नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर उन चुनाव नियमों को चुनौती दी गई है, जिसके तहत चुनाव आयोग द्वारा दिए गए एक उपकरण (कलम) का इस्तेमाल मतदान के क्रम में मतपत्रों को चिह्नित करने के लिए किया जाता है.
याचिका में दलील दी गई है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा सकता है और इसमें संशोधन किया जाना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आज (मंगलवार) इस याचिका के आने की संभावना है.
वरिष्ठ वकील अमित साहनी द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग मतपत्रों को चिह्नित करने के लिए मतदाताओं को एक आम उपकरण (कलम) प्रदान करता है, जिसे आसानी से बदला जा सकता है.
याचिका में कहा गया है कि मतदान करने वाले व्यक्ति के इरादे पर जोर दिया जाना चाहिए, न कि कलम की स्याही पर, जिसे किसी भी उम्मीदवार के आदेश पर बदला जा सकता है.
याचिका में दलील दी गई है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा सकता है और इसमें संशोधन किया जाना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आज (मंगलवार) इस याचिका के आने की संभावना है.
वरिष्ठ वकील अमित साहनी द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग मतपत्रों को चिह्नित करने के लिए मतदाताओं को एक आम उपकरण (कलम) प्रदान करता है, जिसे आसानी से बदला जा सकता है.
याचिका में कहा गया है कि मतदान करने वाले व्यक्ति के इरादे पर जोर दिया जाना चाहिए, न कि कलम की स्याही पर, जिसे किसी भी उम्मीदवार के आदेश पर बदला जा सकता है.
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