कुशवाहा सम्मेलन में दिखा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का डर
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता जितेंद्र नाथ ने जी-डिजिटल से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बात से बखूबी वाकिफ हैं कि कुर्मी, धानुक और कुशवाहा समाज उनसे बेहद नाराज है. इसका सबूत हाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाए गए कुशवाहा समाज के सम्मेलन में मिला है. उन्होंने बताया कि अपनी पूरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न केवल कुशवाहा समाज का पहला सम्मेलन बुलाया, बल्कि खुले तौर पर यह गुजारिश भी की कि कुशवाहा समाज अपना समर्थन उनके साथ बनाए रखे. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कमजोर स्थिति को भांपने के बाद भले ही कुशवाहा समाज को मनाने में जुटे हों, लेकिन दशकों से उपेक्षित समाज अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में नहीं जाएगी. धानुक, कुर्मी और कुशवाहा समाज ने न केवल अपना नया विकल्प चुन लिया है , बल्कि केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को अपना नेता भी मान चुके हैं.
संयोगवश हुई उपेंद्र कुशवाहा और तेजस्वी यादव की मुलाकात
एनडीए से अलग होने के मुद्दे पर प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जी-डिजिटल से कहा कि अभी हमारा एनडीए से अलग होने का कोई विचार नहीं है. हम और हमारी पार्टी चाहती है कि बिहार में एनडीए के साथ न केवल चुनाव लड़ा जाए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत को सुनिश्चित किया जाए. बिहार में एनडीए की स्थिति को मजबूत करने के मकसद से पार्टी के रार्ष्टीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को बिहार चुनाव में प्रमुख चेहरा बनाने की बात कही जा रही है. वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव की मुलाकात को उन्होंने एक औपचारिक और शिष्टाचार मुलाकात बताया है. उन्होंने कहा कि यह संयोग की बात है कि एक ही समय पर दोनों नेता एक ही गेस्ट हाउस में पहुंचे थे. जहां तेजस्वी यादव शिष्टाचार के तहत उपेंद्र कुशवाहा से मिलने उनके कमरे में आए थे. इस मुलाकात के कोई राजनैतिक मायने नहीं हैं.
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