकूल बदलना जरूर शुरू होंगी. हालांकि साथ ही यह भी कहना है कि इसके बाद भले 2019 के आम चुनावों में विपक्षी एकजुटता...

2019 में डिंपल यादव नहीं लड़ेंगी चुनाव, अखिलेश ने बताई यह वजह

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पत्‍नी व कन्‍नौज से मौजूदा सांसद डिंपल यादव 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. नई दिल्‍ली:   सपा प्रमुख अखिलेश यादव  ने कहा है कि उनकी पत्‍नी व कन्‍नौज से मौजूदा सांसद डिंपल यादव  2019 का लोकसभा चुनाव  नहीं लड़ेंगी. सपा पर भी परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे थे. अखिलेश ने यह ऐलान कर दर्शाना चाहा है कि उनकी पार्टी परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देती. उन्‍होंने उसी क्षण बीजेपी को भी ललकारा. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी को मेरा अनुसरण करना चाहिए. उन्‍होंने ऐलान किया कि वे कन्नौज सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, जबकि मुलायम सिंह यादव मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ेंगे. कन्नौज में चुनाव की समीक्षा बैठक के दौरान अखिलेश ने कहा कि सभी लोकसभा सीट की तैयारियों की समीक्षा मैं खुद करूंगा. सपा-बसपा गठबंधन पर उन्होंने कुछ नहीं कहा. संभव है कांग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल हो. कन्‍नौज से सांसद हैं डिंपल डिंपल यादव  वर्तमान में कन्नौज सीट से सांसद हैं. इसी सीट से अखिलेश ने आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर हाल में गठबंधन के ...

अखिलेश का ऐलान...खुद कन्नौज से और मुलायम सिंह मैनपुरी सीट से लड़ेंगे चुनाव

कन्नौज:  सपा प्रमुख अखिलेश यादव  ने कहा कि वे कन्नौज सीट से  लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, जबकि मुलायम सिंह यादव मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ेंगे. कन्नौज में कार्यकर्ताओं की चुनावी समीक्षा बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सभी लोकसभा सीट की तैयारियों की समीक्षा मैं खुद करूंगा. गठबंधन को लेकर उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं बोला, लेकिन गठबंधन में फिलहाल सपा और बसपा शामिल है. हो सकता है कि कांग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल हो. इसलिए, सीटों के बंटवारे को लेकर वे ज्यादा कुछ नहीं बोले. उन्होंने कहा कि सही वक्त पर सीटों को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा. डिंपल यादव के चुनाव लड़ने को लेकर अखिलेश ने कहा कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी. बता दें, डिंपल यादव वर्तमान में कन्नौज सीट से सांसद हैं. इसी सीट से अखिलेश ने आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. सही वक्त पर होगा सीटों को लेकर फैसला- अखिलेश अखिलेश ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर हाल में गठबंधन के उम्मीदवारों को जिताने का काम करेंगे. गठबंधन का प्रत्याशी मतलब वह हम सभी का प्रत्याशी होगा. परिवारवाद के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी अपना पर...

बंगले को लेकर बढ़ सकती हैं अखिलेश की मुश्किलें, राज्यपाल ने CM को लिखा पत्र 'उचित जांच हो'

नई दिल्ली/लखनऊ:  सरकारी आवास खाली करने के दौरान की गई तोड़फोड़  अखिलेश यादव  को भारी पड़ सकती है. अखिलेश यादव ने सरकारी बगंले को जिस हालत में छोड़ा, वो लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. अब  राज्यपाल राम नाईक  ने मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  को पत्र लिखकर मामले को गंभीर बताया है. पत्र में राज्यपाल ने लिखा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जो बंगला आवंटित किया जाता है. वो राज्य संपत्ति के कोटे में आता है और उसका रख-रखाव जनता के दिए जाने वाले टैक्स के पैसों से होता है. राज्यपाल ने योगी सरकार से इस मामले में नियम के मुताबिक कार्रवाई करने की बात कही है. अधिकारियों को बुलाकर ली जानकारी राज्यपाल ने राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर मामले की जानकारी भी ली. अधिकारियों ने राज्यपाल को बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवासों की वीडियोग्राफी कराई गई है. पत्र में क्या लिखा है  पत्र में कहा गया, 'ये एक नितान्त अनुचित और गम्भीर मामला है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द...

क्या सरकारी बंगले का फर्श तक उखाड़ ले गए अखिलेश? देखें Inside Photos

1   /   11 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीती रात लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपना सरकारी बंगले की चाभी राज्य सरकार को सुपुर्द कर दिया. इसके बाद शनिवार को मीडियाकर्मी बंगले के दाखिल हुए. अंदर के विजुअल बाहर आने के बाद आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज हो गई. समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि बंगले के अंदर मीडियाकर्मियों को ले जाना अखिलेश यादव की छवि खराब करने की कोशिश है. अखिलेश ने भी ट्वीट कर विपक्ष पर सवाल उठाए. जबकि दूसरा पक्ष  बंगले को 'खंडहर' बनाने और अखिलेश की "शाही जीवनशैली" के आरोप लगा रहा है. आजतक की टीम इस सरकारी बंगले के अंदर दाखिल हुई. आइए विजुअल में देखते हैं अखिलेश के जाने के बाद बंगला किस तरह दिख रहा है...   2   /   11 वैसे तो 2 जून को ही अख‍िलेश बंगला छोड़कर गेस्‍ट हाउस में श‍िफ्ट हो गए थे. इतने दिन से उनका सामान ट्रक और ट्रॉली में डालकर श‍िफ्ट किया जा रहा था. सबकुछ खाली होने के बाद सरकारी बंगले की तस्‍वीर पूरी बदल गई है. 3   /   11 बगलें की तमाम तरह से भव्य फिनिशिंग की गई थी. लेकिन खाली होने...