हरियाणा / 135 किमी. लंबे केएमपी पर 2030 तक बनेगा स्मार्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, गुजरात के गिफ्ट सिटी मॉडल पर बसेंगे गुड़गांव जैसे 5 शह
राजेश खोखर, पानीपत. 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग होकर देश के 17वें राज्य के रूप में हरियाणा का गठन हुआ। उबड़-खाबड़ टीलों वाला पिछड़ा इलाका हमारे हिस्से आया। पर लोगों ने मेहनत के बलबूते माटी को सबसे ज्यादा उपजाऊ बना दिया। देश की 2 क्रांतियों- हरित क्रांति व श्वेत क्रांति में हमारा बड़ा योगदान रहा।
आज हम देश के अन्न भंडार में सबसे ज्यादा अनाज देते हैं। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में दूसरे नंबर पर हैं। अब यहां औद्योगिक क्रांति की बारी है। कुंडली-मानेसर-पलवल और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस वे इसके द्वार बनेंगे। इसके तहत 135 किमी. लंबे केएमपी से लगते क्षेत्र में 5 शहर बसाने का प्लान है, जो गुड़गांव से भी स्मार्ट होंगे। इन्हें पंचग्राम के नाम से जाना जाएगा। पहली बार इन शहरों पर विस्तृत जानकारी भास्कर लेकर आया है।
इन शहरों के पास बसेंगे :
}8 जिलों की जमीन का इस्तेमाल होगा। केएमपी से 2 से 6 किलोमीटर अंदर होंगे।
}नाम महाभारत काल के गांवों जैसे हो सकते हैं, जो पांडवों के लिए श्रीकृष्ण ने कौरवों से मांगे थे।
पहला शहर मानेसर के पास विकसित किया जाएगा, इसके प्रारूप से समझिए नए शहरों को -
यहां बनेगा: पहले शहर के लिए मानेसर के पास जमीन चिन्हित है। आईएमटी सोहना का क्षेत्र इसमें आएगा। यह केएमपी के उत्तर में दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से करीब 50 किमी दूरी पर स्थित होगा। बाउंड्री गुड़गांव-मानेसर के उत्तर से लेकर अरावली हिल्स के उत्तर पूर्व तक होगी। यह शहर की पश्चिमी सीमा से सटा होगा, जबकि पूर्व और दक्षिण में खेत होंगे।
मॉडल गिफ्ट सिटी जैसा: गुजरात की गिफ्ट सिटी का मॉडल लिया है। जो भारत का सबसे अत्याधुनिक शहर है। इसे पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू किया था। यहां इमारतें गगनचुंबी, पर्यावरण के अनुकूल, माॅडर्न तकनीक वाली और भूकंपरोधी होंगी।
सुविधाएं ये होंगी: ट्रैिफक के लिए अच्छी सड़कें, ट्रेन और मेट्रो होगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम व सोलर प्लांट होंगे। इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल व रेजिडेंशियल तीनों हिस्से समान अनुपात में बनेंगे। पावर प्लांट, वर्कर हाउसिंग, ऑफिस व कॉमर्शियल हब, स्पोर्ट्स पार्क होगा।
डिजाइन एक जैसा: यहां सभी मकानों और बिल्डिंगों का डिजाइन एक जैसा होगा। रिहायशी और कॉमर्शियल दोनों की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनेंगी। इंडस्ट्री के लिए अलग से क्लस्टर बनाया जाएगा। वर्क कैटेगरी के हिसाब से सेक्टर होंगे, कामगारों के लिए रहने की सुविधा होगी।
जिम्मेदारी किसकी: राजधानी क्षेत्र में पीपीपी मोड पर विकसित होने वाली यह पहली इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप होगी। यहां कंसेशन पीरियड 12 साल का रहेगा। एचएसआईआईडीसी जमीन दिलाएगी। प्राइवेट डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग और प्लानिंग का काम देखेगा।
इसलिए जरूरी: सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा शहरीकरण में सबसे आगे है। 2050 तक देश की जनसंख्या का 50% हिस्सा शहरों में रहेेगा। हरियाणा की शहरी आबादी 50% को 2040 से पहले ही छू लेगी। हर दूसरा आदमी शहर में रहेगा।
बड़ा प्लान - 2040 तक के मास्टर प्लान के तहत यह डेवलपमेंट होगा। 2030 तक केएमपी स्मार्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर बनेगा। ये दिल्ली मे बढ़ती भीड़ के लिए विकल्प होगा।
आज हम देश के अन्न भंडार में सबसे ज्यादा अनाज देते हैं। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में दूसरे नंबर पर हैं। अब यहां औद्योगिक क्रांति की बारी है। कुंडली-मानेसर-पलवल और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस वे इसके द्वार बनेंगे। इसके तहत 135 किमी. लंबे केएमपी से लगते क्षेत्र में 5 शहर बसाने का प्लान है, जो गुड़गांव से भी स्मार्ट होंगे। इन्हें पंचग्राम के नाम से जाना जाएगा। पहली बार इन शहरों पर विस्तृत जानकारी भास्कर लेकर आया है।
इन शहरों के पास बसेंगे :
- कुंडली: सोनीपत, रोहतक और झज्जर जिले के 121 गांवों की जमीन पर कुंडली के पास बसेगा।
- बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ व बादली के मध्य झज्जर और गुडगांव के 129 गांवों की जमीन पर बसेगा।
- मानेसर: मानेसर के पास गुडगांव, मेवात और रेवाड़ी के 159 गांवों की जमीन पर तीसरा शहर बसेगा।
- सोहना: पलवल, फरीदाबाद, सोहना व मेवात के 185 गांवों की जमीन पर होगा चौथा शहर।
- पलवल: पलवल और फरीदाबाद जिले के 166 गांवों की जमीन में केएमपी के अंदर की तरफ होगा।
}8 जिलों की जमीन का इस्तेमाल होगा। केएमपी से 2 से 6 किलोमीटर अंदर होंगे।
}नाम महाभारत काल के गांवों जैसे हो सकते हैं, जो पांडवों के लिए श्रीकृष्ण ने कौरवों से मांगे थे।
पहला शहर मानेसर के पास विकसित किया जाएगा, इसके प्रारूप से समझिए नए शहरों को -
यहां बनेगा: पहले शहर के लिए मानेसर के पास जमीन चिन्हित है। आईएमटी सोहना का क्षेत्र इसमें आएगा। यह केएमपी के उत्तर में दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से करीब 50 किमी दूरी पर स्थित होगा। बाउंड्री गुड़गांव-मानेसर के उत्तर से लेकर अरावली हिल्स के उत्तर पूर्व तक होगी। यह शहर की पश्चिमी सीमा से सटा होगा, जबकि पूर्व और दक्षिण में खेत होंगे।
मॉडल गिफ्ट सिटी जैसा: गुजरात की गिफ्ट सिटी का मॉडल लिया है। जो भारत का सबसे अत्याधुनिक शहर है। इसे पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू किया था। यहां इमारतें गगनचुंबी, पर्यावरण के अनुकूल, माॅडर्न तकनीक वाली और भूकंपरोधी होंगी।
सुविधाएं ये होंगी: ट्रैिफक के लिए अच्छी सड़कें, ट्रेन और मेट्रो होगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम व सोलर प्लांट होंगे। इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल व रेजिडेंशियल तीनों हिस्से समान अनुपात में बनेंगे। पावर प्लांट, वर्कर हाउसिंग, ऑफिस व कॉमर्शियल हब, स्पोर्ट्स पार्क होगा।
डिजाइन एक जैसा: यहां सभी मकानों और बिल्डिंगों का डिजाइन एक जैसा होगा। रिहायशी और कॉमर्शियल दोनों की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनेंगी। इंडस्ट्री के लिए अलग से क्लस्टर बनाया जाएगा। वर्क कैटेगरी के हिसाब से सेक्टर होंगे, कामगारों के लिए रहने की सुविधा होगी।
जिम्मेदारी किसकी: राजधानी क्षेत्र में पीपीपी मोड पर विकसित होने वाली यह पहली इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप होगी। यहां कंसेशन पीरियड 12 साल का रहेगा। एचएसआईआईडीसी जमीन दिलाएगी। प्राइवेट डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग और प्लानिंग का काम देखेगा।
इसलिए जरूरी: सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा शहरीकरण में सबसे आगे है। 2050 तक देश की जनसंख्या का 50% हिस्सा शहरों में रहेेगा। हरियाणा की शहरी आबादी 50% को 2040 से पहले ही छू लेगी। हर दूसरा आदमी शहर में रहेगा।
बड़ा प्लान - 2040 तक के मास्टर प्लान के तहत यह डेवलपमेंट होगा। 2030 तक केएमपी स्मार्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर बनेगा। ये दिल्ली मे बढ़ती भीड़ के लिए विकल्प होगा।
- क्षेत्रफल - 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में बसाया जाएगा हर शहर।
- आबादी - 18 लाख लोगों के लिए हर जरूरी सुविधा प्रत्येक शहर में मुहैया कराई जाएगी।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट- 6 महीने में कंसलटेंट को फिजिबिलिटी प्रोजेक्ट रिपोर्ट देनी है, जिसे एचएसआईआईडीसी ने नियुक्त किया है।
- विकास - 2 नए जिले इन शहरों में पुराने 8 जिलों काे मिलाकर बन सकते हैं।
- यातायात- 5 नेशनल हाईवे इससे जुड़ेंगे। केजीपी से जुड़ने से रिंग कंप्लीट हुआ है।
- यहां भी फायदा- 3300 एकड़ में खरखौदा में बन रही औद्योगिक टाउनशिप, सोनीपत के बड़ी में 75 एकड़ पर बन रहा मेगा फूड पार्क, राई की राजीव गांधी एजुकेशन सिटी की केएमपी से कनेक्टिविटी है। गन्नौर में एशिया की सबसे बड़ी बागवानी मंडी शुरू होने वाली है। हरियाणा, यूपी व राजस्थान के किसान दिल्ली की आजादपुर मंडी के साथ यहां भी आ सकेंगे।
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