नई दिल्ली : असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन के मसौदे पर देश की राजनीति में आया तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री तथा टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी लगातार केंद्र सरकार पर हमला कर रही हैं. उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि जिनकी खुद की कोई पहचान नहीं है, वे लोग दूसरों की पहचान पर सवालिया निशान लगा रहे हैं. उन्होंने केंद्र को चुनौती दी कि वह एनआरसी को पश्चिम बंगाल में किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देंगी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए बीजेपी पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा, 'वे कौन है? पश्चिम बंगाल में उनके पास क्या महत्व है? कोई उन्हें नहीं जानता है. वे सिर्फ कुछ मूर्ख लोग हैं. उनका खुद का कोई वजूद नहीं है और वे यहां एनआरसी लागू करेंगे? मैं देखती हूं कि वे कैसे हस्तक्षेप करते हैं.'
बता दें कि ममता बनर्जी तीन के दिल्ली दौरे पर हैं. आज गुरुवार को वे पश्चिम बंगाल रवाना हो गईं. दिल्ली प्रवास के दौरान टीएमसी प्रमुख ने तमाम सत्ता और विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर एनआरसी के मुद्दे पर सरकार का विरोध करने की कवायद की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस देश को बांटने पर तुली हुई है. धर्म के नाम पर देश की शांति व्यवस्था और एकता को खत्म करके देश को सांप्रदायिक दंगे की आग में झोंकना चाहती है. ममता ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मोदी सरकार की इस नीति से देश में रक्तपात होगा और गृहयुद्ध के हालात पैदा हो जाएंगे. ममता ने कहा कि भारतीय नागरिक अपनी ही जमीन पर शरणार्थी बन गए हैं.
असम में एनसीआर के पहले मसौदे में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर देश की राजनीति में हलचल मची हुई है. ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर एनआरसी से देश में पैदा होने वाले संभावित हालात से अवगत कराया. उन्होंने सप्रंग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की थी.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जारी होगा फाइनल ड्राफ्ट
हालांकि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि एनआरसी की यह लिस्ट फाइनल नहीं है. यह शुरूआती लिस्ट है और जिन लोगों के नाम इस लिस्ट में नहीं हैं, वे अपने दस्तावेज दाखिल कर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज हैं उनके नाम एनआरसी में शामिल किए जाएंगे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस मुद्दे पर संसद में कह चुके हैं कि एनआरसी का फाइनल मसौदा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तैयार किया जाएगा. इस बीच रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेष से ज़ी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह एक ड्रॉफ्ट है और ड्रॉफ्ट को ड्रॉफ्ट ही समझना चाहिए. इसके ऊपर किसी भी तरह का एक्शन कोई अथॉरिटी नहीं लेगी. उन्होंने बताया कि इसके बाद हमें इस ड्रॉफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रस्तुत करना होगा, उसके बाद फाइनल लिस्ट जारी होगी.
NCR से बाहर हुए लोग भी डाल सकते हैं वोट
सरकार के बाद चुनाव आयोग ने भी आगे आकर साफ किया कि जिन लोगों के पास वोटर कार्ड, आधार कार्ड हैं और उनके नाम एनसीआर में नहीं हैं, वे भी आने वाले चुनावों में अपना वोट डाल सकते हैं.
TMC नेताओं को असम जाने से रोका
एनआरसी के मसौदे के प्रकाशन के बाद असम की स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को यहां आए तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता असम पहुंचे, लेकिन इन नेताओं को सिलचर हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सुखेंदु रॉय ने बताया कि पुलिस ने उनके पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर उन्हें यह कहकर रोक दिया कि उनकी यात्रा से समस्या खड़ी हो सकती है. प्रतिनिधिमंडल में 6 सांसद है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए बीजेपी पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा, 'वे कौन है? पश्चिम बंगाल में उनके पास क्या महत्व है? कोई उन्हें नहीं जानता है. वे सिर्फ कुछ मूर्ख लोग हैं. उनका खुद का कोई वजूद नहीं है और वे यहां एनआरसी लागू करेंगे? मैं देखती हूं कि वे कैसे हस्तक्षेप करते हैं.'
बता दें कि ममता बनर्जी तीन के दिल्ली दौरे पर हैं. आज गुरुवार को वे पश्चिम बंगाल रवाना हो गईं. दिल्ली प्रवास के दौरान टीएमसी प्रमुख ने तमाम सत्ता और विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर एनआरसी के मुद्दे पर सरकार का विरोध करने की कवायद की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस देश को बांटने पर तुली हुई है. धर्म के नाम पर देश की शांति व्यवस्था और एकता को खत्म करके देश को सांप्रदायिक दंगे की आग में झोंकना चाहती है. ममता ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मोदी सरकार की इस नीति से देश में रक्तपात होगा और गृहयुद्ध के हालात पैदा हो जाएंगे. ममता ने कहा कि भारतीय नागरिक अपनी ही जमीन पर शरणार्थी बन गए हैं.
असम में एनसीआर के पहले मसौदे में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर देश की राजनीति में हलचल मची हुई है. ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर एनआरसी से देश में पैदा होने वाले संभावित हालात से अवगत कराया. उन्होंने सप्रंग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की थी.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जारी होगा फाइनल ड्राफ्ट
हालांकि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि एनआरसी की यह लिस्ट फाइनल नहीं है. यह शुरूआती लिस्ट है और जिन लोगों के नाम इस लिस्ट में नहीं हैं, वे अपने दस्तावेज दाखिल कर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज हैं उनके नाम एनआरसी में शामिल किए जाएंगे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस मुद्दे पर संसद में कह चुके हैं कि एनआरसी का फाइनल मसौदा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तैयार किया जाएगा. इस बीच रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेष से ज़ी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह एक ड्रॉफ्ट है और ड्रॉफ्ट को ड्रॉफ्ट ही समझना चाहिए. इसके ऊपर किसी भी तरह का एक्शन कोई अथॉरिटी नहीं लेगी. उन्होंने बताया कि इसके बाद हमें इस ड्रॉफ्ट को सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रस्तुत करना होगा, उसके बाद फाइनल लिस्ट जारी होगी.
NCR से बाहर हुए लोग भी डाल सकते हैं वोट
सरकार के बाद चुनाव आयोग ने भी आगे आकर साफ किया कि जिन लोगों के पास वोटर कार्ड, आधार कार्ड हैं और उनके नाम एनसीआर में नहीं हैं, वे भी आने वाले चुनावों में अपना वोट डाल सकते हैं.
TMC नेताओं को असम जाने से रोका
एनआरसी के मसौदे के प्रकाशन के बाद असम की स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को यहां आए तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता असम पहुंचे, लेकिन इन नेताओं को सिलचर हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सुखेंदु रॉय ने बताया कि पुलिस ने उनके पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर उन्हें यह कहकर रोक दिया कि उनकी यात्रा से समस्या खड़ी हो सकती है. प्रतिनिधिमंडल में 6 सांसद है.
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