उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हम गठबंधन धर्म को निभा रहे हैं. हमारी पार्टी का गठबंधन एनडीए के साथ हुई थी. जिसमें तीन पार्टियां थी, इसलिए हमारी बीजेपी और एलजेपी से गठबंधन और आगे भी रहेगी. लेकिन जेडीयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस तरह से मेरे लिए अपशब्द कह रहे हैं. और मुझे जिस शब्द से संबोधित किया गया है, उससे साफ है कि हमारा उनके साथ कोई गठबंधन नहीं है.
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का बीजेपी से पुराना संबंध है. हम उनके साथ काफी समय से बने हुए हैं. हमारी पार्टी जेडीयू पार्टी की तरह नहीं है कि कभी एनडीए में तो कभी महागठबंधन में आते जाते रहे हैं.
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार से हमने कहा है कि अपनें स्टेटमेंट को वह वापस लेंना चाहिए और बीजेपी से भी हमने आग्रह किया है कि अमित शाह को इसके लिए पहल करनी चाहिए. इसलिए हमारी जेडीयू के साथ कोई गठबंधन नहीं है. जब तक बीजेपी इसके लिए पहल नहीं करती तब तक इसपर कोई फैसला नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब से एनडीए में शामिल हुए हैं तब से हमारी भागीदारी की बात नहीं की है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मैं बड़ा भाई मानता हूं लेकिन उन्होंने मेरे लिए गलत शब्द का उपयोग किया है. इसिलए मुझे ठेस पहुंची है. उन्होंने कहा कि अब बीजेपी को इसके लिए पहल करनी चाहिए. तब तक जेडीयू से मेरी कोई गठबंधन नहीं होगी.
वहीं, उन्होंने कहा कि एनडीए में हर फैसले पर विमर्श होना चाहिए. कुशवाहा ने कहा कि मेरी यह मनसा नहीं है कि एनडीए मेरे अनुसार घुमें लेकिन अगर एनडीए घुमे तो उपेंद्र कुशवाहा के साथ घुमें, किसी भी फैसले पर विमर्श होने के बाद ही काम होना चाहिए.
इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा से सीटों के बंटवारे पर पूछे गए सवालों पर कहा कि हम खुलकर सीटों को लेकर अपनी बात कह चुके हैं. एक बार फिर मैं कहता हूं कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जो हमारी ताकत थी उसके अनुसार अभी हमारी ताकत ज्यादा हो गई है. इसलिए इसका आकलन कर हमारी पार्टी को सीट मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि तीन सीट हमें पिछले चुनाव में मिला था. लेकिन इस बार की ताकत के अनुसार मैं बीजेपी से तीन से अधिक सीटों की मांग करता हूं. जब उनसे पूछा गया कि वह कितने सीट पर मानेंगे तो उन्होंने कहा कि मैं कितने सीट पर मानूंगा यह तय नहीं किया गया है. लेकिन हमें तीन से अधिक सीट चाहिए.
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