नई दिल्ली : मेलबर्न में आयोजित इंडियन फिल्म फेस्टिवल में राजकुमार हिरानी की फिल्म 'संजू' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान मिला है. इस इस मौके मनोज बाजपेयी को उनकी आने वाली फिल्म 'गली गुलियां' के लिए बेस्ट एक्टर का सम्मान दिया गया. रानी मुखर्जी की 'हिच्की' फिल्म में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान दिया गया. रानी ने इस फिल्म में टुरेट सेंड्रोम से पीडि़त मरीज का बेहतरीन अभिनय किया है. उन्हें अपने इस अभिनय के लिए इस मौके पर 'एक्सीलेंस इन सिनेमा' सम्मान भी दिया गया. बॉलीवुड अभिनेत्री सिमी गरेवाल ने उन्हें ये सम्मान प्रदान किए. सम्मान मिलने पर रानी ने अपने फैन्स को उनका काम पसंद करने के लिए ध्नयवाद दिया.
राजकुमार हिरानी को मिला सम्मान
राजकुमार हिरानी को 'संजू' फिल्म के निर्देशन के लिए बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान दिया गया.'संजू' फिल्म संजय दत्त की जीवन पर बनी हुई बायोपिक फिल्म है. वहीं इस फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए रणबीर कपूर को भी सम्मानित किया गया. फिल्म के निर्देशक ने इस मौके पर कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल में उनकी फिल्म को सम्मान मिलने से वो काफी खुश हैं. उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म को ला ट्रोब विश्वविद्यालय में दिखया जाएगा. इससे वो काफी उत्साहित हैं. इस मौके पर उनके साथ फिल्म के सह लेखक अभिजात जोशी और विक्की कौशल भी मौजूद थे.
राजकुमार हिरानी को मिला सम्मान
राजकुमार हिरानी को 'संजू' फिल्म के निर्देशन के लिए बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान दिया गया.'संजू' फिल्म संजय दत्त की जीवन पर बनी हुई बायोपिक फिल्म है. वहीं इस फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए रणबीर कपूर को भी सम्मानित किया गया. फिल्म के निर्देशक ने इस मौके पर कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल में उनकी फिल्म को सम्मान मिलने से वो काफी खुश हैं. उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म को ला ट्रोब विश्वविद्यालय में दिखया जाएगा. इससे वो काफी उत्साहित हैं. इस मौके पर उनके साथ फिल्म के सह लेखक अभिजात जोशी और विक्की कौशल भी मौजूद थे.
फिल्म महोत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक विक्की कौशल को फिल्म 'संजू' में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए बेस्ट सपोटिंग एक्टर का सम्मान मिला. वहीं 'लव सोनिया' फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए रिचा चड्ढा को भी सम्मानित किया गया. मेलबर्न में आयोजित इस फिल्म महोत्सव में हर तरफ भारतीय रंग दिखाई दिए. इस सम्मान समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक साफ मिल रही थी. यहां जहां लोग भारतीय परिधानों में दिखाई दिए वहीं ढोल की बीट पर लोगों को नाचते देखा गया. यहां पर पारंपरिक भारतीय क्लेसिकल डांस जैसे उड़ीसा और बंगाल के पारंपरिक नृत्य भी पेश किए गए.
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