नई दिल्ली: अमृतसर में दशहरे की शाम रावण दहन के वक्त जोड़ा रेल फाटक के नजदीक हुए हादसे में एक नया अपडेट सामने आया है. हादसे के बाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया के निशाने पर आए कार्यक्रम के आयोजक सौरभ मदन मिट्ठू का एक वीडियो सामने आया है. आपको बता दें कि सौरभ मदन मिट्ठू हादसे के बाद से ही लापता हैं. देश भर में लोगों ने इस हादसे का जिम्मेदार उन्हें ही ठहराया है क्योंकि यह आयोजन उन्होंने ही करवाया था. खास बात यह है कि हादसे के बाद पहली बार उन्होंने सबके सामने अपनी सफाई रखी है.
आयोजक ने दी अपनी सफाई
सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में उन्होंने कहा है, "सभी तरह की परमिशन ली गई थी, भीड़ को कम से कम 10 बार इस बात के लिए अलर्ट किया था कि वे लोग ट्रैक पर न खड़े हों. मुझे दुर्घटना की वजह से बहुत दुख है. कुछ लोग मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं." हालांकि अभी यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह वीडियो कहां रिकॉर्ड किया गया है.
लगे थे इनके पोस्टर
आपको बता दें कि दशहरे का यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्षद विजय मदन के पति सौरभ मदन द्वारा आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम से संबंधित पोस्टर्स में नवजोत सिंह सिद्धू, उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू, सौरभ मदन और उनकी पत्नी एवं स्थानीय पार्षद विजय मदन की तस्वीरें साफ नजर आ रही थीं.
नगर निगम की कमिश्नर ने कही थी कुछ और ही बात
यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि हादसे के अगले दिनअमृतसर नगर निगम की कमिश्नर सोनाली गिरि का भी एक बयान सामने आया था. जिसमें उन्होंने कहा, "किसी ने भी दशहरा के आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी थी. और तो और, किसी ने भी अमृतसर नगर निगम ने अनुमति के लिए आवेदन ही नहीं दिया था." उन्होंने उस दौरान यह भी कहा था कि अभी तक आयोजन 'धोबी घाट' मैदान में होते रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल यह कार्यक्रम इतने विशाल स्वरुप में नहीं हुआ था जैसा शुक्रवार शाम को दिखाई दिया.
10-15 सेकेंड के बाद ही क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे
शुक्रवार को धोबीघाट के निकट जोड़ा फाटक पर लगभग 700 लोगों की भीड़ रावण के विशाल पुतले का दहन देख रही थी तभी अमृतसर से होशियारपुर जा रही जालंधर-अमृतसर डीएमयू पैसेंजर ट्रेन शाम करीब सात बजे पटरी पर खड़े लोगों को रौंदती हुई गुजर गई थी. 10-15 सेकेंड के बाद ही वहां क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे और वहां चीख-पुकार मचने लगी. गौरतलब है कि दुर्घटना के बाद शुक्रवार शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मृतकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की थी.
आयोजक ने दी अपनी सफाई
सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में उन्होंने कहा है, "सभी तरह की परमिशन ली गई थी, भीड़ को कम से कम 10 बार इस बात के लिए अलर्ट किया था कि वे लोग ट्रैक पर न खड़े हों. मुझे दुर्घटना की वजह से बहुत दुख है. कुछ लोग मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं." हालांकि अभी यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह वीडियो कहां रिकॉर्ड किया गया है.
लगे थे इनके पोस्टर
आपको बता दें कि दशहरे का यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्षद विजय मदन के पति सौरभ मदन द्वारा आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम से संबंधित पोस्टर्स में नवजोत सिंह सिद्धू, उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू, सौरभ मदन और उनकी पत्नी एवं स्थानीय पार्षद विजय मदन की तस्वीरें साफ नजर आ रही थीं.
नगर निगम की कमिश्नर ने कही थी कुछ और ही बात
यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि हादसे के अगले दिनअमृतसर नगर निगम की कमिश्नर सोनाली गिरि का भी एक बयान सामने आया था. जिसमें उन्होंने कहा, "किसी ने भी दशहरा के आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी थी. और तो और, किसी ने भी अमृतसर नगर निगम ने अनुमति के लिए आवेदन ही नहीं दिया था." उन्होंने उस दौरान यह भी कहा था कि अभी तक आयोजन 'धोबी घाट' मैदान में होते रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल यह कार्यक्रम इतने विशाल स्वरुप में नहीं हुआ था जैसा शुक्रवार शाम को दिखाई दिया.
10-15 सेकेंड के बाद ही क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे
शुक्रवार को धोबीघाट के निकट जोड़ा फाटक पर लगभग 700 लोगों की भीड़ रावण के विशाल पुतले का दहन देख रही थी तभी अमृतसर से होशियारपुर जा रही जालंधर-अमृतसर डीएमयू पैसेंजर ट्रेन शाम करीब सात बजे पटरी पर खड़े लोगों को रौंदती हुई गुजर गई थी. 10-15 सेकेंड के बाद ही वहां क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे और वहां चीख-पुकार मचने लगी. गौरतलब है कि दुर्घटना के बाद शुक्रवार शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मृतकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की थी.

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