उल्फा के ये उग्रवादी परेश बरुआ ग्रुप के बताए जा रहे हैं, जिसे उल्फा आई के नाम से भी जाना जाता है। उग्रवादियों ने युवाओं पर उस वक्त फायरिंग की, जब वे ढोला सादिया पुल के करीब थे। मारे गए सभी लोग बंगाली समुदाय के थे। मृतकों के नाम श्यामलाल बिस्वास, अनंता बिस्वास, अविनाश बिस्वास और सुबोध दास बताए गए हैं। असम पुलिस के एडीजीपी मुकेश अग्रवाल के मुताबिक, हमले के पीछे उल्फा (आई) के उग्रवादियों का हाथ है।
कड़ी कार्रवाई होगी
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे निर्दोष लोगों की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा, "इस कायरतापूर्ण हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" सोनोवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य के मंत्री केशव महंत और तपन गोगोई को डीजीपी कुलधर सैकिया के साथ घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए।
गृहमंत्री राजमंत्री सिंह ने इस हमले की निंदा की है। कहा कि असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से इस सिलसिले में बात की और उन्हें इस मामले में कड़ा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
ममता ने एनआरसी को बताया हमले की वजह
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करके कहा, "क्या इसे हाल में हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) मामले जोड़कर देखा जा सकता है? तिनसुकिया हमले की मैं निंदा करती हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। "
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