नई दिल्ली : भारत रत्न अटल बिहारी वाजेपयी अपने आखिरी सफर पर निकल चुके हैं. वाजपेयी की अंतिम यात्रा बीजेपी मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी. जहां शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बीजेपी की नींव रखने में अहम भूमिका निभाने वाले वाजपेयी के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत पूरी केंद्रीय कैबिनट उनकी अंतिम यात्रा में पैदल चल रहे हैं.
उमड़ा लाखों का जनसैलाब
बीजेपी नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों के अलावा दिल्ली की सड़कों पर वाजपेयी के अंतिम दर्शनों के लिए लाखों लोग इक्ट्ठा हो गए हैं. बहादुर शाह जफर मार्ग से स्मृति स्थल तक वाजपेयी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लाखों की संख्या में उनके प्रशंसक शामिल हैं. बता दें कि बीजेपी मुख्यालय और स्मृति स्थल के बीच करीब 4 किलोमीटर का अंतर है.
लोकतंत्र की अनोखी तस्वीर
भारतीय इतिहास में यह पहला मौका है जब एक राजनेता की अंतिम यात्रा में पूरा केंद्रीय कैबिनेट एक साथ पैदल चला है. खासकर किसी राजनेता के आखिरी सफर पर खुद प्रधानमंत्री ने पैदल यात्रा की हो. केंद्रीय कैबिनेट के अलावा इस यात्रा में मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, देवेंद्र फडणवीस समेत कई अंतरराष्ट्रीय राजनेता भी मौजूद रहे.
कई सालों से सार्वजनिक जीवन से दूर
उल्लेखनीय है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी डिमेंशिया नाम की बीमारी से जूझ रहे थे. बीमारी के कारण वाजपेयी कई सालों से सार्वजनिक जीवन से दूर थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे, देशवासियों ने उन्हें अंतिम बार 2015 में 27 मार्च को देखा था.
दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार समारोह के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं. वाजपेयी का अंतिम संस्कार स्मृति स्थल पर किया जाएगा. भाजपा के संस्थापक सदस्य वाजेपयी जी का निधन गुरुवार को नई दिल्ली में एम्स में हुआ था. पुलिस ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए बताया कि हमने अंतिम यात्रा और संस्कार के लिए सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं. पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) मधुर वर्मा ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो लोग भी यहां उनके अंतिम दर्शन के लिए आएं, उन्हें और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो.
उमड़ा लाखों का जनसैलाब
बीजेपी नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों के अलावा दिल्ली की सड़कों पर वाजपेयी के अंतिम दर्शनों के लिए लाखों लोग इक्ट्ठा हो गए हैं. बहादुर शाह जफर मार्ग से स्मृति स्थल तक वाजपेयी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लाखों की संख्या में उनके प्रशंसक शामिल हैं. बता दें कि बीजेपी मुख्यालय और स्मृति स्थल के बीच करीब 4 किलोमीटर का अंतर है.
लोकतंत्र की अनोखी तस्वीर
भारतीय इतिहास में यह पहला मौका है जब एक राजनेता की अंतिम यात्रा में पूरा केंद्रीय कैबिनेट एक साथ पैदल चला है. खासकर किसी राजनेता के आखिरी सफर पर खुद प्रधानमंत्री ने पैदल यात्रा की हो. केंद्रीय कैबिनेट के अलावा इस यात्रा में मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, देवेंद्र फडणवीस समेत कई अंतरराष्ट्रीय राजनेता भी मौजूद रहे.
कई सालों से सार्वजनिक जीवन से दूर
उल्लेखनीय है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी डिमेंशिया नाम की बीमारी से जूझ रहे थे. बीमारी के कारण वाजपेयी कई सालों से सार्वजनिक जीवन से दूर थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2009 से ही वे व्हीलचेयर पर थे, देशवासियों ने उन्हें अंतिम बार 2015 में 27 मार्च को देखा था.
दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार समारोह के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं. वाजपेयी का अंतिम संस्कार स्मृति स्थल पर किया जाएगा. भाजपा के संस्थापक सदस्य वाजेपयी जी का निधन गुरुवार को नई दिल्ली में एम्स में हुआ था. पुलिस ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए बताया कि हमने अंतिम यात्रा और संस्कार के लिए सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं. पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) मधुर वर्मा ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो लोग भी यहां उनके अंतिम दर्शन के लिए आएं, उन्हें और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो.

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