आपको बता दें कि रांची कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर के 302 बेड वाले अस्पताल में 50 फीसदी बेड झारखंड के लोगों के लिए आरक्षित रहेगा. दो साल में पहले फेज का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. अच्छी बात यह है कि झारखंड में कैंसर पीड़ितों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
झारखंड पहुंचने के बाद रतन टाटा पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. वहां उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. स्वास्थ्य सचिव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज टाटा ट्रस्ट और स्वास्थ्य विभाग के बीच एसपीवी बनाने के लिए एमओयू भी होगा. कैंसर अस्पताल का संचालन एसपीवी करेगा.
इसमें छह सदस्य होंगे. तीन सदस्य राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव को सदस्य होंगे इसके अलावा तीन नाम टाटा ट्रस्ट की ओर से दिए जाएंगे. यह अस्पताल पूरी तरह टीएमएच मुंबई की तरह ही होगा.
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