नई दिल्ली: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयीकी सेहत गंभीर है, और देश भर में उनके समर्थक उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. साथ ही वो अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बिताए गए पलों और उनसे जुड़ी स्मृतियों को भी एक दूसरे के साथ बांट रहे हैं. उनके साथ लंबे समय तक काम करने वाले भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री राजेश सिंह सेंगर ने बताया, 'अटल जी की सबसे बड़ी खासियत है कि उनका दिल बहुत बड़ा है. यही वजह है कि ऐसा कोई नहीं, जो उन्हें पसंद न करता हो.'
राजेश सिंह सेंगर ने बताया कि दिल्ली में विजय कुमार मल्होत्रा का 75वां जन्मदिन मनाया जा रहा था. इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह मौजूद थे. उन्होंने बताया, 'जब अटल जी के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा कि मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि विजय कुमार मल्होत्रा हम लोगों के साथ सक्रियता से काम करते हुए जीवन के सौ वर्ष पूरे करेंगे.'
इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, 'आप जानते हैं कि मैंने हम लोगों के साथ क्यों कहा? क्योंकि अगर विजय जी जीवन के सौ साल पूरे करेंगे, तो हम अपने आप सौ के पार कर जाएंगे. इस तरह मैं भी सौ साल से अधिक जी जाऊंगा.' इस समय अटल बिहारी वाजपेयी की उम्र 93 साल और विजय कुमार मल्होत्रा की उम्र 86 साल है.

पत्रकार से नेता बनकर क्या सीखा
राजेश सिंह सेंगर अयोध्या आंदोलन के दौरान कानपुर में आरएसएस के जिला प्रचारक थे. उन्होंने बताया कि नगर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में आरएसएस का प्रशिक्षण शिविर चल रहा था. उसमें बौद्धिक देने अटल बिहारी वाजपेयी भी आए. वहां किसी स्वयंसेवक ने उनसे पूछा कि पहले आप पत्रकार थे और अब राजनीति में हैं, तो आप दोनों में क्या बदलाव देखते हैं?
राजेश सिंह सेंगर ने बताया, 'अटल जी ने कहा कि पहले भी लोग मुझे बहुत पसंद करते थे और आज भी मुझे लोग बहुत पसंद करते हैं. लेकिन राजनीति में आने के बाद मैंने जाना कि जो आपको पसंद करते हैं, उनमें से सब आपको वोट नहीं देते. इस तरह बहुत बड़ी बड़ी बातें अटल जी बेहद सरल तरीके से कह जाते थे.'
जातिवाद के विरोधी
उन्होंने बताया, 'लोकसभा के चुनाव चल रहे थे. उन्नाव से बीजेपी ने देवीबक्स सिंह को टिकट दिया था. हम चाहते थे कि उन्नाव में अटल जी का एक कार्यक्रम मिल जाए. जब ये बात उनसे लखनऊ में जाकर उनसे कही, तो उन्होंने कहा कि मेरा कार्यक्रम क्यों चाहिए. आप लोग मेहनत कीजिए और जिताकर लाइए.'
इस पर राजेश सिंह सेंगर ने कहा, 'अपना कंडीडेट ठाकुर है और अपोजिशन ने ब्राह्मणको टिकट दिया है. इसलिए आपका आना जरूरी है. इस पर अटल जी नाराज हुआ और कहा कि आप संघ (आरएसएस) के लोग हैं. सभी जातियों में सामंजस्य बनाना आपका काम है.' हालांकि बाद में अटल बिहारी वाजपेई का कार्यक्रम भी मिला, और बीजेपी कंडीडेट की जीत भी हुई.
राजेश सिंह सेंगर ने बताया कि दिल्ली में विजय कुमार मल्होत्रा का 75वां जन्मदिन मनाया जा रहा था. इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह मौजूद थे. उन्होंने बताया, 'जब अटल जी के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा कि मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि विजय कुमार मल्होत्रा हम लोगों के साथ सक्रियता से काम करते हुए जीवन के सौ वर्ष पूरे करेंगे.'
इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, 'आप जानते हैं कि मैंने हम लोगों के साथ क्यों कहा? क्योंकि अगर विजय जी जीवन के सौ साल पूरे करेंगे, तो हम अपने आप सौ के पार कर जाएंगे. इस तरह मैं भी सौ साल से अधिक जी जाऊंगा.' इस समय अटल बिहारी वाजपेयी की उम्र 93 साल और विजय कुमार मल्होत्रा की उम्र 86 साल है.
पत्रकार से नेता बनकर क्या सीखा
राजेश सिंह सेंगर अयोध्या आंदोलन के दौरान कानपुर में आरएसएस के जिला प्रचारक थे. उन्होंने बताया कि नगर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में आरएसएस का प्रशिक्षण शिविर चल रहा था. उसमें बौद्धिक देने अटल बिहारी वाजपेयी भी आए. वहां किसी स्वयंसेवक ने उनसे पूछा कि पहले आप पत्रकार थे और अब राजनीति में हैं, तो आप दोनों में क्या बदलाव देखते हैं?
राजेश सिंह सेंगर ने बताया, 'अटल जी ने कहा कि पहले भी लोग मुझे बहुत पसंद करते थे और आज भी मुझे लोग बहुत पसंद करते हैं. लेकिन राजनीति में आने के बाद मैंने जाना कि जो आपको पसंद करते हैं, उनमें से सब आपको वोट नहीं देते. इस तरह बहुत बड़ी बड़ी बातें अटल जी बेहद सरल तरीके से कह जाते थे.'
जातिवाद के विरोधी
उन्होंने बताया, 'लोकसभा के चुनाव चल रहे थे. उन्नाव से बीजेपी ने देवीबक्स सिंह को टिकट दिया था. हम चाहते थे कि उन्नाव में अटल जी का एक कार्यक्रम मिल जाए. जब ये बात उनसे लखनऊ में जाकर उनसे कही, तो उन्होंने कहा कि मेरा कार्यक्रम क्यों चाहिए. आप लोग मेहनत कीजिए और जिताकर लाइए.'
इस पर राजेश सिंह सेंगर ने कहा, 'अपना कंडीडेट ठाकुर है और अपोजिशन ने ब्राह्मणको टिकट दिया है. इसलिए आपका आना जरूरी है. इस पर अटल जी नाराज हुआ और कहा कि आप संघ (आरएसएस) के लोग हैं. सभी जातियों में सामंजस्य बनाना आपका काम है.' हालांकि बाद में अटल बिहारी वाजपेई का कार्यक्रम भी मिला, और बीजेपी कंडीडेट की जीत भी हुई.
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