जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के नामों पर दिल्ली में महामंथन जारी है. कई दिनों से सूची का इंतजार करते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए असली काउंटडाउन शुरू हो गया है. खबरों की मानें तो कांग्रेस की पहली सूची कल शाम को सीईसी की बैठक के बाद कभी भी जारी हो सकती है. कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस की सभी 200 विधानसभा सीटों पर मंथन का काम चल रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बताया कि सभी सीटों पर एक राय और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि सीईसी में रखी जाने वाली सूची पर किसी भी तरह की कोई मतभेद की स्थिति नहीं हो. वहीं कांग्रेस संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि सोमवार शाम को बैठक के बाद कांग्रेस की पहली सूची कभी भी जारी हो सकती है.
जबकि सचिन पायलट ने साफ किया है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में पूरी तरह से पारदर्शिता बरत रही है और योग्य व्यक्ति को ही टिकट दिया जा रहा है. वहीं रविवार को भी दिन भर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस के अलग-अलग संभागों को लेकर नामों पर मंथन चला बैठक में अशोक गहलोत सचिन पायलट और कुमारी शैलजा के बीच सिलसिलेवार ढंग से सीटों पर चर्चा हुई. दीपावली के बाद राजस्थान के सभी बड़े नेता और टिकटों के दावेदार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. ऐसे में आगामी 24 घंटे नेताओं की धड़कनें ने बेहद तेज रहने वाली है.
बता दें कि राजस्थान की टिकटों को लेकर कांग्रेस की पहली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अविनाश पांडे की टीम से नाखुशी जाहिर करते हुए दोबारा होमवर्क करने को कहा था. राहुल गांधी ने प्रभारी सचिवों को लताड़ लगाते हुए कहा था कि सचिवों की नियुक्ति पार्टी को जिताने के लिए की गई है न की शिकस्त दिलवाने के लिए. उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में खरे नहीं उतरने पर राहुल गांधी ने सचिवों को दीपावली से पहले दोबारा होमवर्क करके रिपोर्ट देने को कहा गया था.
उम्मीदवारों को लेकर राजस्थान की रिपोर्ट में और स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट में जमीन-आसमान का अंतर आने पर राहुल गांधी खफा हो गए थे. सीईसी में रखी गई करीब 90 नामों की सूची में युवा, महिला और साफ छवी के चेहरे अपेक्षाकृत कम होने से राहुल ने अधिकतर नाम वापल लौटा दिए थे और फिर से एक्सरसाइज करने का फरमान सुनाया था.
कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बताया कि सभी सीटों पर एक राय और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि सीईसी में रखी जाने वाली सूची पर किसी भी तरह की कोई मतभेद की स्थिति नहीं हो. वहीं कांग्रेस संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि सोमवार शाम को बैठक के बाद कांग्रेस की पहली सूची कभी भी जारी हो सकती है.
जबकि सचिन पायलट ने साफ किया है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में पूरी तरह से पारदर्शिता बरत रही है और योग्य व्यक्ति को ही टिकट दिया जा रहा है. वहीं रविवार को भी दिन भर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस के अलग-अलग संभागों को लेकर नामों पर मंथन चला बैठक में अशोक गहलोत सचिन पायलट और कुमारी शैलजा के बीच सिलसिलेवार ढंग से सीटों पर चर्चा हुई. दीपावली के बाद राजस्थान के सभी बड़े नेता और टिकटों के दावेदार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. ऐसे में आगामी 24 घंटे नेताओं की धड़कनें ने बेहद तेज रहने वाली है.
बता दें कि राजस्थान की टिकटों को लेकर कांग्रेस की पहली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अविनाश पांडे की टीम से नाखुशी जाहिर करते हुए दोबारा होमवर्क करने को कहा था. राहुल गांधी ने प्रभारी सचिवों को लताड़ लगाते हुए कहा था कि सचिवों की नियुक्ति पार्टी को जिताने के लिए की गई है न की शिकस्त दिलवाने के लिए. उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में खरे नहीं उतरने पर राहुल गांधी ने सचिवों को दीपावली से पहले दोबारा होमवर्क करके रिपोर्ट देने को कहा गया था.
उम्मीदवारों को लेकर राजस्थान की रिपोर्ट में और स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट में जमीन-आसमान का अंतर आने पर राहुल गांधी खफा हो गए थे. सीईसी में रखी गई करीब 90 नामों की सूची में युवा, महिला और साफ छवी के चेहरे अपेक्षाकृत कम होने से राहुल ने अधिकतर नाम वापल लौटा दिए थे और फिर से एक्सरसाइज करने का फरमान सुनाया था.
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