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अमेरिकी राजदूत ने कहा, 'वाजपेयी-बुश के शासन में भारत-अमेरिका संबंध ने छुआ नया स्तर'

नई दिल्ली: अमेरिकी राजदूत केनेथ आई जस्टर ने गुरुवार को कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के शासन में भारत-अमेरिका संबंधों की प्रगति ने नये स्तर को छुआ, जबकि इससे पहले दोनों देशों के बीच रिश्तों में फासले थे. राजदूत ने ये बातें यहां भारत के पूर्व विदेश सचिव और अमेरिका में राजदूत रह चुके ललित मानसिंह के साथ ‘इवॉल्यूशन ऑफ यूएस इंडिया रिलेशनशिप’’ (भारत-अमेरिका संबंधों का विकास) विषय पर चर्चा के दौरान कहीं.

अमेरिकी राजदूत ने कहा, ‘वाजपेयी और बुश के कार्यकाल से पहले तक भारत-अमेरिका के रिश्ते में फासले थे. दोनों नेता इस संबंध को नये स्तर तक ले गए.’ जस्टर से सहमत होते हुए मानसिंह ने कहा,‘हाल के वर्षों से पहले तक भारतीय समुदाय ने विदेश नीति निर्माण में प्रमुख भूमिका नहीं निभाई जबकि भारतीय आव्रजकों ने खुद की पहचान बनायी और सरकार ने संपर्क कार्यक्रम पर ध्यान केन्द्रित किया तथा भारत-अमेरिका संबंधों को बेहतर बनाने के लिये भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय का इस्तेमाल अपने पक्ष में लॉबी तैयार करने के लिए किया.’

वाजपेयी का गुरुवार शाम को एम्स में हुआ निधन 
बता दें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया . वह 93 वर्ष के थे . पूर्व प्रधानमंत्री के निधन की जानकारी देते हुए एम्स के मीडिया एवं प्रोटोकाल डिविजन की अध्यक्ष प्रो. आरती विज ने दी. उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा कि गहरे शोक के साथ हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना दे रहे हैं . एम्स के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री का निधन आज शाम पांच बजकर पांच मिनट पर हुआ .

विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाजपेयी को 11 जून 2018 को एम्स में भर्ती कराया गया था और डाक्टरों की निगरानी में पिछले नौ सप्ताह से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी . एम्स के अनुसार, दुर्भाग्यवश, उनकी स्थिति पिछले 36 घंटों में बिगड़ी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया . हमारे सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद आज हमने उन्हें खो दिया .  एम्स ने कहा कि हम पूरे देश को हुई इस अपूरणीय क्षति एवं दुख में शरीक हैं .

राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वाजपेयी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि सौम्यता की महान मूर्ति अटलजी की कमी सभी को खलेगी . पीएम मोदी ने कहा,‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे. अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था. उनका जाना, एक युग का अंत है.’’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा, ‘‘आज भारत ने अपना एक महान सपूत खो दिया. वाजपेयी जी को करोड़ों लोग स्नेह और सम्मान देते थे. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार एवं चाहने वालों के साथ हैं. हम उनकी कमी महसूस करेंगे.’

नई दिल्ली: अमेरिकी राजदूत केनेथ आई जस्टर ने गुरुवार को कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के शासन में भारत-अमेरिका संबंधों की प्रगति ने नये स्तर को छुआ, जबकि इससे पहले दोनों देशों के बीच रिश्तों में फासले थे. राजदूत ने ये बातें यहां भारत के पूर्व विदेश सचिव और अमेरिका में राजदूत रह चुके ललित मानसिंह के साथ ‘इवॉल्यूशन ऑफ यूएस इंडिया रिलेशनशिप’’ (भारत-अमेरिका संबंधों का विकास) विषय पर चर्चा के दौरान कहीं.

अमेरिकी राजदूत ने कहा, ‘वाजपेयी और बुश के कार्यकाल से पहले तक भारत-अमेरिका के रिश्ते में फासले थे. दोनों नेता इस संबंध को नये स्तर तक ले गए.’ जस्टर से सहमत होते हुए मानसिंह ने कहा,‘हाल के वर्षों से पहले तक भारतीय समुदाय ने विदेश नीति निर्माण में प्रमुख भूमिका नहीं निभाई जबकि भारतीय आव्रजकों ने खुद की पहचान बनायी और सरकार ने संपर्क कार्यक्रम पर ध्यान केन्द्रित किया तथा भारत-अमेरिका संबंधों को बेहतर बनाने के लिये भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय का इस्तेमाल अपने पक्ष में लॉबी तैयार करने के लिए किया.’

वाजपेयी का गुरुवार शाम को एम्स में हुआ निधन 
बता दें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया . वह 93 वर्ष के थे . पूर्व प्रधानमंत्री के निधन की जानकारी देते हुए एम्स के मीडिया एवं प्रोटोकाल डिविजन की अध्यक्ष प्रो. आरती विज ने दी. उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा कि गहरे शोक के साथ हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना दे रहे हैं . एम्स के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री का निधन आज शाम पांच बजकर पांच मिनट पर हुआ .

विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाजपेयी को 11 जून 2018 को एम्स में भर्ती कराया गया था और डाक्टरों की निगरानी में पिछले नौ सप्ताह से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी . एम्स के अनुसार, दुर्भाग्यवश, उनकी स्थिति पिछले 36 घंटों में बिगड़ी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया . हमारे सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद आज हमने उन्हें खो दिया .  एम्स ने कहा कि हम पूरे देश को हुई इस अपूरणीय क्षति एवं दुख में शरीक हैं .

राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वाजपेयी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि सौम्यता की महान मूर्ति अटलजी की कमी सभी को खलेगी . पीएम मोदी ने कहा,‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे. अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था. उनका जाना, एक युग का अंत है.’’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा, ‘‘आज भारत ने अपना एक महान सपूत खो दिया. वाजपेयी जी को करोड़ों लोग स्नेह और सम्मान देते थे. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार एवं चाहने वालों के साथ हैं. हम उनकी कमी महसूस करेंगे.’

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