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Showing posts with the label डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप-जिनपिंग के बीच हुई डिनर डिप्लोमेसी, बोले- 'यह संबंध बहुत खास'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिनर की शुरुआत में संवाददाताओं को बताया था, 'हम ऐसे मोड़ पर यह खत्म करेंगे, जो चीन और अमेरिका दोनों के लिए अच्छा होगा. यह संबंध बहुत विशेष है.' ब्यूनस आयर्स:  अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप  और उनके चीनी समकक्ष  शी जिनपिंग  ने ब्यूनस आयर्स में डिनर के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. ट्रंप ने डिनर की शुरुआत में संवाददाताओं को बताया था, 'हम ऐसे मोड़ पर यह खत्म करेंगे, जो चीन और अमेरिका दोनों के लिए अच्छा होगा. यह संबंध बहुत विशेष है.' शी ने ट्रंप के साथ अपनी निजी दोस्ती का उल्लेख करते हुए उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था इससे लाभान्वित हो सके. शी ने कहा, 'सिर्फ हमारे बीच सहयोग से ही हम वैश्विक शांति और समृद्धि हासिल हो सकती है.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शनिवार की बैठक बहुत महत्वपूर्ण रही. गौरतलब है कि इस साल के मध्य में अमेरिका ने चीन के 250 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया था, जिस पर प्रतिक्रियास्वरूप चीन ने अमेरिका के 60 अरब डॉलर के सामना पर शुल्क लगाया था. यह बैठक ब्यूनस ...

अमेरिका : बुश का ताबूत वाशिंगटन लाने के लिए एयरफोर्स वन भेज रहे हैं ट्रंप

व्हाइट हाउस का कहना है कि वाशिंगटन के नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ बुश का अंतिम संस्कार किया जाएगा. वाशिंगटन :   अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने शनिवार को कहा कि वह दिवंगत  राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश  का ताबूत वाशिंगटन लाने के लिए राष्ट्रपति का विशेष विमान भेज रहे हैं. बुश का अंतिम संस्कार यहीं होना है. डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि अर्जेंटिना में चल रहे जी20 सम्मेलन से उनकी वापसी के बाद विशेष श्रद्धांजलि के रूप में बोईंग 747 विमान ह्यूस्टन जाएगा और बुश का ताबूत लेकर वाशिंगटन लौटेगा. राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘एयर फोर्स वन मुझे और अन्य बहुत सारे लोगों को लेकर वाशिंगटन आएगा. फिर उसे (पूर्व) राष्ट्रपति बुश का ताबूत लेने के लिए ह्यूस्टन भेजा जाएगा.’’ व्हाइट हाउस का कहना है कि वाशिंगटन के नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ बुश का अंतिम संस्कार किया जाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया वहां उपस्थित रहेंगे. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश का निधन हो गया है. बीबीसी ने उनके पुत्र और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के हवाल से बताया है कि जॉर्ज एचडब्ल्यू...

ट्रंप-जिनपिंग के बीच हुई डिनर डिप्लोमेसी, बोले- 'यह संबंध बहुत खास'

ब्यूनस आयर्स:  अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप  और उनके चीनी समकक्ष  शी जिनपिंग  ने ब्यूनस आयर्स में डिनर के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. ट्रंप ने डिनर की शुरुआत में संवाददाताओं को बताया था, 'हम ऐसे मोड़ पर यह खत्म करेंगे, जो चीन और अमेरिका दोनों के लिए अच्छा होगा. यह संबंध बहुत विशेष है.' शी ने ट्रंप के साथ अपनी निजी दोस्ती का उल्लेख करते हुए उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था इससे लाभान्वित हो सके. शी ने कहा, 'सिर्फ हमारे बीच सहयोग से ही हम वैश्विक शांति और समृद्धि हासिल हो सकती है.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शनिवार की बैठक बहुत महत्वपूर्ण रही. गौरतलब है कि इस साल के मध्य में अमेरिका ने चीन के 250 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया था, जिस पर प्रतिक्रियास्वरूप चीन ने अमेरिका के 60 अरब डॉलर के सामना पर शुल्क लगाया था. यह बैठक ब्यूनस आयर्स के होटल दुहाउ पैलेस-पार्क हयात में हुई. इसी होटल में ट्रंप ठहरे हुए थे. इस दौरान ट्रंप के साथ विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, वित्त मंत्री स्टीवन नुचिन, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट ...

सीमा को अवैध रूप से पार करने का मामला : ट्रंप की रोक के खिलाफ कानूनी समूहों ने अदालत में कहा...

अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन एस टीगर ने सैन फ्रांसिस्को में सुनवाई के दौरान तत्काल कोई फैसला नहीं दिया कि अस्थायी रोक का आदेश जारी करना है या नहीं. ह्यूस्टन:  अमेरिकी-मैक्सिको सीमा को अवैध रूप से पार करने वाले किसी भी व्यक्ति को शरण देने पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ कानूनी समूहों ने अदालत में तर्क पेश किए. इन समूहों ने कहा कि न्यायाधीश को चाहिए कि ट्रंप प्रशासन को इस फैसले को लागू करने से रोके. अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन एस टीगर ने सैन फ्रांसिस्को में सुनवाई के दौरान तत्काल कोई फैसला नहीं दिया कि अस्थायी रोक का आदेश जारी करना है या नहीं. ट्रंप प्रशासन ने लगाई थी शरणार्थियों के काफिले पर रोक अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन और सेंटर फॉर कॉन्स्टीट्यूश्नल राइट्स ने यह आग्रह किया था. इन समूहों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस महीने जारी प्रतिबंध के फौरन बाद मुकदमा दायर कर दिया था. ट्रंप ने अमेरिकी-मैक्सिको सीमा पर आ रहे शरणार्थियों के काफिले को लेकर यह रोक जारी की थी. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा- ट्रंप ट्रंप ने नौ नवंबर को घोषणा की थी कि दक्षिणी सीमा पार करने वाला...

डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका के बिना बर्बाद हो गया होता फ्रांस'

वॉशिंगटन :  अमेरिका के राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप  ने मंगलवार को फ्रांस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश का बड़ा यूरोपीय सहयोगी दोनों विश्वयुद्धों में बर्बाद हो गया होता अगर अमेरिका ने उसे सैन्य हथियार ना उपलब्ध कराए होते. फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूरोप ने अपनी सेनाएं बनाई, क्योंकि देश रक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर नहीं है. मैक्रों ने यह भी कहा कि यूरोप को चीन, रूस तथा अमेरिका के साइबर खतरों के खिलाफ रक्षा करने की जरुरत है. इस बयान के बाद ट्रंप ने ट्वीट किया. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मैक्रों ने अमेरिका, चीन और रूस के खिलाफ यूरोप की रक्षा के लिए अपनी सेना बनाने का सुझाव दिया, लेकिन प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी भारी था. अमेरिका के आने से पहले वे पेरिस में जर्मन सीख रहे थे...’’ डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को बताया 'राष्ट्रवादी', फ्रांस के राष्ट्रपति ने दिया ये जवाब वहीं, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि उनका देश ईरान को इतना निचोड़ देगा कि उसके अंदर केवल गुठली ही बची रह जाएगी. बोल्टन ने ये बातें ऐसे समय में की...

जी-20 बैठक में अर्जेंटीना में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी से होगी मुलाकात

वाशिंगटन:  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अर्जेंटीना में नवंबर अंत में होने वाली मुलाकात काफी महत्वपूर्ण है. चीन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन (सीपीसी) के पोलित ब्यूरो सदस्य ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि दोनों राष्ट्रों को संवाद मजबूत करना चाहिए और सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने के लिए समन्वय करना चाहिए. पोलित ब्यूरो सदस्य यांग जिची, द्वितीय 'चीन-अमेरिका कूटनीतिक व सुरक्षा संवाद' की विदेश मंत्री माइक पोंपियो व रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ सह-अध्यक्षता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बात कही. वैसे लंबे समय से बीजिंग और वाशिंगटन के बीच संबंधो में तनातनी चल रही है. अमेरिका में ट्रंप के सत्ता में आने के बाद चीन के कुटनीतिज्ञ अमेरिका के विदेश नीति में हो रहे बदलाव पर लगातार नजर रखे हुए हैं. व्यापार के अलावा इसका असर राजनीतिक और सैन्य संबंधों पर भी पड़ता दिख रहा है. माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के आपसी संबंधो ...

कौन है वह साहसी पत्रकार, जिसने प्रेस कांफ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप को दिखाया आइना?

    नई दिल्ली:  पत्रकारिता की पहली ही क्लास में बताया जाता है कि पत्रकार बनने के लिए निर्भीक और निष्पक्ष होना सबसे पहली जरूरत है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि पत्रकार को सत्ता पर आसीन लोगों से सवाल पूछने होते हैं. इस सबक को अमेरिकी पत्रकार ने सार्थक कर दिखाया है. सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा ने निर्भीक होकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सवाल पूछे हैं. इसके एवज में भरी प्रेस कांफ्रेंस में उन्हें ट्रंप के गुस्से का सामना करना पड़ा. ऐसे में दुनियाभर में चर्चा हो रही है कि भला वह कौन हिम्मती पत्रकार है जिसने दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स से पंगा लेने की हिम्मत दिखाई है. पिछले दो दिनों में अमेरिकी पत्रकार जिम अकोस्टा और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बकझक से जुड़ी कई खबरें मीडिया में आई हैं. ऐसे में हम जिम अकोस्टा के जीवन से जुड़ी कुछ बातें आपको बता रहे हैं. पहले भी हो चुकी है ट्रंप और अकोस्टा की भिड़ंत जिम अकोस्टा पहले भी सवाल पूछने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप से भीड़ चुके हैं. 11 जनवरी 2017 को अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहली बार प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे. इस दौरान वह एक पत्रकार से उलझ ग...

दुनिया को बड़ा झटका देने की तैयारी में अमेरिका, ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा- 'आ रहे हैं प्रतिबंध'

नई दिल्ली :  अमेरिका का दबदबा पूरी दुनिया पर चलता है, ये बात हर कोई जानता है. कुछ वक्त पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ईरान से तेल खरीदने की छूट दी है, लेकिन बाकि देशों पर उसका दबदबा अब भी जारी है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक ऐसी तस्वीर शेयर की गई है, जिसने दुनियाभर के नेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है. ट्विटर पर शेयर किया पोस्टर शुक्रवार को ट्विटर पर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना एक पोस्टर ट्वीट किया है जिसमें लिखा है, 'प्रतिबंध आ रहे हैं, 5 नवंबर'. ट्रंप के ट्वीट से जाहिर है कि वह आगामी 2 दिनों में कुछ ऐसे प्रतिबंधों को लेकर फैसला सुनाने वाले है, जिसका दुनिया को काफी असर देखने को मिलेगा. View image on Twitter अब तक कई बड़े फैसले ले चुके हैं ट्रंप उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले काफी वक्त से कई सारे कठोर फैसले ले चुके हैं. कुछ वक्त पहले ट्रंप ने अमेरिका में आने वाले शरणार्थियों से जुड़े मामले में सख्ती दिखाई थी. इससे पहले ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर तैनात किए जाने वाले सैनिकों की...

डोनाल्ड ट्रंप का दावा- बराक ओबामा के चुनाव अभियान में हुआ भ्रष्टाचार

न्यूयार्क:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा के चुनाव अभियान में भी वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ था लेकिन उसका आसानी से निपटारा कर दिया गया. ट्रंप की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही ट्रंप के पूर्व वकील माइकल कोहेन ने उन्हें परेशानी में डालते हुए चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति की थी. कोहेन ने प्रचार अभियान के दौरान दो महिलाओं को ट्रंप के साथ उनके कथित संबंधों पर चुप्पी साधने के लिए पैसे देने की बात स्वीकार की थी. ट्रंप ने आज कई ट्वीट किए और कोहेन की आलोचना की. ट्रंप ने कहा कि कोहेन अच्छे वकील नहीं हैं और कहानियां गढ़ रहे हैं . उन्होंने अपने पूर्व चुनाव अभियान प्रमुख पॉल मनाफोर्ट की तारीफ करते हुए उन्हें साहसी व्यक्ति बताया. ट्रंप ने ट्वीट किया कि अगर कोई अच्छा वकील खोज रहा है तो वह उन्हें सुझाव देंगे कि कोहेन की सेवा नहीं लें. उन्होंने कहा कि ओबामा के चुनाव अभियान में वित्तीय नियमों का बड़ा उल्लंघन हुआ था और उसका आसानी से निपटारा हो गया था.

पोर्न स्टार के साथ रिश्तों पर डोनाल्ड ट्रंप की सफाई, कहा- 'कोई गलती नहीं की'

वॉशिंगटन :  अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 2016 के प्रचार अभियान के दौरान दो महिलाओं को मुंह बंद रखने के लिए धन देने के मामले में माइकल कोहेन की स्वीकरोक्ति के बावजूद  डोनाल्ड ट्रंप  का कहना है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है और उनके पूर्व अधिवक्ता कहानियां बना रहे हैं. ट्रंप के राष्ट्रपति काल का बुरा वक्त-कानून विशेषज्ञ कानून विशेषज्ञों की माने तो ट्रंप के राष्ट्रपति काल के लिए यह बेहद खराब समय है और अब यह मामला दीवानी मुकदमे के रूप में ‘संघीय चुनाव आयोग’ के पास जा सकता है. इससे ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर मंडरा रहा खतरा और बढ़ गया है. गौरतलब है कि कोहेन ने कल न्यूयॉर्क की अदालत में यह बयान ऐसे वक्त में दिया जब ट्रंप के पूर्व प्रचार प्रमुख पॉल मैनफोर्ट को एक अन्य अदालत वित्तीय अपराध से जुड़े मामलों में दोषी ठहरा रही थी. ट्रंप के वकील को कोर्ट ने माना दोषी ट्रंप के पूर्व वकील कोहेन ने कल अदालत में कई मामलों में अपना दोष स्वीकार करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने बॉस के कहने पर दो महिलाओं को धन दिया ताकि वह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के साथ अपने कथित प्रेम संबंधों पर मुंह बंद रखें. कोहेन के अ...

CIA के पूर्व प्रमुख पर लगे आरोप, तो डोनाल्ड ट्रंप ने खत्म की सभी सुरक्षा

वॉशिंगटन :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व निदेशक जॉन ब्रेनन पर “झूठ बोलने’’ और उनके “अनिश्चित आचरण एवं व्यवहार” पर दोष मढ़ते हुए उन्हें दी गई सुरक्षा मंजूरी को रद्द कर दिया है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में खुफिया एजेंसी के अधिकारी रहे 62 वर्षीय ब्रेनन ट्रंप और उनकी नीतियों के कट्टर आलोचकों में से एक हैं. 2013 से 2017 तक सीआईए निदेशक रहे ब्रेनन ब्रेनन 2013 से 2017 तक सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक थे. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कल संवाददाता सम्मेलन के दौरान ट्रंप द्वारा ब्रेनन की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के ट्रंप के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि ब्रेनन ने हाल ही में, “पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की हैसियत से अति संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच बना कर बेबुनियाद एवं अपमानजनक आरोप लगाये, उनके प्रशासन के खिलाफ इंटरनेट एवं टीवी पर निरंकुश आवेग जाहिर करने के लिए अपने दर्जे का फायदा उठाया.” ब्रेनन ने ट्वीट कर कहा कि उनकी सुरक्षा मंजूरी को रद्द करने का फैसला ट्रंप द्वारा “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने और आलोचकों को दंडित करने...

अमेरिकी मीडिया का डोनाल्ड ट्रंप को जवाब, कहा- 'हम लोगों के दुश्मन नहीं हैं'

न्यूयार्क :  अमेरिकी समाचार पत्र अपनी खबरों को फर्जी और पत्रकारों को जनता का दुश्मन बताए जाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध संपादकीय लिख रहे हैं. बोस्टन ग्लोब ने देश के अख़बारों को प्रेस के लिए खड़े होने और आज इस संबंध में संपादकीय प्रकाशित करने को कहा था. इसमें से कई संपादकीय कल से ही ऑनलाइन दिखने शुरू हो गए थे. ग्लोब के ओपेड संपादक मार्जोरी प्रिचर्ड के मुताबिक, करीब 350 समाचार संगठनों ने इसमें शामिल होने की बात कही है. सेंट लुईस में पोस्ट डिस्पैच ने संवाददाताओें से ‘सच्चा देशभक्त’ बनने का आह्वान किया. द शिकागो सन-टाइम्स ने बताया कि यह माना जा रहा है कि अधिकांश अमेरिकी जानते हैं कि ट्रंप अनर्गल बात कर रहे हैं. एनसी ऑब्जर्वर के फयेट्टेविल ने कहा कि उम्मीद है कि ट्रंप रूक जाएंगे लेकिन हम ज्यादा उम्मीद लगा कर नहीं बैठे हैं. नार्थ कैरोलिना के समाचारपत्र ने कहा, ‘‘इसके बजाए, हम उम्मीद करते हैं कि सभी राष्ट्रपति समर्थक अहसास करेंगे कि वह क्या कर रहे हैं. वह जो चाह रहे हैं इसके लिए वास्तविकता से छेड़छाड़ कर रहे हैं.’’ कुछ समाचार पत्रों ने अपने मामले को बताने के ...

रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन, डोनाल्‍ड ट्रंप जैसे नेताओं को इंतजार क्‍यों करवाते हैं?

फिनलैंड की खूबसूरत राजधानी हेलसिंकी में पिछले दिनों अमेरिकी राष्‍ट्रपति  डोनाल्‍ड ट्रंप  और रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई. दुनिया भर में यह खबर सुर्खियों का सबब बनी. यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी गई क्‍योंकि रूस पर यह आरोप लगा है कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनावों में डोनाल्‍ड ट्रंप के पक्ष में हस्‍तक्षेप किया था. अमेरिका में इस मामले की जांच हो रही है. इन सबके बावजूद डोनाल्‍ड ट्रंप रूस के कद्दावर नेता से मिलने गए. सिर्फ इतना ही नहीं इस जांच के लिए उन्‍होंने अपनी ही खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को आड़े हाथों लिया. यह दीगर बात है कि इसके लिए ट्रंप की अमेरिका में आलोचना हो रही है. डोनाल्‍ड ट्रंप को करना पड़ा एक घंटे इंतजार खैर, दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में सबसे खास बात यह रही कि डोनाल्‍ड ट्रंप को  व्‍लादिमीर पुतिन  से मिलने के लिए एक घंटे का इंतजार करना पड़ा. ऐसा इसलिए क्‍योंकि शिखर वार्ता के लिए निर्धारित समय से महज 10 मिनट पहले ही पुतिन, हेलसिंकी पहुंचे. नतीजतन मीटिंग के शेड्यूल को आगे खिसकाया गया. इस कारण अमेरिकी राष्‍ट्रपति को अपने गेस्‍ट हाउस में एक घंटे...

अमेरिका से निकाले जाएंगे भारतीय! ट्रंप के इस आदेश के बाद बढ़ा 'खतरा'

नई दिल्ली:  डोनाल्ड ट्रंप  का नया आदेश अमेरिका में रह रहे भारतीयों के लिए नया 'खतरा' बन गया है. अब भारतीयों को कभी भी अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. सीधे शब्दों में कहें तो नए आदेश के बाद उन्हें अमेरिका से निकाला जा सकता है. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने अपने अधिकारियों को यह अधिकार दे दिया है कि वे कुछ परिस्थितियों में वीजा आवेदनों को सीधे खारिज कर सकें. अब अमेरिका के इमिग्रेशन ऑफिसर उन वीजा आवेदनों को सीधे खारिज कर सकते हैं, जिसके लिए जरूरी 'प्रारंभिक साक्ष्य' जमा नहीं किए गए है. वहीं, वीजा प्राप्त करने की योग्यता साबित नहीं करने की स्थिति में भी वीजा आवेदन खारिज हो जाएगा. अमेरिकी सरकार की यह नई नीति 11 सितंबर से प्राप्त सारे आवेदनों पर लागू होगी. योग्यता साबित करने का दोबारा मौका नहीं H-1B समेत तमाम वीजा आवेदकों को अब दस्तावेज जमा करने या अपनी योग्यता साबित करने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा. कुछ मामलों में आवेदन को सीधा खारिज कर दिया जाएगा. ऐसे में लोगों को अमेरिका से निकाला भी जा सकता है. आदेश के मुताबिक, H-1B पर अमेरिका में नौकरी कर रहे लोगों के आवेदन खारिज ...

मुलाकात के बाद बोले किम जोंग- 'दुनिया बड़ा बदलाव देखेगी', तो डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा- 'हम बार-बार मिलेंगे'

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि किम से मिलना सम्‍मान की बात रही... सिंगापुर :  यहां ऐतिहासिक मुलाकात के बाद  उत्‍तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप  मीडिया के सामने आए और उन्‍होंने अपनी वार्ता को लेकर जानकारियां साझा कीं. किम जोंग उन ने कहा, हमारी बातचीत के बाद दुनिया एक बड़ा बदलाव देखेगी. वहीं, डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, 'दुनिया एक बड़ा बदलाव देखेगी. बातचीत की तैयारियों के लिए दोनों देशों के अधिकारियों का धन्‍यवाद. दोनों मिलकर अच्‍छा करना चाहते हैं.  यह उम्‍मीद से ज्‍यादा अच्‍छी मुलाकात रही . मुलाकात के नतीजों से दुनिया खुश होगी.' उन्‍होंने कहा कि किम से मिलना सम्‍मान की बात रही. इस दौरान अमेरिका और उत्‍तर कोरिया में बीच हुए समझौतों की फाइलों पर दोनों नेताओं ने दस्‍तख्‍त कर उनका आदान-प्रदान किया.

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की हुई मुलाकात, पढ़ें इस ऐतिहासिक मीटिंग से जुड़ी 10 बातें

मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और एक उत्तर कोरियाई नेता के बीच हो रही यह पहली शिखर वार्ता ट्रंप और किम के बीच कभी बेहद तल्ख रहे रिश्तों को भी बदलने वाली साबित होगी. सिंगापुर:  अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप  और उत्तर कोरियाई नेता  किम जोंग उन  यहां ऐतिहासिक शिखर वार्ता के लिये मिले. इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना और कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण है. ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के एक होटल में हुई. मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और एक उत्तर कोरियाई नेता के बीच हो रही यह पहली शिखर वार्ता ट्रंप और किम के बीच कभी बेहद तल्ख रहे रिश्तों को भी बदलने वाली साबित होगी. ट्रंप और किम जोंग की मुलाकात से जुड़ी 10 बातें 1. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह वास्तव में काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं, हमारी चर्चा और रिश्ते शानदार होने वाले हैं. 2. किम जोंग उन ने कहा कि यहां तक आना आसान नहीं था, कई बाधाएं थीं लेकिन यहां पहुंचने के लिये हमनें उन्हें पार किया. 3. किम जोंग ने डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा, 'आपसे मिलना इतना आस...

'समुद्री डाकुओं के अड्डे' पर मिलेंगे किम जोंग-डोनाल्ड ट्रंप, ये है इसकी 'खास' वजह

पूरी दुनिया को इंतजार है तो उस पल का जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन आमने-सामने होंगे. दोनों नेताओं की मुलाकात 12 जून को होनी है. बेहद खास मानी जा रही यह मुलाकात सिंगापुर में होगी. लेकिन, सिंगापुर में कहां? इसका जवाब खुद अमेरिका ने दिया है. व्हाइट हाउस ने एक ट्वीट के जरिए पुष्टि की है कि दोनों नेता सिंगापुर के सेनटोसा द्वीप पर मिलेंगे. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि दोनों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा होनी है, लेकिन अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को नष्ट कर दे. ऐसा पहली बार होगा जब उत्तर कोरिया का कोई नेता अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति से मिलेगा. जहां मुलाकात वहां नहीं रहेंगे दोनों नेता व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने एक ट्वीट किया है, जिसमें यह जानकारी दी गई है कि दोनों नेताओं की बातचीत के लिए सेनटोसा के पांच सितारा होटल कपेले में होगी. हालांकि, दोनों नेताओं के रहने का इंतजाम कहीं और किया जाएगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप सिंगापुर के शांगरी-ला होटल में रुक सकते हैं. वहीं, किम जोंग उन सेंट रेगिस सि...