सचिन तेंदलुकर ने हाल ही में अपनी अकादमी के पहले शिविर के अवसर पर बातचीत के दौरान धोनी के टी20 टीम में न चुने जाने पर कहा, “मुझे नहीं मालूम कि चयनकर्ताओं के दिमाग में क्या है और मैंने अपने विचार व्यक्त कर किसी को प्रभावित करने की कोशिश भी नहीं की. क्योंकि जो भी ड्रेसिंग रूम और कप्तान, कोच एवं चयनकर्ताओं के बीच होता है, वह उन्हीं के बीच रहना चाहिए.'
बता दें कि विंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज टीम इंडिया के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि वेस्टइंडीज टीम इस समय टी20 चैम्पियन है. धोनी की अनुपस्थिति टीम इंडिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है. हालांकि धोनी का बल्ला पिछले काफी समय से अंतरराष्ट्रीय मैचों में खामोश रहा है. धोनी ने साल 2018 के 20 वनडे की 13 पारियों में 25 की औसत से केवल 275 रन ही रन बनाए हैं. इसमें उनका सर्वोच्च 42 रन रहा है जबकि उनका स्ट्राइक रेट 71.42 ही रहा.
अपनी अकादमी का पहला शिविर लगाया सचिन ने
गुरुवार सुबह यहां डीवाई पाटिल स्टेडियम में तेंदुलकर मिडिलसेक्स अकादमी का पहला भारतीय शिविर शुरू होने के बाद यह दिग्गज खिलाड़़ी संवाददाताओं से बात कर रहा था. तेंदुलकर के बचपन के दोस्त और पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली भी बच्चों के मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं. यह दोनों खिलाड़ी वर्षों बाद मैदान पर साथ आए हैं.
खलील अहमद की तारीफ की
तेंदुलकर ने बायें हाथ के युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद की भी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक इस गेंदबाज को जितना भी देखा है उसमें वह अच्छा नजर आया है. एशिया कप में प्रभावित करने वाले खलील ने सोमवार को मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे में तीन विकेट चटकाए. वहीं पांचवे वनडे में भी बढ़िया गेंदबाजी जारी रखते हुए दो विकेट लिए. डीवाई पाटिल स्टेडियम के बाद अकादमी का शिविर बांद्रा में छह से नौ नवंबर तथा पुणे के बिशप्स स्कूल में 12 से 15 और 17 से 20 नवंबर तक लगाया जाएगा.
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