Skip to main content

अगर आपके बॉस हमेशा Email से जुड़े रहने की सलाह देते हैं तो हो जाएं चौकन्ने

न्यूयॉर्क: क्या आपके बॉस आपको हमेशा ई-मेल से जुड़े रहने और बिना सीमा के कार्य करने की हिदायत देते हैं? अगर हां, तो यह आपके स्वास्थ्य व सेहत को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आपके परिवारिक रिश्तों में टकराव पैदा कर सकता है. एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है. गैर-कामकाजी घंटों के दौरान मालिकों द्वारा काम की अपेक्षा पर जोर देने के कारण पारिवारिक संबंधों में तनाव पैदा होता है, क्योंकि कर्मचारी घर से काम के इतर भूमिकाएं पूरा करने में असमर्थ होते हैं. अमेरिका के पेंसिलवेनिया स्थित लेहघ विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर लिउबा बेल्किन ने कहा, "ऐसी अपेक्षाएं घातक तनाव पैदा करती हैं, जो न केवल कर्मचारियों की चिंता को बढ़ाने, उनके रिश्ते में संतुष्टि को कम करने और कर्मचारी स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालने का काम करती हैं,

बल्कि यह उनके साथी के स्वास्थ्य और वैवाहिक संतुष्टि धारणाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. कर्मचारियों को हानिकारक प्रभावों का अनुभव करने के लिए अपने आराम के घंटों में काम पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है. यह निष्कर्ष शिकागो में एकेडमी ऑफ मैनेजमैंट की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया.

नौकरी के लिए Email लिखने वालें हैं तो पहले पढ़ लें ये बातें
ईमेल का उपयोग आजकल हम सभी करते हैं, लेकिन क्या कभी आपने इस चीज पर गौर किया है कि इसे लिखने का सही तरीका क्या है. एक जानकार ने ईमेल के जरिए बातचीत की तुलना बारूदी सुरंग से की है. ऐसा इसलिए क्योंकि आपने अगर सही तरीके से मेल लिखा तो काम बन जाएगा लेकिन इसमें अगर गलती हुई तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं. न सिर्फ आप अच्छा जॉब ऑफर खो सकते हैं, बल्कि ये आपकी प्रेजेंट जॉब को भी खतरे में डाल सकता है. मेल लिखना कोई रॉकेट साइंस नहीं है. इसके लिए बस कुछ बिंदुओं को ध्यान में रखना होता है जो किसी भी अच्छे ईमेल की विशेषता होती हैं. तो क्या हैं ये बिंदू ये जानने में हम आपकी मदद करते हैं.

1. मेल में न करें चैटिंग वाली भाषा का इस्तेमाल
आजकल का युवा सबसे ज्यादा बातचीत चैटिंग के जरिए करता है. लेकिन इसमें उपयोग होने वाले एक्सप्रेशन्स का इस्तेमाल ईमेल में करना गलत है. फिर चाहे आप मेल अपने ही किसी हमउम्र कलिग को ही क्यों न भेज रहे हैं. मेल लिखते वक्त ये न भूलें कि आप ऑफिशियल बातचीत कर रहे हैं. भाषा को फॉर्मल रखने के साथ ही अपनी बात साफ-साफ लिखें. हालांकि, इस दौरान भाषा को भी सरल ही रखें ताकि सामने वाले को आपका मेल समझने में दिक्कत न हो.

2. Dear जैसे संबोधन से करें ईमेल की शुरुआत
ईमेल भले ही फॉर्मल बातचीत के लिए हो लेकिन ये बोझिल भी हैं ये जरूरी नहीं. ईमेल की शुरुआत में “dear” या “hope you’re well” जैसे संबोधन से शुरू करना अच्छा माना जाता है. इससे सामने वाला शख्स आपकी मूल बात पढ़ने से पहले थोड़ा रिलेक्स हो जाता है. हालांकि, अपने किसी सीनियर को मेल भेजने पर “dear” का उपयोग न करें. इसकी जगह आप 'sir,hope you’re well' का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस तरह से मेल लिखना आपके कॉन्फिडेंस को भी दिखाता है. ये इस बात का सिग्नल होता है कि आपको पता है कि आप अपने ईमेल में क्या लिख रहे हैं.

3. सरल भाषा वाले ईमेल को मिलता है सबसे अच्छा रिस्पांस
ईमेल की भाषा सरल के साथ ही सटीक हो तो इंप्रेशन अच्छा रहता है. एक सर्वे के मुताबिक, कठिन भाषा के मुकाबले सरल भाषा में लिखे गए मेल को ज्यादा अच्छा रिस्पांस मिलता है. भारी शब्द सामने वाले शख्स को रूड लग सकते हैं. उसे ये लग सकता है कि आप शो-ऑफ करने की कोशिश कर रहे हैं.

4. ज्यादा बनावटी भाषा के इस्तेमाल से बचें
ईमेल में “dear” या “hope you’re well” का इस्तेमाल जहां अच्छा इंप्रेशन छोड़ सकते हैं, वहीं 'call me anytime' और “don’t hesitate to call” जैसे संबोधन मेल को बनावटी बनाते हैं. ऐसे संबोधन मेल पढ़ने वाले को भी असहज कर सकते हैं. दूसरी ओर यदि कोई आपको किसी भी समय फोन लगा दे तो परेशानी आपकी ही बढ़ेगी. ऐसे में आप क्या लिख रहे हैं, सामने वाला उसे किस अंदाज में ले सकता है, इस बात पर गौर जरूर करें.
5. मेल लिखने में हो दिक्कत तो ऑनलाइन टूल का ले सकते हैं सहारा
मेल लिखने में दिक्कत आ रही हो तो आप ऑनलाइन टूल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. बॉस को, कलिग को, जूनियर को, एचआर को मेल लिखते समय क्या अंतर होना चाहिए, या जिस विषय को लेकर आप मेल लिख रहे हैं उसकी भाषा कैसी होनी चाहिए इसे लेकर आप नेट की मदद ले सकते हैं. ये टूल आपको सही जगह सही Punctuation का इस्तेमाल करने में भी मदद करेंगे.

आखिर में मेल को दोबारा जरूर पढ़ें. ऐसा करने से मेल में गलती जाने के चांस कम हो जाएंगे. साथ ही आपको यदि लग रहा हो कि आपका मेल ज्यादा रूड या अनऔपचारिक हो रहा है तो आप उसमें बदलाव भी कर सकते हैं. वहीं अंत में धन्यवाद लिखना न भूलें. किसी को भी थैंक्यू बोलने से उस पर प्रभाव अच्छा जाता है.

Comments

Popular posts from this blog

भूषण स्टील के प्रोपराइटर को फिलहाल नहीं जाना होगा जेल, SC से अंतरिम जमानत बहाल

नई दिल्‍ली :  भूषण स्टील लिमिटेड के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज सिंघलको सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को अपने आदेश में सिंघल को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत को बहाल रखा है. हालांकि हाईकोर्ट में मामले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को अपने पास ट्रांसफर करने का भी आदेश दिया है. दरअसल, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) और केंद्र सरकार ने याचिका दायर कर दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती थी जिसमें हाईकोर्ट ने सिंघल को जमानत दे दी थी. नीरज सिंघल पर आरोप है कि 80 अलग-अलग फर्मों का उपयोग करते हुए भूषण स्टील के बैंक ऋण से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है. सिंघल को आठ अगस्त को कंपनी कानून के तहत केंद्र सरकार के मई 2016 के आदेश के तहत एसएफआईओ की भूषण स्टील लिमिटेड और भूषण स्टील एंड पावर लिमिटेड के कामकाज की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. हाईकोर्ट ने सिंघल को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और दो-दो लाख रुपये के दो जमानती देने का आदेश देते हुए अंतरिम राहत दी थी. नीरज सिंघल ऐसे पहले व्यक्ति...

आत्मघाती होगा राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना : लालू प्रसाद यादव

पटना :  लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. जानकारी के मुताबिक, उन्होंने सीडब्ल्यू की मीटिंग में इस्तीफे की पेशकश की थी और गांधी-नेहरू परिवार से अलग किसी व्यक्ति को अध्यक्ष पद के लिए चुनने के लिए कहा था. राहुल गांधी के इस फैसले को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो और चारा घोटाला के विभिन्न मामलों में सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव ने आत्मघाती करार दिया है. लालू यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, 'राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश आत्मघाती है. विपक्ष का एकमात्र लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता से हटाना था, लेकिन हम इसे राष्ट्रीय धारणा बनाने में असफल रहे. एक चुनाव के परिणाम से देश की वास्तविक्ता नहीं बदल सकती है.'

पद्मश्री-अर्जुन अवॉर्ड से सम्‍मानित इस हॉकी खिलाड़ी का परिवार आज खाने को मोहताज, लौटाएगा सभी अवॉर्ड

वाराणसी:  भारतीय हॉकी टीम  को एक नए मुकाम पर पहुंचाने वाले पूर्व हॉकी कप्तान मोहम्मद शाहिद की पत्नी सरकारी मदद नहीं मिल पाने की वजह से पद्मश्री समेत तमाम अवॉर्डलौटाने की तैयारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से वो सभी अवॉर्डवापस करने को मजबूर हो गई हैं. मोहम्मद शाहिद को पद्मश्री के अलावा बेहतरीन खिलाड़ी के लिए अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया था. 1980 में रूस में आयोजित हुए ओलंपिक खेल में भारत को हॉकी में गोल्ड मेडल मिला था. पूरे टूर्नामेंट में मोहम्मद शाहिद का बहुत बड़ा योगदान रहा था. ओलंपिक गोल्ड मेडल जीताने के बाद उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. 6 साल बाद 1986 में उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.   MediaCard--mediaForward customisable-border" dir="ltr" data-scribe="component:card"> ANI UP  ✔ @ANINewsUP Parvin Shahid, wife of deceased Indian hockey player Mohammed Shahid who was a member of the team that won gold medal at the 1980 Olympic Games, says she will go to Delhi on July 21 to return the aw...