अजमेर: ब्लू व्हेल के बाद एक नया गेम मोमो WhatsApp Challenge भीजानलेवा बन रहा है. इस खतरनाक खेल से भारत में पहली मौत की खबर राजस्थान के अजमेर से सामने आई है. यहां मोमो गेम के चक्कर में 10वीं कक्षा की छात्रा ने खुदकुशी कर ली. खबर के मुताबिक छात्रा ने अपने जन्मदिन के तीन दिन बाद पहले हाथ की नस काटी और फिर फांसी लगाकर जान दे दी. छात्रा के मोबाइल में ब्राउजर में मिली हिस्ट्री में मोमो चैलेंज गेम के नियम और उसके शरीर पर बने निशानों से ऐसी आशंका जताई जा रही है.
10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 साल की छात्रा छवि ने अपने जन्मदिन के तीन दिन बाद ही 31 जुलाई को खुदकुशी कर ली थी. हालांकि, लगातार हुई पड़ताल के बाद मोमो चैलेंज की वजह से छात्रा के जान देने की बात सामने आई है. मोबाइल की ब्राउजर हिस्ट्री में मोमो चैलेंज के नियम और छवि के शरीर पर बने निशान इसी ओर संकेत कर रहे है. आपको बता दें, जिस तरह ब्लू व्हेल गेम में बच्चों को कई सारे चैलेंज पूरे करते हुए आखिर में खुद की जान लेने का चैलेंज मिलता था. उसी तरह मोमो चैलेंज में भी आखिरी टास्क खुद की जान लेने का है. छवि ने अपने जन्मदिन के तीन दिन बाद ही खुद को फांसी लगा ली.
छवि के कमरे में मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह अपने जन्मदिन पर ही मर जाना चाहती थी.
क्या है मोमो चैलेंज
दरअसल, यह एक जानलेवा खेल है जो वाट्सऐप पर आधारित है. ब्लू व्हेल चैलेंज की तरह इसमें भी बच्चों को खरतनाक टास्क मिलते हैं. वाट्सऐप पर लोगों के पास फॉरेन के एक नंबर से मैसेज आता है. वाट्सऐप कॉन्टेक्ट में नंबर सेव करने पर खतरनाक तस्वीर वाली प्रोफाइल नजर आती है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मोमो की प्रोफाइल लोगों को पहले फेसबुक पर दिखी. प्रोफाइल तस्वीर में लगा चहरा जापान में 2016 में के संग्रहालय में प्रदर्शित एक मूर्ती से मिलता हुआ चेहरा दिखाई देता है.
लोगों को चैलेंज मनवाने वाला और लोगों के बीच खौफ पैदा करने वाला यह खेल कॉन्सिपिरेसी थ्योरी पर आधारित है. यह खतरनाक खेल सोशल मीडिया के जरिए काफी तेजी से वायरल हो रहा है और दुनिया के कई हिस्सों के लोगों में इस गेम के कारण दहशत का माहौल है.
मोमो चैलेंज से बच्चों को बचाने के लिए करें ऐसा
इस खतरनाक खेल के जाल में बच्चे आसानी से फंस जाते हैं और इस वजह से यह गेम बच्चों के बीच तेजी से फैल रहा है. ऐसे में अभिभावकों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. माता-पिता कुछ सावधानियां बरत कर इस खतरनाक खेल से अपने बच्चों को फंसने से बचा सकते हैं.
- सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें. वह क्या लिख रहे हैं, किस तरह के पोस्ट शेयर कर रहे हैं. इसे नियमित रूप से चैक करें.
- अपने मोबाइल फोन को एंटीवायरस के जरिए सुरक्षित रखें. इससे संदिग्ध लिंक को ओपन करने से पॉप अप आ जाएगा. एंटी वायरस प्रोटेक्शन से फेसबुक, मेसेंजर और वाट्सऐप भी सुरक्षित रहेंगे.
- इस बात का खास ध्यान रखें कि आपके और आपके बच्चे क फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट में परिचित लोगों के ही नबंर हो और फोन को सुरक्षित रखने के लिए उसमें लोक की सुविधा भी रखें.
- अगर आपको बच्चों के व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखे तो उनका ज्यादा ध्यान रखें.
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