मुंबई/ नई दिल्ली : विजय माल्या मामले में सोमवार को मुंबई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से कहा गया कि विजय माल्या को उसके खिलाफ दायर याचिका का जवाब देने के लिए और समय नहीं दिया जाना चाहिए. इससे पहले सुनवाई शुरू होने पर माल्या के वकील ने अदालत से ईडी के नोटिस का जवाब देने के लिए और समय की मांग की. माल्या के वकील ने बताया कि इस सिलसिले में अभी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है. इस दौरान माल्या के वकील ने उसके मॉरीशस के पता के बारे में भी जानकारी दी.
पहले 27 अगस्त को हुई थी सुनवाई
आपको बता दें कि अदालत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई कर रही है. इससे पहले विजय माल्या को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित करने को लेकर सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने 27 अगस्त को सुनवाई के लिए 3 सितंबर की तारीख तय की थी. दरअसल 9 हजार करोड़ की बैंक लोन की कथित धोखाधड़ी के मामले में कुछ अन्य लोगों ने खुद को पक्षकार बनाने का अनुरोध किया था, इसी के मद्देनजर अदालत ने सुनवाई आगे बढ़ा दी थी.
अधिकारियों ने बताया था कि माल्या के परिवार के एक सदस्य सहित कम से कम पांच लोगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा नए कानून के तहत माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित कराने के संबंध में मुकदमे के दस्तावेज अदालत से मांगे थे. अदालत में माल्या के वकील ने कुछ और दस्तोवों की मांग की थी. आपको बता दें कि इसी अदालत ने 30 जून को नोटिस जारी कर विजय माल्या को 27 अगस्त को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा था.
अदालत ने ईडी के आवेदन पर यह नोटिस जारी किया था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने 9 हजार करोड़ के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में ताजा कार्रवाई के तौर पर माल्या की 12,500 करोड़ की संपत्ति तुरंत जब्त करने का भी अनुरोध किया है. इससे पहले अदालत ने माल्या के खिलाफ ईडी द्वारा दर्ज कराए गये दो मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी किया था.
पहले 27 अगस्त को हुई थी सुनवाई
आपको बता दें कि अदालत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई कर रही है. इससे पहले विजय माल्या को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित करने को लेकर सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने 27 अगस्त को सुनवाई के लिए 3 सितंबर की तारीख तय की थी. दरअसल 9 हजार करोड़ की बैंक लोन की कथित धोखाधड़ी के मामले में कुछ अन्य लोगों ने खुद को पक्षकार बनाने का अनुरोध किया था, इसी के मद्देनजर अदालत ने सुनवाई आगे बढ़ा दी थी.
अदालत से मुकदमे के दस्तावेज मांगे थे
अधिकारियों ने बताया था कि माल्या के परिवार के एक सदस्य सहित कम से कम पांच लोगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा नए कानून के तहत माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित कराने के संबंध में मुकदमे के दस्तावेज अदालत से मांगे थे. अदालत में माल्या के वकील ने कुछ और दस्तोवों की मांग की थी. आपको बता दें कि इसी अदालत ने 30 जून को नोटिस जारी कर विजय माल्या को 27 अगस्त को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा था.
अदालत ने ईडी के आवेदन पर यह नोटिस जारी किया था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने 9 हजार करोड़ के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में ताजा कार्रवाई के तौर पर माल्या की 12,500 करोड़ की संपत्ति तुरंत जब्त करने का भी अनुरोध किया है. इससे पहले अदालत ने माल्या के खिलाफ ईडी द्वारा दर्ज कराए गये दो मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी किया था.
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