केरल हाईकोर्ट के आदेश पर बदला नियम
कई बार ऐसे मामले सामने आए कि वकीलों के वैध आई कार्ड भूलने के कारण उन्हें सफर में परेशानी हुई. ऐसे ही एक मामले पर केरल हाईकोर्ट की ओर से जारी दिशा- निर्देशों के बाद रेलवे ने बार काउंसिल की ओर से जारी किए जाने वाले पहचान पत्र को मान्यता दे दी है. इस संबंध में रेलवे की तरफ से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. रेलवे ने अब तक 11 दस्तावेजों को पहचान पत्र के तौर पर मान्यता दी गई है.
दस्तावेजों की संख्या बढ़कर 12 हुई
बार काउंसिल की तरफ से दिए गए प्रमाणपत्र को मान्य किए जाने के बाद ऐसे दस्तावेजों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. इनमें से कोई भी एक दस्तावेज आपके साथ होने पर आप यात्रा के दौरान टिकट निरीक्षक को दिखा सकते हैं. रेलवे की ओर से टिकटों बुकिंग में दलालों के सामने आने के बाद इस तरह की व्यवस्था की गई है. रेलवे का मानना है कि ऑरिजनल आईडी साथ रखने से दलालों की तरफ से बुक कराई गई टिकट पर यात्रा करने वालों को लगाम लगाई जा सकेगी.
अब ये पहचान पत्र हैं मान्य
- वोटर आईडी कार्ड
- पासपोर्ट
- पैन कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए पहचान पत्र
- मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज से छात्रों को जारी किए गए पहचान पत्र
- राष्ट्रीकृत बैंक की ओर से फोटो के साथ जारी की गई पासबुक
- आधार कार्ड
- किसी पीएसयू या केंद्र सरकार, जिला प्रशासन, नगर निगम या पंचायत से जारी पहचान पत्र
- काउंटर से टिकट बुक कराने की स्थिति में आप फोटो लगे हुए राशनकार्ड की प्रमाणित प्रति या बैंक पासबुक को भी पहचान पत्र के तौर पर माना जाता है.
- बैंक की ओर से जारी किया गया क्रेडिट कार्ड जिसमें आपकी फोटो हो
- रेलवे ने अब बार काउंसिल की ओर से जारी किए गए पहचान पत्र को भी मान्यता दे दी है.
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