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हड्डियों के लिए नासूर बन सकती है स्मोकिंग, इस लत को छोड़ने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

नई दिल्ली:  सिगरेट पीने वालों को हड्डी का इलाज कराना पड़े तो मुश्किल आती है , क्योंकि उनकी हड्डी ठीक होने में लंबा समय लग सकता है. ऐसा एक नए अध्ययन में सामने आया है. यह समस्या बुजुर्गो और महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है. आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू का लंबे समय तक उपयोग करने के कारण हर सप्ताह 13,000 से अधिक भारतीय पुरुष और 4,000 महिलाओं की मौत हो जाती है. धूम्रपान स्पष्ट रूप से एक जन-स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है. ऐसे में युवकों और युवतियों को इस लत से बचाने के उपायों पर एक बार फिर से विचार करने की जरूरत है. खासकर वे युवा, जो धूम्रपान के दुष्प्रभावों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील हैं. धूम्रपान छोड़ने से ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना भी कम हो जाती है एचसीएफआई के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "इस लत को किसी भी समय छोड़ देने से दिल की बीमारी और फेफड़ों के कैंसर से मरने का भय कम हो जाता है. धूम्रपान छोड़ने से ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना भी कम हो जाती है. धूम्रपान छोड़ने से व्यक्ति के चेहरे पर रौनक लौटने लगती है और पुरुषों एवं महिलाओं दोनों के लुक्स में सुधार होता है." उन्ह...

उत्‍तराखंड के 700 गांव बने 'भूतिया', जानिए क्‍यों हो रहे हैं खाली

नई दिल्‍ली:  1.01 करोड़ की आबादी वाले  उत्‍तराखंड  में सर्दियों में केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री से सटे गांव के लोग कम ऊंचाई वाले इलाकों पर चले जाते हैं और बर्फबारी रुकने के साथ मौसम सुधरने पर वापस लौट आते हैं. ऐसा सदियों से होता आया है लेकिन बीते एक दशक से कुछ उलटा ही हो रहा है. कुछ गांव में लोग नहीं लौट रहे हैं. इससे गांव के गांव खाली हो गए हैं. इन खाली पड़े गांवों को लोग 'भूतिया गांव' कहने लगे हैं. उत्तरखंड सरकार ने आबादी के इस पलायन पर सितंबर 2017 में पलायन आयोग बनाया था. आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि पिछले एक दशक में 700 गांव खाली हो चुके हैं और करीब 1.19 लाख लोगों ने अपना पुश्‍तैनी घर छोड़ दिया. इनमें 50 फीसदी ने  आजीविका के कारण अपना गांव छोड़ा और अन्‍य ने खराब शिक्षा व स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से ऐसा किया. 6 साल में 734 गांव पूरी तरह खाली हुए बीते साल उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा था कि हमारे गांव धीरे-धीरे खाली हो रहे हैं. लोग अपने जीवनयापन के लिए हमेशा के लिए पहाड़ छोड़ रहे हैं. इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है.' 2011 की जनगणना...