नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पिछले 9 हफ्ते से भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बुधवार को अचानक ज्यादा बिगड़ गई. थोड़ी ही देर में उनका हेल्थ बुलेटिन जारी किया जाने वाला है. इससे पहले अचानक एम्स के बाहर से भीड़ को हटा दिया गया और मीडियाकर्मियों को एम्स के अंदर आने के लिए कह दिया गया. एम्स के बाहर से पुलिस की तरफ से गाडि़यों को हटा दिया गया. सबसे पहले अटलजी के स्वास्थ्य की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय को दी जाएगी. उधर, बीजेपी ने अपने आज के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. उधर, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित वाजपेयी के आवास पर उनका परिवार और रिश्तेदार मौजूद हैं.
एम्स की तरफ से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि पिछले 24 घंटों में पूर्व प्रधानमंत्री की तबियत ज्यादा बिगड़ गई है और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. उनकी यूरिन इंफेक्शन और सांस लेने में तकलीफ की समस्या बढ़ गई है. इस वक्त एम्स में लालकृष्ण आडवाणी, अमित शाह, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, प्रकाश जावड़ेकर, विजय गोयल और अन्य कई बड़े नेता एम्स में मौजूद हैं.
दरअसल, गुर्दा नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण की शिकायत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को बीते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. 93 वर्षीय वाजपेयी मधुमेह के शिकार हैं और उनका एक ही गुर्दा काम करता है.
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी दी थी. डॉ. गुलेरिया के नेतृत्व में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की देखरेख कर रही है. डॉ. गुलेरिया पिछले 30 वर्षों से वाजपेयी के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं. वाजपेयी काफी समय से बीमार चल रहे हैं.
अटल बिहारी वाजपेयी नई दिल्ली में 6-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते हैं. उन्होंने उठने-बैठने और बोलने में परेशानी होती है. कुछ समय से तो उन्हें लोगों को पहचानने में भी दिक्कत हो रही है. उनके निवास पर ही एम्स के डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख के लिए तैनात थी. बता दें कि जून, 2001 में वाजपेयी के घुटनों का ऑपरेशन हुआ था उसके बाद उनका स्वास्थ लगातार गिरने लगा था.
एम्स की तरफ से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि पिछले 24 घंटों में पूर्व प्रधानमंत्री की तबियत ज्यादा बिगड़ गई है और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. उनकी यूरिन इंफेक्शन और सांस लेने में तकलीफ की समस्या बढ़ गई है. इस वक्त एम्स में लालकृष्ण आडवाणी, अमित शाह, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, प्रकाश जावड़ेकर, विजय गोयल और अन्य कई बड़े नेता एम्स में मौजूद हैं.
दरअसल, गुर्दा नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण की शिकायत के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को बीते 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. 93 वर्षीय वाजपेयी मधुमेह के शिकार हैं और उनका एक ही गुर्दा काम करता है.
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी दी थी. डॉ. गुलेरिया के नेतृत्व में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की देखरेख कर रही है. डॉ. गुलेरिया पिछले 30 वर्षों से वाजपेयी के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं. वाजपेयी काफी समय से बीमार चल रहे हैं.
अटल बिहारी वाजपेयी नई दिल्ली में 6-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते हैं. उन्होंने उठने-बैठने और बोलने में परेशानी होती है. कुछ समय से तो उन्हें लोगों को पहचानने में भी दिक्कत हो रही है. उनके निवास पर ही एम्स के डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख के लिए तैनात थी. बता दें कि जून, 2001 में वाजपेयी के घुटनों का ऑपरेशन हुआ था उसके बाद उनका स्वास्थ लगातार गिरने लगा था.
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