टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री का मानना है कि हार्दिक पांड्या के कारण टीम में एक संतुलन था जिसकी वजह से उनकी कमी टीम को खलेगी.
ब्रिस्बेन: टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया दौरे में टी20 सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि मेजबान ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज में टीम को अपने हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या की कमी खलेगी. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्वा बल्लेबाज माइकल हसी ने भी माना था की टीम इंडिया को हार्दिक पांड्या की कमी खलेगी.
सितंबर में ही हार्दिक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुए एशिया कप के दौरान चोटिल हो गए थे और तभी से वह टीम से बाहर चल रहे हैं. हार्दिक के होने से टीम को संतुलन मिलता है और वह एक अतिरिक्त गेंदबाज की कमी पूरी करते हैं. भारत को 21 नवंबर को यहां तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मैच खेलना है.
हार्दिक संतुलन देते हैं टीम इंडिया को
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची भारतीय टीम के मुख्य कोच शास्त्री ने दौरे के अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमें एक खिलाड़ी की कमी खलेगी और वह हार्दिक हैं, जो चोटिल हैं. वह गेंदबाज और बल्लेबाज के रूप में टीम को संतुलन देते हैं, जिसके कारण हम अतिरिक्त गेंदबाज को खेला सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि वह जल्द फिट हो जाएंगे. अगर तेज गेंदबाजों ने अच्छा किया तो हमें उनकी कमी नहीं महसूस होगी."
गेंदबाजों को दिखाना होगा दमखम
यह पूछे जाने पर कि क्या यह भारतीय तेज गेंदबाजों के पास सर्वश्रेष्ठ मौका है? शास्त्री ने कहा कि यह इस पर निर्भर करेगा कि वे लंबे समय तक दमखम बनाए रखते हैं या नहीं. कोच ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका में अगर आप टेस्ट मैचों को देखें तो नतीजा आपको असली कहानी बयां नहीं करता. कुछ बेहद करीबी टेस्ट मैच खेले गए और कुछ बड़े लम्हों को हमने बुरी तरह गंवाया, जिसके कारण अंत में हमें सीरीज गंवानी पड़ी."
शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने की संभावनाओं को लेकर कहा, "आपको अपनी गलतियों से सबक लेना होगा. जब आप विदेशी दौरे पर जाते हैं और जब आप आज कल विदेशी दौरा करने वाली टीमों को देखते हैं तो ऐसी काफी टीमें नहीं हैं, जो विदेश में अच्छा करती हैं."
कमजोर नहीं है ऑस्ट्रेलिया टीम
ऑस्ट्रेलिया में इस समय स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर जैसे प्रमुख बल्लेबाज नहीं हैं. इसके बावजूद भारतीय कोच मेजबान टीम को कमजोर नहीं समझ रही है. शास्त्री ने कहा, "मेरा हमेशा से मानना रहा है कि घरेलू मैदान पर कोई टीम कमजोर नहीं होती. भगवान न करे ऐसा हो, पर हो सकता है कि जब कोई टीम भारत आए तो हमारे तीन-चार खिलाड़ी नहीं खेल रहे हो. लेकिन अगर कोई सोचता है कि यह कमजोर टीम है तो आपको हैरान होना पड़ सकता है."
Comments
Post a Comment